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Chandigarh News: निगम का बजट 36 प्रतिशत बढ़ा...सड़क, सीवर, सफाई, स्ट्रीट लाइट चमकेंगी
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नगर निगम को 850 करोड़ रुपये का बजट, अटकी योजनाओं को मिलेगा नई गति
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। केंद्र सरकार की तरफ से नगर निगम को इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 850 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। यह पिछले साल मिली 625 करोड़ रुपये की ग्रांट की तुलना में करीब 36 प्रतिशत अधिक है। लंबे समय से सीमित संसाधनों और बढ़ते खर्चों के चलते निगम को कई मोर्चों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
नगर निगम ने इस वर्ष करीब 1265 करोड़ रुपये की ग्रांट की मांग की थी। हालांकि पूरी राशि नहीं मिली, फिर भी अतिरिक्त सहायता से निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय से अटकी कई योजनाओं को गति मिलेगी।
नगर निगम मेयर सौरभ जोशी ने बजट मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह राशि शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में काम आएगी। सड़कों की मरम्मत और रखरखाव, जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करना, सीवरेज सिस्टम सुधारना और सफाई व्यवस्था बेहतर करना प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही सड़क पार्किंग से जुड़े मामलों का समाधान और निगम कर्मचारियों के रुके वेतन का भुगतान भी इस फंड से संभव होगा।
नगर आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि फंड मिलने से नगर निगम नई विकास योजनाएं तैयार करने का अवसर पाएगा। स्वच्छता अभियानों और शहर के विकास से जुड़े कार्यों को तेजी से लागू किया जा सकेगा। इसका सीधा फायदा नागरिकों को बेहतर सुविधाओं के रूप में मिलेगा और शहर की कार्यप्रणाली सुचारु होगी।
सात साल में सबसे अधिक वृदि्ध
पिछले साल नगर निगम को 625 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली थी। वर्ष 2024-25 के लिए निगम ने 1651.7 करोड़ रुपये की सहायता मांगी थी, जिसमें से 560 करोड़ रुपये ही स्वीकृत हुए थे। वर्ष 2025-26 के लिए 1704 करोड़ रुपये का प्रस्ताव था, लेकिन निगम को 625 करोड़ रुपये ही मिले। पिछले सात सालों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो 10 से 75 करोड़ रुपये की मामूली बढ़ोतरी होती रही, जबकि इस बार ग्रांट में 225 करोड़ रुपये का बड़ा इजाफा हुआ है। नगर निगम के पास अब वित्तीय मजबूती होने से विकास कार्यों और जनसेवाओं पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा। शहर की सफाई, सड़क, पार्क, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार के साथ ही नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाओं का रास्ता साफ होगा।
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चंडीगढ़। केंद्र सरकार की तरफ से नगर निगम को इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 850 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। यह पिछले साल मिली 625 करोड़ रुपये की ग्रांट की तुलना में करीब 36 प्रतिशत अधिक है। लंबे समय से सीमित संसाधनों और बढ़ते खर्चों के चलते निगम को कई मोर्चों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
नगर निगम ने इस वर्ष करीब 1265 करोड़ रुपये की ग्रांट की मांग की थी। हालांकि पूरी राशि नहीं मिली, फिर भी अतिरिक्त सहायता से निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय से अटकी कई योजनाओं को गति मिलेगी।
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नगर निगम मेयर सौरभ जोशी ने बजट मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह राशि शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में काम आएगी। सड़कों की मरम्मत और रखरखाव, जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करना, सीवरेज सिस्टम सुधारना और सफाई व्यवस्था बेहतर करना प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही सड़क पार्किंग से जुड़े मामलों का समाधान और निगम कर्मचारियों के रुके वेतन का भुगतान भी इस फंड से संभव होगा।
नगर आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि फंड मिलने से नगर निगम नई विकास योजनाएं तैयार करने का अवसर पाएगा। स्वच्छता अभियानों और शहर के विकास से जुड़े कार्यों को तेजी से लागू किया जा सकेगा। इसका सीधा फायदा नागरिकों को बेहतर सुविधाओं के रूप में मिलेगा और शहर की कार्यप्रणाली सुचारु होगी।
सात साल में सबसे अधिक वृदि्ध
पिछले साल नगर निगम को 625 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली थी। वर्ष 2024-25 के लिए निगम ने 1651.7 करोड़ रुपये की सहायता मांगी थी, जिसमें से 560 करोड़ रुपये ही स्वीकृत हुए थे। वर्ष 2025-26 के लिए 1704 करोड़ रुपये का प्रस्ताव था, लेकिन निगम को 625 करोड़ रुपये ही मिले। पिछले सात सालों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो 10 से 75 करोड़ रुपये की मामूली बढ़ोतरी होती रही, जबकि इस बार ग्रांट में 225 करोड़ रुपये का बड़ा इजाफा हुआ है। नगर निगम के पास अब वित्तीय मजबूती होने से विकास कार्यों और जनसेवाओं पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा। शहर की सफाई, सड़क, पार्क, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार के साथ ही नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाओं का रास्ता साफ होगा।
