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पीएम ने की थी सोना न खरीदने की अपील: चंडीगढ़ का सराफा बाजार फिर भी गुलजार, इस ट्रेंड से लाैटी राैनक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 18 May 2026 10:27 AM IST
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सार
चंडीगढ़ ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक इस पहल से सिर्फ सर्राफा कारोबार ही नहीं बल्कि सोना कारीगरों, पैकेजिंग इंडस्ट्री और मार्केटिंग सेक्टर को भी बड़ा सहारा मिलेगा। नए आभूषणों के ऑर्डर बढ़ने से स्थानीय वर्कशॉप्स में कामकाज तेज होने लगा है।
चंडीगढ़ में पुराना सोना दो नया लो का ट्रेंड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद अब शहर में पुराने सोने के बदले नए आभूषण लेने का ट्रेंड तेजी से बढ़ने लगा है। चंडीगढ़ के सराफा बाजार में पिछले तीन दिनों में इस बदलाव का असर साफ दिखाई दिया है।
सेक्टर-22, सेक्टर-17, सेक्टर-35 और मनीमाजरा स्थित ज्वेलरी शोरूम्स में 50 से अधिक ग्राहक पुराने या पुश्तैनी गहने लेकर नए डिजाइन के आभूषण बनवाने पहुंचे। ज्वेलर्स कारोबारियों के मुताबिक अब लोग नया सोना खरीदने के बजाय पुराने सोने को एक्सचेंज करवाने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। इसकी बड़ी वजह ग्राहकों को पुराने सोने पर 100 फीसदी एक्सचेंज वैल्यू मिलना है। ऐसे में वर्षों से लॉकरों में रखा पुश्तैनी सोना अब बाजार में लौटने लगा है।
सेक्टर-22, सेक्टर-17, सेक्टर-35 और मनीमाजरा स्थित ज्वेलरी शोरूम्स में 50 से अधिक ग्राहक पुराने या पुश्तैनी गहने लेकर नए डिजाइन के आभूषण बनवाने पहुंचे। ज्वेलर्स कारोबारियों के मुताबिक अब लोग नया सोना खरीदने के बजाय पुराने सोने को एक्सचेंज करवाने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। इसकी बड़ी वजह ग्राहकों को पुराने सोने पर 100 फीसदी एक्सचेंज वैल्यू मिलना है। ऐसे में वर्षों से लॉकरों में रखा पुश्तैनी सोना अब बाजार में लौटने लगा है।
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कारीगरी यूनिट्स में दोबारा रौनक लौटेगी
चंडीगढ़ ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक इस पहल से सिर्फ सर्राफा कारोबार ही नहीं बल्कि सोना कारीगरों, पैकेजिंग इंडस्ट्री और मार्केटिंग सेक्टर को भी बड़ा सहारा मिलेगा। नए आभूषणों के ऑर्डर बढ़ने से स्थानीय वर्कशॉप्स में कामकाज तेज होने लगा है। लंबे समय से धीमी पड़ी कारीगरी यूनिट्स में अब दोबारा रौनक लौटने की उम्मीद है।इंडस्ट्रियल एरिया स्थित पैकेजिंग और बॉक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को भी इसका लाभ मिलने लगा है। ज्वेलरी पैकेजिंग के लिए प्रीमियम गिफ्ट बॉक्स, वेलवेट पाउच और डिजाइनर कैरी बैग्स की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
चंडीगढ़ में है लगभग 30 टन पुराना सोना
सर्राफा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि चंडीगढ़ में करीब 20 से 30 टन पुराना सोना मौजूद होने का अनुमान है।शहर की आबादी लगभग 12 से 13 लाख है। यदि प्रति परिवार औसतन 80 से 100 ग्राम सोना माना जाए तो यह आंकड़ा आसानी से 20 से 30 टन तक पहुंचता है। इसमें पुश्तैनी गहने, सिक्के और पुराने आभूषण शामिल हैं।
कारोबारियों का कहना है कि चंडीगढ़ के लोग हमेशा से मॉडर्न और ट्रेंडी ज्वेलरी पसंद करते हैं। ऐसे में अब लोग पुराने भारी गहनों के बदले हल्के वजन और एंटीक डिजाइन वाले आभूषण बनवा रहे हैं। इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ी है और कारोबार में नई तेजी आई है।