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Surguja News: आदिवासी बच्चियों के साथ दरिंदगी, मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि; छह आरोपी गिरफ्तार

अमर उजाला नेटवर्क, सरगुजा Published by: अंबिकापुर ब्यूरो Updated Thu, 30 Apr 2026 02:23 PM IST
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सार

सरगुजा के सीतापुर में दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। शुरुआती रिपोर्ट पर सवाल उठे हैं। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।

Six accused arrested in gang misdeed case of minor tribal girls in Surguja
सांकेतिक
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विस्तार

सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में 24 अप्रैल को दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में नया अपडेट सामने आया है। ताजा मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म से इन्कार किए जाने को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

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मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराए गए परीक्षण के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। घटना के बाद सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में दुष्कर्म होने से इन्कार किया था। अब मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट इसके विपरीत आने पर स्थानीय डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पीएस मार्को ने प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की संभावना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट पुलिस को दे दी गई है। घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। घटना के छह दिन बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। सरगुजा पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है।

क्या है पूरा मामला
24 अप्रैल को चार नाबालिग बच्चियां अपने घर के पास एक बस्ती में शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। लौटते समय 6 से 7 आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। दो बच्चियां किसी तरह भागने में सफल रहीं। अन्य दो बच्चियों को आरोपियों ने अपने कब्जे में लेकर सामूहिक दुष्कर्म किया। उनके साथ मारपीट भी की गई थी। पीड़िताएं विशेष पिछड़ी जनजाति मांझी समुदाय से संबंध रखती हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

पुलिस कार्रवाई 
लगातार दबाव के बाद 26 अप्रैल को पुलिस ने एक पीड़िता की शिकायत पर प्रियांशु खलखो, आशीष, राहुल समेत एक अन्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ। पुलिस ने यह कार्रवाई लगातार बढ़ते दबाव के बाद की। इस घटना को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की है।

टीएस सिंह देव की टिप्पणी
छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि 13-14 साल की स्कूली बच्चियां शादी से लौटते वक्त दरिंदगी का शिकार हुईं। उन्हें मोटरसाइकिल पर कई अपराधियों ने अगवा किया था। कानूनी कार्रवाई बाधित होने और एफआईआर दर्ज कराने के लिए पीड़ितों को संघर्ष करने पर उन्होंने सवाल उठाए। देव ने कहा कि जब न्याय की पहली सीढ़ी ही मुश्किल हो, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने दोषियों को कठोर और उदाहरणीय सजा देने की मांग की, ताकि ऐसे अपराध दोबारा न होंगे।

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