भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी केस: पुलिस ने गिरोह के एक और सदस्य को दबोचा, अब तक 16 गिरफ्तार
भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ में लौह स्क्रैप और कोक-कोयले की चोरी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।
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भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ में लौह स्क्रैप और कोक-कोयले की चोरी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में पुलिस ने गिरोह के एक और सदस्य हेमंत देवांगन को गिरफ्तार किया है। आरोपी धमतरी जिले के ग्राम मोखा का निवासी है और एक निजी कंपनी में लोडर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था। इस मामले में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान हेमंत देवांगन की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिले। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह हिमांशु ब्रदर्स कंपनी में लोडर ऑपरेटर था और गिरोह के सदस्यों के कहने पर रात के समय फ्लू डस्ट के भीतर लौह स्क्रैप के साथ कोक और कोयला भी लोड करता था। बाद में इन सामग्रियों को हाईवा वाहनों के जरिए भिलाई स्टील प्लांट से बाहर भेजा जाता था। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोडर वाहन (सीजी 07 सीई 0249) भी जब्त कर लिया है।
मामले की शुरुआत 26 मई 2026 को हुई थी, जब पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम अकलोरडीह और हथखोज स्थित गोदामों में छापेमारी की थी। जांच के दौरान फ्लू डस्ट की आड़ में बड़ी मात्रा में लौह प्लेट, बीम, कटिंग सामग्री और बीएसपी का स्क्रैप अवैध रूप से संग्रहित मिला। पुलिस ने मौके से करीब 250 टन लौह स्क्रैप के साथ परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल होने वाले हाईवा, हाइड्रा, जेसीबी और अन्य मशीनें भी जब्त की थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ट्रकों के जीपीएस और नंबर प्लेट बदलकर स्क्रैप को प्लांट से बाहर निकालता था और विभिन्न गोदामों में पहुंचाकर अवैध कारोबार करता था। इस मामले में कथित मास्टरमाइंड, बीएसपी अधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों, ड्राइवरों, क्रेन ऑपरेटरों और स्क्रैप कारोबारियों समेत अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।