Bhatapara: कांग्रेस ने भाजपा के पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा पर लगाए आरोप, कहा- ले रहे झूठा श्रेय
कांग्रेस नेता ने पूर्व विधायक शर्मा पर झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पूर्व में भी कोर्ट भवन, कॉलेज बिल्डिंग निर्माण, सहित सेमरिया घाट में उच्च स्तरीय ब्रिज के अलावा अनेकों डामरीकृत मार्ग की राशि उन्होंने बजट में स्वीकृत कराई थी। उसका भी श्रेय लेने के लिए पेपर बाजी की थी।
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भाटापारा कांग्रेस विधायक इंद्र साव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष अरुण यादव एवं अशोक ध्रुव ने भाजपा के पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा पर आरोप लगाया। साथ ही कहा है कि शिवरतन शर्मा पेपरबाजी कर झूठा श्रेय लेने की की होड़ में हैं। आपको बता दें कि भाटापारा विधानसभा में विकास कार्यो के लिए राज्य सरकार ने 15वें वित्त आयोग के अनटाईड ग्राण्ट अंतर्गत 1 करोड़ 14 लाख 37 हजार की स्वीकृति दी है, जिसमें भाटापारा भाजपा के पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा की अनुशंसा में मिली स्वीकृति की प्रेस विज्ञप्ती सोशल मीडिया पर जारी की गई थी और प्रिंट मीडिया एवं सोशल मीडिया में प्रकाशित हुई थी।
जिसमें अब भाटापारा के कांग्रेस विधायक इदर साव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष अरुण यादव एवं अशोक ध्रुव ने खंडन करते हुए सोशल मीडिया में प्रेस विज्ञप्ती जारी करते हुए पूर्व विधायक पर श्रेय लेने का आरोप लगाया है। जिसमें लिखा है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भाटापारा शहर में बनने वाले 2 बड़े नालों के लिए 15वें वित्त आयोग से एक करोड़ से ज्यादा रुपयों की राशि विधायक इदर साव की सक्रियता के कारण स्वीकृत हुई है, जिसका झूठा श्रेय पूर्व विधायक शर्मा द्वारा लेने का ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष अरुण यादव एवं अशोक ध्रुव ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर खंडन किया है।
कांग्रेस के ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष यादव एवं ध्रुव ने अपने एक संयुक्त बयान में बताया कि क्षेत्र के विधायक इदर साव लगातार क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृति करा रहे है और विधानसभा पटल पर भी क्षेत्र हित की मांगों को सरकार के समक्ष उठा रहे है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि विधायक इदर साव के अथक प्रयास और मेहनत से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भाटापारा शहर में बनने वाले 2 बड़े नालों के लिए 15वें वित्त आयोग से लिंक रोड स्थित नाले के लिए 57 लाख 70 हजार रुपये की राशि तथा लाल बहादुर वार्ड स्थित नाले के लिए लगभग 56 लाख 67 हजार रुपये की राशि स्वीकृत कराई है, इस कार्य को जबरन रुकवा कर रखा गया था और अब स्वीकृत होने पर झूठा श्रेय पूर्व विधायक शर्मा पेपरबाजी कर लेने का कुंठित प्रयास कर रहे है। कांग्रेस नेता यादव और ध्रुव ने पूर्व विधायक शर्मा पर झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पूर्व में भी कोर्ट भवन, कॉलेज बिल्डिंग निर्माण, सहित सेमरिया घाट में उच्च स्तरीय ब्रिज, अनेकों डामरीकृत मार्ग की राशि विधायक साव ने बजट में स्वीकृत कराई थी, उसका भी श्रेय लेने के लिए पेपर बाजी की थी।
साथ ही कहा कि अगर श्रेय लेने का शौक है तो भाटापारा आए मुख्यमंत्री से भाटापारा को जिला बनाने की घोषणा क्यों नहीं कराई? जनता को बेवकूफ बनाने को अपने कार्यकाल में विधानसभा में अशासकीय संकल्प लाए थे और जब प्रदेश में फिर भाजपा सरकार बन गई तो जिले के मुद्दे पर मौन साध लिया, जबकि पिछले वर्ष चुनावी सभा में असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वसरमा की लोकोत्सोव मैदान में हुई सभा में पूर्व विधायक ने कहा था कि प्रदेश में भाजपा सरकार आयेगी तो भाटापारा को जिला बनाया जाएगा, पूर्व विधायक शर्मा को यह बात जनता को बतानी चाहिये।
प्रदेश में सत्तासीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री जब भाटापारा में आम सभा को संबोधित करने आये थे और इसी मंच पर पूर्व विधायक शर्मा को अपने पूर्व घोषणा अनुरूप भाटापारा को पृथक स्वतंत्र जिला निर्माण कराने की महत्वपूर्ण, जीवंत और ज्वलंत मांग को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पूरा कराना था। लेकिन उन्होंने दुर्भावनावश क्षेत्र की जीवंत, ज्वलंत, जायज माँग को नहीं रखकर पूरे विधानसभा के विकास और प्रगति पर कुठाराघात कर दिया।
वहीं कांग्रेस के शासनकाल में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जनता जनार्दन से मिलने अपने भेट-मुलाकात कार्यक्रम में ग्राम कड़ार आने वाले थे तब तत्कालीन विधायक शर्मा ने भाटापारा की सड़कों पर रैली निकाल कर भाटापारा को जिला बनाने धरना प्रदर्शन किया था। इस पर अभी तक कुछ नहीं बोल रहे है। कांग्रेस नेताओं ने पूर्व विधायक से सवाल दागते हुए पूछा कि वे बताए कि जिले के लिए स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय जो खम्हरिया गांव में बनना था, उसे किसके कहने पर या दबाव में दूसरे ब्लाक में भेजा गया? अभी हाल ही में नालंदा की तर्ज पर छात्र छात्राओं के लिए लाइब्रेरी की घोषणा हुई, उसमे भाटापारा का नाम क्यों नहीं? भाटापारा नगर पालिका से पूरे प्रदेश में बड़ी नगर पालिका में गिनी जाती है, फिर शहर को शिक्षा हब बनाने का श्रेय लेने वाले पूर्व विधायक शर्मा क्यों सैकड़ों बच्चों के भविष्य और उनके पालक गणों के सपने को चकनाचूर करते हुए भाटापारा का नाम 500 सीटर नालंदा परिसर की तर्ज पर बनने वाली लाइब्रेरी के लिए नहीं जुड़वा पाए?
शहर के व्यापारियों नागरिकों के लिए पिछले 5 साल से एक भी ट्रेन नहीं रुकवा पाए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भाटापारा में अपर कलेक्टर कार्यालय की स्थापना, इंडोर स्टेडियम निर्माण करने की घोषणा की थी जिसका आज तक अता-पता भी नहीं है, भाटापारा सहित आसपास के लगभग सात लाख आबादी के लिये भाटापारा अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति विशेषज्ञ महिला डाक्टर का न होना भाजपा की कथनीं और करनी के अंतर को दर्शाता है।