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Chandigarh News: फिटनेस बढ़ाने और आत्मरक्षा सिखाने का मजबूत माध्यम बन रहा गतका का खेल
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चंडीगढ़। सिखों की पारंपरिक मार्शल आर्ट गतका को चंडीगढ़ में नया मुकाम मिल रहा है। संत-सिपाही परंपरा से निकला यह युद्ध कौशल अब आधुनिक खेल के रूप में युवाओं को जोड़ रहा है। गुरु अर्जन देव जी की शहादत के बाद 1606 में गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने सिखों को घुड़सवारी, तीरंदाजी और तलवारबाजी का प्रशिक्षण देकर संत-सिपाही बनने की प्रेरणा दी। यहीं से गतका का विकास हुआ। शहर के युवा गतका के खेल में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्हें प्रशिक्षण देने के लिए असिस्टेंट कोच, सर्टिफाइड कोच, सीनियर कोच, गतका मास्टर से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल कोच तक मौजूद हैं।
सेक्टर-22 गुरुद्वारे से शुरू हुआ सफर
चंडीगढ़ में सबसे पुराना गतका प्रशिक्षण केंद्र सेक्टर-22डी स्थित गुरुद्वारा साहिब का ऐतिहासिक गतका अखाड़ा है। वर्ष 2002 में स्थापित यह अखाड़ा आज चंडीगढ़ गतका एसोसिएशन का मुख्यालय भी है। एसोसिएशन 2011 में आधिकारिक रूप से पंजीकृत हुई और गतका को भारत के पारंपरिक खेल के रूप में बढ़ावा दे रही है।
शहर के 8 अखाड़ों में हो रहा प्रशिक्षण
एसोसिएशन से 8 सक्रिय अखाड़े जुड़े हैं। इनमें गतका अखाड़ा गुरुद्वारा साहिब सेक्टर-22डी, बाबा जोरावर सिंह-बाबा फतेह सिंह गतका अखाड़ा सेक्टर-41, गतका अखाड़ा सेक्टर-30, गतका अखाड़ा सेक्टर-49, गुरुद्वारा सिंह शहीदां गतका अखाड़ा सोहाना (मोहाली), गतका अखाड़ा सेक्टर-67 (मोहाली), डीएसएम गतका अकादमी पिंजौर और गतका अखाड़ा सेक्टर-47 शामिल हैं। इन केंद्रों में बच्चों, युवाओं, वयस्कों और वेटरन वर्ग तक को उम्र और फिटनेस के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जाता है।
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“हमारा मकसद सिर्फ खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि गतका के जरिए युवाओं में अनुशासन, साहस, नेतृत्व, विनम्रता और सेवा भाव पैदा करना है। गतका आज सिख विरासत को बचाने, फिटनेस बढ़ाने और आत्मरक्षा सिखाने का मजबूत माध्यम बन चुका है।”
— सिमरनजीत सिंह, सचिव, चंडीगढ़ गतका एसोसिएशन
सेक्टर-22 गुरुद्वारे से शुरू हुआ सफर
चंडीगढ़ में सबसे पुराना गतका प्रशिक्षण केंद्र सेक्टर-22डी स्थित गुरुद्वारा साहिब का ऐतिहासिक गतका अखाड़ा है। वर्ष 2002 में स्थापित यह अखाड़ा आज चंडीगढ़ गतका एसोसिएशन का मुख्यालय भी है। एसोसिएशन 2011 में आधिकारिक रूप से पंजीकृत हुई और गतका को भारत के पारंपरिक खेल के रूप में बढ़ावा दे रही है।
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शहर के 8 अखाड़ों में हो रहा प्रशिक्षण
एसोसिएशन से 8 सक्रिय अखाड़े जुड़े हैं। इनमें गतका अखाड़ा गुरुद्वारा साहिब सेक्टर-22डी, बाबा जोरावर सिंह-बाबा फतेह सिंह गतका अखाड़ा सेक्टर-41, गतका अखाड़ा सेक्टर-30, गतका अखाड़ा सेक्टर-49, गुरुद्वारा सिंह शहीदां गतका अखाड़ा सोहाना (मोहाली), गतका अखाड़ा सेक्टर-67 (मोहाली), डीएसएम गतका अकादमी पिंजौर और गतका अखाड़ा सेक्टर-47 शामिल हैं। इन केंद्रों में बच्चों, युवाओं, वयस्कों और वेटरन वर्ग तक को उम्र और फिटनेस के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जाता है।
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— सिमरनजीत सिंह, सचिव, चंडीगढ़ गतका एसोसिएशन