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बेमेतरा: दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी का सिरप देने पर लगा प्रतिबंध, एडवाइजरी जारी
Tue, 07 Oct 2025 08:14 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतरा
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतरा
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 07 Oct 2025 08:14 PM IST
सार
भारत सरकार के स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए।
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कफ सिरप
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
भारत सरकार के स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने व उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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एडवाइजरी जारी होते ही बेमेतरा स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सिविल सर्जन व सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डॉ अमृत लाल रोहलेडर ने सभी शासकीय व निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें। खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए। इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
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विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारी अपने आप ठीक हो जाती हैं। इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा। छग मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन दो कंपनी के खिलाफ अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनी सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं। यह तथ्य राज्य में सरकारी स्तर पर आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता और सतर्कता की पुष्टि करता है।
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