{"_id":"6a522723b59ff2c2840f3f1d","slug":"crores-rupees-reach-congress-bhavan-raipur-cg-eow-claims-ramgopal-amassed-800-crore-through-scam-2026-07-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"CG: बोरी में भरकर कांग्रेस भवन पहुंचता था करोड़ों रु, ईओडब्ल्यू का दावा- रामगोपाल ने घोटाले से जुटाए 800 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG: बोरी में भरकर कांग्रेस भवन पहुंचता था करोड़ों रु, ईओडब्ल्यू का दावा- रामगोपाल ने घोटाले से जुटाए 800 करोड़
Sat, 11 Jul 2026 04:51 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Sat, 11 Jul 2026 04:51 PM IST
सार
CG Coal Levy Scam: कोल लेवी स्कैम में गिरफ्तार छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
लाल घेरे में रामगोपाल अग्रवाल, ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल
- फोटो : Amar ujala digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
CG Coal Levy Scam: कोल लेवी स्कैम में गिरफ्तार छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) का दावा है कि रामगोपाल ने पार्टी फंड के नाम पर लगभग 800 करोड़ रुपये जुटाए थे। ये रुपये अलग-अलग समय पर कांग्रेस कार्यालय में बोरी में भरकर पहुंचाये गये थे। जांच एजेंसी ने अग्रवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल, ईओडब्ल्यू कोल लेवी घोटाले में उनसे पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन
ईओडब्ल्यू का दावा है कि रामगोपाल ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रहते हुए पैसों की मॉनिटरिंग करते थे। कहां पर कितना पैसा भेजना है? कहां पर कितना खर्च करना है? किसे देना है? आदि बातों की जिम्मेदारी उनके पास ही रहती थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने दावा करते हुए बताया कि फंड का मैनेजमेंट रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से होता था। कांग्रेस भवन में रुपये बोरी और कॉर्टून में भरकर लाये जाते थे। फिर इन पैसों को अलग-अलग तरीके से दिल्ली भेजा जाता था। फिलहाल, दिल्ली में पैसे कहां और किसे भेज गए हैं, इसकी जानकारी नहीं मिली है।
विज्ञापन
सूर्यकांत के यहां मिली डायरी ने उगले राज
बता दें कि कोल लेवी घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के आवास पर ईओडब्ल्यू टीम ने साल 2022 में छापेमारी की थी। इस दौरान टीम को एक डायरी मिली थी। इस डायरी में पैसों के लेन-देन के जिक्र में रामगोपाल अग्रवाल का नाम शामिल था। इस मामले को लेकर ईओडब्ल्यू जांच कर रही थी। आठ जुलाई 2026 को रामगोपाल अग्रवाल ने सरेंडर किया था।
विज्ञापन
चुनावी फंडिंग में रकम का उपयोग
बता दें कि ईओडब्ल्यू ने छापेमारी के दौरान अवैध वसूली की रकम बोरे में भरकर कांग्रेस भवन लाने और यह रकम शराब कारोबारी और रायपुर नगर निगम के पूर्व मेयर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर, सूर्यकांत तिवारी और रोशन चंद्राकर की ओर से दिल्ली भेजे जाने का आरोप लगाया है। इस रकम का उपयोग चुनावी फंडिंग के लिये किया जाता था। ईओडब्ल्यू इस तरह के कई मामलों को लेकर जांच कर रही है।
अग्रवाल के पास पहुंचता था घोटाले का हिस्सा
जांच में मिले दस्तावेजों को ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में पेश कर दावा करते हुए कहा कि अग्रवाल के पास घोटाले की रकम का हिस्सा पहुंचता था। उनके निजी सहायक देवेंद्र डड़सेना ने भी अपने बयान में कहा है कि कथित कोल लेवी घोटाले की राशि कांग्रेस भवन पहुंचती थी। वहां से इस राशि का नियंत्रण अग्रवाल के पास रहता था। इसके खर्च का भी बकायदा हिसाब रखा जाता था। जांच के दौरान एक हजार करोड़ का हिसाब मिला है। इसमें केवल कोल लेवी से 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपए सीधे रामगोपाल तक पहुंचे।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल के साथ रामगोपाल अग्रवाल
- फोटो : social media
मिले कई इनपुट
जांच एजेंसी के मुताबिक, भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने बयान में कहा है कि दीपेन चावड़ा के जरिये करीब 800 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन पहुंचाये गये थे। दूसरी ओर निखिल चंद्राकर ने भी अपने बयान में कोल लेवी की रकम अग्रवाल तक पहुंचाने की बात कबूल की है। इसके साथ ही सूर्यकांत तिवारी के पास मिली डायरी में रकम का जिक्र है। अन्य माध्यमों से भी टुकड़ों में रकम दिए जाने के इनपुट मिले हैं। गवाहों के बयान को को लेकर क्रॉस वेरिफिकेशन कराया जा रहा है।
तीन साल से फरार थे रामगोपाल
रामगोपाल कोल लेवी घोटाले में नाम आने के बाद करीब तीन साल फरार थे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अग्रवाल ने फरारी के करीब तीन साल तक देश के अलग-अलग राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने करीब आठ देशों में अपनी फरारी काटी। कई शहरों में विशेष पूजा-पाठ भी करवाया था। आठ जुलाई 2026 को रामगोपाल ने सरेंडर किया था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने बयान में कहा है कि दीपेन चावड़ा के जरिये करीब 800 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन पहुंचाये गये थे। दूसरी ओर निखिल चंद्राकर ने भी अपने बयान में कोल लेवी की रकम अग्रवाल तक पहुंचाने की बात कबूल की है। इसके साथ ही सूर्यकांत तिवारी के पास मिली डायरी में रकम का जिक्र है। अन्य माध्यमों से भी टुकड़ों में रकम दिए जाने के इनपुट मिले हैं। गवाहों के बयान को को लेकर क्रॉस वेरिफिकेशन कराया जा रहा है।
तीन साल से फरार थे रामगोपाल
रामगोपाल कोल लेवी घोटाले में नाम आने के बाद करीब तीन साल फरार थे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अग्रवाल ने फरारी के करीब तीन साल तक देश के अलग-अलग राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने करीब आठ देशों में अपनी फरारी काटी। कई शहरों में विशेष पूजा-पाठ भी करवाया था। आठ जुलाई 2026 को रामगोपाल ने सरेंडर किया था।