फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The End of Jalandhar, the Deliverance of Banasura... The Pandal Came Alive with Devotion to Shiva.

Chandigarh News: जलंधर का अंत, बाणासुर का उद्धार... शिव भक्ति में झूम उठा पंडाल

Sun, 09 Aug 2026 02:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2026 02:26 AM IST
विज्ञापन
The End of Jalandhar, the Deliverance of Banasura... The Pandal Came Alive with Devotion to Shiva.
चंडीगढ़। भक्ति में डूबे श्रद्धालु... शिव भजनों की मधुर धुन... और व्यासपीठ से भगवान शिव की लीलाओं का ओजस्वी वर्णन। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, पंडाल का माहौल आध्यात्मिक रंग में रंगता गया। सप्तम दिवस पर शिव महापुराण कथा का समापन जलंधर वध और परम शिवभक्त बाणासुर के उद्धार के पावन प्रसंग के साथ हुआ। कथा व्यास पूज्य आचार्य राम कुमार शास्त्री जी ने प्रसंग सुनाया तो श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। पूरा पंडाल देर तक हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा।
विज्ञापन

कथा व्यास ने समुद्र पुत्र जलंधर के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि अपार शक्ति प्राप्त होने के बाद उसके भीतर अहंकार बढ़ता गया। शक्ति के मद में उसने अत्याचार और अधर्म का मार्ग अपना लिया। जब उसके अहंकार और अत्याचार की सीमा पार हो गई तो भगवान शिव को उसका संहार करना पड़ा। आचार्य ने कहा कि सामर्थ्य तभी सार्थक है जब उसके साथ विनम्रता और धर्म बना रहे। अहंकार मनुष्य को चाहे जितनी ऊंचाई पर पहुंचा दे, अंततः उसके पतन का कारण बनता है।
विज्ञापन


भक्त बाणासुर को भी मिला अहंकार से मुक्ति का संदेश
इसके बाद आचार्य राम कुमार शास्त्री ने परम शिवभक्त बाणासुर की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि बाणासुर भगवान शिव का अनन्य भक्त था। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे अपनी शरण और संरक्षण दिया लेकिन समय के साथ उसके भीतर भी अहंकार जन्म लेने लगा। भगवान शिव ने उसके अहंकार का अंत किया और अंततः उसे अपनी शरण में लेकर अभयदान दिया। आचार्य ने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि भगवान शिव अपने भक्तों की भक्ति स्वीकार करने के साथ उनके भीतर के अहंकार को भी दूर करते हैं। सच्ची भक्ति वही है, जिसमें मनुष्य अपने अहंकार का त्याग कर भगवान की शरण स्वीकार करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


भजनों पर झूमे श्रद्धालु, गूंजे जयकारे
कथा के समापन चरण में भगवान शिव के भजनों की धुन शुरू हुई तो श्रद्धालु अपनी जगह पर खड़े होकर झूमने लगे। देखते ही देखते पूरा पंडाल भक्ति के उल्लास में डूब गया। चारों ओर हर-हर महादेव और बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजने लगे। श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर भगवान शिव का स्मरण किया और भक्तिमय वातावरण के बीच सप्तम दिवस की कथा का भावपूर्ण विश्राम हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed