सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bijapur News ›   Villagers submit memorandum to SDM in Bijapur accusing Tehsildar of PESA violation

Bijapur News: बीजापुर में तहसीलदार पर पेसा कानून उल्लंघन का आरोप, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: बीजापुर ब्यूरो Updated Tue, 12 May 2026 07:10 PM IST
विज्ञापन
सार

बीजापुर के गोटाईगुड़ा में ग्रामीणों ने तहसीलदार पर पेसा कानून उल्लंघन और ग्रामसभा अधिकार दबाने का आरोप लगाया। आदिवासी सामाजिक भवन के लिए सुरक्षित भूमि पर जारी नोटिस को ग्रामीणों ने गैरकानूनी बताते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
 

Villagers submit memorandum to SDM in Bijapur accusing Tehsildar of PESA violation
तहसीलदार पर पेसा कानून उल्लंघन का आरोप - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

बीजापुर में मंगलवार को ग्राम गोटाईगुड़ा के ग्रामीणों ने उप-जिलाधिकारी भोपालपटनम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तहसीलदार पर पेसा कानून के उल्लंघन और ग्रामसभा के अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया।
Trending Videos


ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्य सचिव, आदिम जाति विभाग, बस्तर संभाग आयुक्त, जिला अनुसूचित जनजाति आयोग, सांसद और विधायक को भी भेजी गई। ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामसभा ने खसरा नंबर 61/12 की 0.400 हेक्टेयर भूमि 'आदिवासी सामाजिक भवन' हेतु सुरक्षित करने का निर्णय लिया था। यह निर्णय पेसा नियम 2022 की धारा-4 के तहत वैधानिक था। इसके बावजूद तहसीलदार भोपालपटनम ने 29 अप्रैल 2026 को ग्रामसभा पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में इस निर्णय को “शासकीय बाधा” बताया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 244(1) और पांचवीं अनुसूची की भावना के विपरीत है। उन्होंने आपत्ति जताई कि नोटिस में शासकीय कर्मचारी न होने के बावजूद प्रतिनिधियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। सरपंच, पटेल और माटी पुजारी शासकीय कर्मचारी नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक तानाशाही बताते हुए तहसीलदार के विरुद्ध विभागीय जांच और निलंबन की मांग की है। उन्होंने कारण बताओ नोटिस को तत्काल निरस्त करने की भी मांग की। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ अधिकारियों के लिए “संवैधानिक साक्षरता” कार्यशाला आयोजित करने की मांग उठाई गई। यह कार्यशाला अधिकारियों को पेसा कानून के प्रति जागरूक करेगी।

लोकतांत्रिक विरोध की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र न्याय नहीं मिला। तो बस्तर संभाग की ग्रामसभाएं लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगी। इस दौरान माटी पुजारी शिवराम, पटेल दशरथ और सरपंच सरिता गोटे सहित 150 से अधिक ग्रामीण उपस्थित रहे। अन्य उपस्थित लोगों में एटी शंकर, पारेट बापू, तोडेम चन्द्रैया, वासम राकेश और कोरम लक्ष्मीनारायण शामिल थे।

बीजापुर न्यूज

बीजापुर न्यूज

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed