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Ambikapur: बाल सुधार गृह से 15 अपचारी बालक फरार, पांच पकड़े; सुरक्षा गार्ड को पीटा और फरार हो गए
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 17 Feb 2026 03:31 PM IST
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सार
सोमवार रात भोजन के बाद 15 बालकों ने सुरक्षा गार्ड को पीटा और फरार हो गए। पुलिस ने पांच को पकड़ लिया है। जिसमें से 10 की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि तीन को ट्रेस कर लिया गया है।
प्लेस ऑफ सेफ्टी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरगुजा जिले के गांधी नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिशुनपुर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी से सोमवार रात 15 अपचारी बालकों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन बालकों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड पर हमला कर परिसर की दीवार फांदकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच बालकों को पकड़ लिया है, जबकि दस अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
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मिली जानकारी के मुताबिक, प्लेस ऑफ सेफ्टी की क्षमता 25 बालकों की है, लेकिन घटना के समय यहां 36 अपचारी बालक रखे गए थे। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से कुछ बालकों की उम्र 18 वर्ष से अधिक हो चुकी थी, इसके बावजूद उन्हें बाल सुधार गृह में ही रखा गया था। यह एक गंभीर जांच का विषय बन गया है, जो नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है।
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हमला कर दीवार फांदकर भागे
सोमवार रात करीब 9 बजे, भोजन के बाद जब अपचारी बालकों को उनके वार्ड में ले जाया जा रहा था, तभी अचानक उन्होंने सुरक्षा गार्ड पर हमला कर दिया। इस अफरातफरी का फायदा उठाकर 15 बालक दीवार फांदकर फरार होने में सफल रहे। प्लेस ऑफ सेफ्टी के प्रभारी हाउस फादर भानू प्रताप ने बताया कि घटना के समय तीन गार्ड ड्यूटी पर थे। एक गार्ड पर हमला होने के बाद जब तक अन्य गार्ड मौके पर पहुंचते, तब तक अधिकांश बालक भाग चुके थे।
अधीक्षक ने घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने देर रात ही तलाश अभियान शुरू किया। इस दौरान तीन बालकों को पकड़ लिया गया, जबकि दो बालक स्वयं लौट आए। शेष दस फरार बालकों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, फरार हुए अधिकांश बालक कोरिया, सूरजपुर और सरगुजा जिलों के निवासी हैं। बाल सुधार गृह में 14 से 18 वर्ष से कम उम्र के उन किशोरों को रखा जाता है जो हत्या, चोरी, दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे हों। 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें केंद्रीय जेल भेजे जाने का प्रावधान है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
इधर, फरार बालकों में से तीन को बिलासपुर शहर में ट्रेस किए जाने की सूचना मिली है। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम रवाना हो गई है, जबकि अन्य फरार बालकों की तलाश लगातार जारी है। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास अधिकारी जे आर प्रधान से उनका पक्ष लेने मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।