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हीराक्षी को देख बिलखने लगीं सहपाठी छात्राएं... पिता बोले-मेरा हीरा चला गया
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चंडीगढ़। सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल परिसर में शुक्रवार को हादसे में मृतक दसवीं की छात्रा हीराक्षी का शनिवार को सेक्टर-25 स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई देने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। सभी की आंखें नम थीं। बहन हीराक्षी को भाई ने मुखाग्नि दी। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। उनके मुंह से बार-बार एक ही शब्द सुनाई दे रहा था...मेरा हीरा चला गया। स्कूल प्रिंसिपल के भी आंसू नहीं थम रहे थे।
परिजन दोपहर 12 बजे 16 वर्षीय हीराक्षी के पार्थिव शरीर को लेकर सेक्टर-25 श्मशानघाट पंहुचे। हीराक्षी को देख वहां मौजूद हजारों लोगों की आखें एक साथ छलक उठीं। वहां हीराक्षी के परिवार के सदस्यों के अलावा तमाम रिश्तेदार, स्कूल प्रबंधन व अन्य परिचित लोग मौजूद थे। एक कोने में स्कूल की यूनिफॉर्म पहने कुछ छात्राएं पार्थिव शरीर को देख-देख कर बिलख रहीं थी वहीं उन छात्राओं के परिजन उन्हें संभालते और उनके आंसू पोंछते नजर आए। छात्रा को अंतिम विदाई देने सांसद किरण खेर, मेयर सरबजीत कौर, डिप्टी मेयर, एसडीएम, शिक्षा विभाग के निदेशक समेत कई प्रशासनिक अधिकारी व राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे थे। अंतिम विदाई देने पहुंचे हर शख्स के चेहरे पर दर्द साफ दिखाई दे रहा था। लोगों की आंखों से बह रहे आंसू थम नहीं रहे थे।
जब-जब हीराक्षी की सीट को देखेंगे, तब-जब आएगी याद
हीराक्षी को अंतिम विदाई देने के लिए सहपाठी छात्राएं स्कूल ड्रेस में ही पहुंची थीं। एक छात्रा ने रोते हुए कहा कि हीराक्षी का व्यवहार सभी के साथ बहुत अच्छा था। वह क्लास में जिस सीट पर बैठती थी, अब हम जब-जब उस सीट को देखेंगे तब-तब उसकी याद आएगी।
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रात भर नींद नहीं आई
मौके पर मौजूद स्कूल की 12वीं की छात्रा के परिजनों ने बताया कि हीराक्षी से उनकी बेटी की दोस्ती थी। इस दुखद घटना के बाद वह बहुत बेचैन है। इसका सदमा लगने से वह बीती रात को सो भी नहीं पाई है।
प्रशासन को कोस रहा था हर व्यक्ति
अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लगभग हर शख्स के मन में प्रशासन के प्रति नाराजगी थी। सबका कहना था कि यदि समय पर उस पुराने पेड़ पर ध्यान दिया जाता, तो इस तरह का हादसा होता ही नहीं। हीराक्षी के बलिदान को व्यर्थ न कर प्रशासन सभी पेड़ों पर ध्यान दे, जिससे भविष्य में कोई ऐसी अप्रिय घटना न हो।
प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है यह घटना
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला ने कहा कि यह दुखद घटना प्रशासन के लापरवाह रवैये के परिणाम स्वरूप सामने आई है। हेरिटेज संरक्षण के नाम पर जानमाल से खिलवाड़ हो रहा है। इस पर प्रशासन का रोक लगना बेहद जरूरी है।
स्कूल प्रबंधन ने मीडियाकर्मियों से की बदसलूकी
हीराक्षी की अंतिम विदाई में शामिल होने पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ स्कूल प्रबंधन ने बदसलूकी की। प्रबंधन ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और फोन छीनने का प्रयास किया। जबरन फोटो भी डिलीट कराए।
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परिजन दोपहर 12 बजे 16 वर्षीय हीराक्षी के पार्थिव शरीर को लेकर सेक्टर-25 श्मशानघाट पंहुचे। हीराक्षी को देख वहां मौजूद हजारों लोगों की आखें एक साथ छलक उठीं। वहां हीराक्षी के परिवार के सदस्यों के अलावा तमाम रिश्तेदार, स्कूल प्रबंधन व अन्य परिचित लोग मौजूद थे। एक कोने में स्कूल की यूनिफॉर्म पहने कुछ छात्राएं पार्थिव शरीर को देख-देख कर बिलख रहीं थी वहीं उन छात्राओं के परिजन उन्हें संभालते और उनके आंसू पोंछते नजर आए। छात्रा को अंतिम विदाई देने सांसद किरण खेर, मेयर सरबजीत कौर, डिप्टी मेयर, एसडीएम, शिक्षा विभाग के निदेशक समेत कई प्रशासनिक अधिकारी व राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे थे। अंतिम विदाई देने पहुंचे हर शख्स के चेहरे पर दर्द साफ दिखाई दे रहा था। लोगों की आंखों से बह रहे आंसू थम नहीं रहे थे।
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जब-जब हीराक्षी की सीट को देखेंगे, तब-जब आएगी याद
हीराक्षी को अंतिम विदाई देने के लिए सहपाठी छात्राएं स्कूल ड्रेस में ही पहुंची थीं। एक छात्रा ने रोते हुए कहा कि हीराक्षी का व्यवहार सभी के साथ बहुत अच्छा था। वह क्लास में जिस सीट पर बैठती थी, अब हम जब-जब उस सीट को देखेंगे तब-तब उसकी याद आएगी।
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रात भर नींद नहीं आई
मौके पर मौजूद स्कूल की 12वीं की छात्रा के परिजनों ने बताया कि हीराक्षी से उनकी बेटी की दोस्ती थी। इस दुखद घटना के बाद वह बहुत बेचैन है। इसका सदमा लगने से वह बीती रात को सो भी नहीं पाई है।
प्रशासन को कोस रहा था हर व्यक्ति
अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लगभग हर शख्स के मन में प्रशासन के प्रति नाराजगी थी। सबका कहना था कि यदि समय पर उस पुराने पेड़ पर ध्यान दिया जाता, तो इस तरह का हादसा होता ही नहीं। हीराक्षी के बलिदान को व्यर्थ न कर प्रशासन सभी पेड़ों पर ध्यान दे, जिससे भविष्य में कोई ऐसी अप्रिय घटना न हो।
प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है यह घटना
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला ने कहा कि यह दुखद घटना प्रशासन के लापरवाह रवैये के परिणाम स्वरूप सामने आई है। हेरिटेज संरक्षण के नाम पर जानमाल से खिलवाड़ हो रहा है। इस पर प्रशासन का रोक लगना बेहद जरूरी है।
स्कूल प्रबंधन ने मीडियाकर्मियों से की बदसलूकी
हीराक्षी की अंतिम विदाई में शामिल होने पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ स्कूल प्रबंधन ने बदसलूकी की। प्रबंधन ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और फोन छीनने का प्रयास किया। जबरन फोटो भी डिलीट कराए।