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Chhattisgarh News: महापरीक्षा अभियान 2025 में 90.85% परिणाम, 984 पूर्व नक्सलियों ने चुनी शिक्षा की राह

अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Thu, 12 Feb 2026 12:28 PM IST
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सार

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 7 दिसंबर 2025 को आयोजित महापरीक्षा अभियान के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं।

90.85% result in Mahapariksha Abhiyan 2025, 984 alumni chose the path of education in Chhattisgarh
महापरीक्षा अभियान 2025 में 90.85% परिणाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 7 दिसंबर 2025 को आयोजित महापरीक्षा अभियान के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस), नई दिल्ली द्वारा जारी नतीजों में प्रदेश का कुल परीक्षा परिणाम 90.85 प्रतिशत रहा है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश भर से 4 लाख 55 हजार 44 शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 4 लाख 13 हजार 403 प्रतिभागी उत्तीर्ण हुए हैं।
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वर्गवार परिणाम में 1 लाख 37 हजार 350 पुरुष शिक्षार्थियों में से 1 लाख 23 हजार 743 पास हुए। 3 लाख 17 हजार 617 महिला शिक्षार्थियों में से 2 लाख 89 हजार 597 ने सफलता हासिल की। वहीं 77 ट्रांसजेंडर शिक्षार्थियों में से 63 ने परीक्षा उत्तीर्ण कर समावेशी शिक्षा की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया। इस अभियान की विशेष उपलब्धि यह रही कि पहली बार बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से 984 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने परीक्षा में भाग लिया। उन्होंने हथियार छोड़ शिक्षा को अपनाकर विकास की नई राह चुनने का संदेश दिया। इसके अलावा प्रदेश की विभिन्न जिला जेलों के लगभग 795 बंदियों ने भी परीक्षा में शामिल होकर मुख्यधारा से जुड़ने की पहल की।
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अभियान में वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। दुर्ग जिले के मोहलनाय गांव की 98 वर्षीय दुधी बाई और जरवई के 82 वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति सहित कई वरिष्ठ नागरिकों ने परीक्षा देकर यह साबित किया कि शिक्षा की कोई आयु सीमा नहीं होती। कई स्थानों पर परिवार की तीन पीढ़ियों ने एक साथ परीक्षा दी, वहीं दिव्यांग शिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। महापरीक्षा अभियान को सफल बनाने में शासकीय-अशासकीय सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला एवं जनपद स्तर पर कलेक्टरों और अधिकारियों ने बैठकों, सोशल मीडिया और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। प्रभात फेरियों, मशाल रैलियों और वेबीनार के जरिए सकारात्मक शैक्षिक वातावरण तैयार किया गया।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अभियान की सफलता पर सभी संबंधितों को बधाई दी और आगामी मार्च में होने वाले परीक्षा अभियान में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
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