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अंबिकापुर: क्रिप्टोकरेंसी ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 10 हजार के निवेश पर 1 लाख का लालच देकर ठगते, पांच गिरफ्तार
Tue, 21 Jul 2026 08:13 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 08:13 PM IST
सार
अंबिकापुर में पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर कई गुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर कम समय में कई गुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का मणिपुर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आज कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्पीकर, मोबाइल फोन, डायरी समेत अन्य सामग्री जब्त की गई है। मामले में शामिल कुछ अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, इंदरपुर निवासी विद्याचरण राव की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि त्रिपाल टोप्पो के माध्यम से उसकी मुलाकात उदयपुर निवासी राजकुमार पैकरा से हुई थी। राजकुमार ने बिटगेट वॉलेट नामक क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म में 10 हजार रुपये निवेश करने पर एक वर्ष में एक लाख रुपये मिलने का लालच दिया। इसके बाद 19 जुलाई को अंबिकापुर के होटल फिल आनंदम में आयोजित सेमिनार के दौरान प्रार्थी से 10 हजार रुपये लेकर निवेश कराया गया।
शिकायत के आधार पर थाना मणिपुर में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने कांता प्रसाद राजवाड़े, राजकुमार पैकरा, जीवन साय टोप्पो, फिरोज लकड़ा और मुकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बिलासपुर निवासी त्रिभुवन साहू और रमाशंकर साहू के संपर्क में रहकर विभिन्न स्थानों पर सेमिनार आयोजित करते थे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर कम समय में कई गुना लाभ मिलने का भरोसा देकर नकद एवं ऑनलाइन राशि जमा कराई जाती थी। जांच में ठगी के साक्ष्य मिलने पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 317(4) भी जोड़ी गई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्पीकर, मोबाइल फोन, डायरी, नोटबुक सहित अन्य सामग्री जब्त कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस को पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि इस तरह के सेमिनार छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों तथा दूसरे राज्यों में भी आयोजित किए गए हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अधिक मुनाफे के लालच में किसी भी अप्रमाणित ऑनलाइन ऐप या निवेश योजना में धन निवेश न करें तथा किसी भी निवेश से पहले उसकी वैधता की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
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पुलिस के अनुसार, इंदरपुर निवासी विद्याचरण राव की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि त्रिपाल टोप्पो के माध्यम से उसकी मुलाकात उदयपुर निवासी राजकुमार पैकरा से हुई थी। राजकुमार ने बिटगेट वॉलेट नामक क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म में 10 हजार रुपये निवेश करने पर एक वर्ष में एक लाख रुपये मिलने का लालच दिया। इसके बाद 19 जुलाई को अंबिकापुर के होटल फिल आनंदम में आयोजित सेमिनार के दौरान प्रार्थी से 10 हजार रुपये लेकर निवेश कराया गया।
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शिकायत के आधार पर थाना मणिपुर में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने कांता प्रसाद राजवाड़े, राजकुमार पैकरा, जीवन साय टोप्पो, फिरोज लकड़ा और मुकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बिलासपुर निवासी त्रिभुवन साहू और रमाशंकर साहू के संपर्क में रहकर विभिन्न स्थानों पर सेमिनार आयोजित करते थे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर कम समय में कई गुना लाभ मिलने का भरोसा देकर नकद एवं ऑनलाइन राशि जमा कराई जाती थी। जांच में ठगी के साक्ष्य मिलने पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 317(4) भी जोड़ी गई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्पीकर, मोबाइल फोन, डायरी, नोटबुक सहित अन्य सामग्री जब्त कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस को पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि इस तरह के सेमिनार छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों तथा दूसरे राज्यों में भी आयोजित किए गए हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अधिक मुनाफे के लालच में किसी भी अप्रमाणित ऑनलाइन ऐप या निवेश योजना में धन निवेश न करें तथा किसी भी निवेश से पहले उसकी वैधता की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।