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Bijapur: मूसलाधार बारिश भी नहीं डिगा सकी हौसला, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में मैराथन से गूंजा संरक्षण का संदेश
Thu, 30 Jul 2026 04:51 PM IST
बीजापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: बीजापुर ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 04:51 PM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर बीजापुर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बारिश के बावजूद 'रन फॉर इंद्रावती' मैराथन, छात्र प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सैकड़ों लोगों ने बाघ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
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इंद्रावती टाइगर रिजर्व में मैराथन से गूंजा संरक्षण का संदेश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीजापुर जिले में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि वन्यजीव संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा भागीदारी से ही सफल हो सकता है। लगातार हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने मैराथन, छात्र प्रतियोगिताओं और जागरूकता कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर बाघ संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
देश के चौथे सबसे बड़े टाइगर रिजर्व इंद्रावती में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर आयोजित जनजागरूकता अभियान में युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं और विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन इंद्रावती टाइगर रिजर्व और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'रन फॉर इंद्रावती' मैराथन रही। 5 और 10 किलोमीटर की इस दौड़ में बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 150 धावकों ने बारिश के बीच दौड़ पूरी कर वन और वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया। मैराथन को कलेक्टर विश्वदीप ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि बाघों और जंगलों की सुरक्षा में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
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अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, पेंटिंग, कविता और भाषण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। जिले के नौ विद्यालयों के बच्चों ने जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और बाघों के महत्व पर अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों का उत्साह इस बात का संकेत था कि नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर और जागरूक है।
समापन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा मुख्य अतिथि रहीं। पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बच्चों और युवाओं में जागरूकता पैदा करने से होती है और इस तरह के आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में उप निदेशक संदीप बलगा, एसडीओ मनोज बघेल, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में मैराथन और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि लोगों को प्रकृति, जंगल और वन्यजीव संरक्षण के प्रति लगातार जागरूक करना है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में मिली व्यापक जनभागीदारी इस दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरक पहल साबित हुई।
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देश के चौथे सबसे बड़े टाइगर रिजर्व इंद्रावती में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर आयोजित जनजागरूकता अभियान में युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं और विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन इंद्रावती टाइगर रिजर्व और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
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कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'रन फॉर इंद्रावती' मैराथन रही। 5 और 10 किलोमीटर की इस दौड़ में बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 150 धावकों ने बारिश के बीच दौड़ पूरी कर वन और वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया। मैराथन को कलेक्टर विश्वदीप ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि बाघों और जंगलों की सुरक्षा में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
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अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, पेंटिंग, कविता और भाषण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। जिले के नौ विद्यालयों के बच्चों ने जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और बाघों के महत्व पर अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों का उत्साह इस बात का संकेत था कि नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर और जागरूक है।
समापन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा मुख्य अतिथि रहीं। पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बच्चों और युवाओं में जागरूकता पैदा करने से होती है और इस तरह के आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में उप निदेशक संदीप बलगा, एसडीओ मनोज बघेल, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में मैराथन और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि लोगों को प्रकृति, जंगल और वन्यजीव संरक्षण के प्रति लगातार जागरूक करना है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में मिली व्यापक जनभागीदारी इस दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरक पहल साबित हुई।