{"_id":"6a34188d28407d9bb107d936","slug":"durg-water-satyagraha-durg-bhilai-news-c-1-1-noi1483-4410017-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्ग में जल सत्याग्रह: तालाब में उतरकर ग्रामीणों ने उठाई खाद, बीज और आवास की मांग, अधिकारियों ने दिया आश्वासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्ग में जल सत्याग्रह: तालाब में उतरकर ग्रामीणों ने उठाई खाद, बीज और आवास की मांग, अधिकारियों ने दिया आश्वासन
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग
Published by: दुर्ग-भिलाई ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2026 09:53 PM IST
विज्ञापन
सार
दुर्ग के पाटन ब्लॉक के कुर्मीगुंडरा गांव में ग्रामीणों ने खाद, बीज और प्रधानमंत्री आवास की मांग को लेकर तालाब में उतरकर तीन घंटे से अधिक जल सत्याग्रह किया। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
दुर्ग में जल सत्याग्रह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
दुर्ग के पाटन ब्लॉक के ग्राम कुर्मीगुंडरा में ग्रामीणों ने जल सत्याग्रह किया। यह प्रदर्शन खाद, बीज और आवास की मांग को लेकर किया गया। गांव के लक्ष्मी सागर तालाब में महिला और पुरुष पानी के अंदर खड़े होकर प्रदर्शन में शामिल हुए।
ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने जल सत्याग्रह से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की आरती उतारी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम की भी आरती की गई। ग्रामीणों ने तालाब किनारे यह आरती उतारकर समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि समय पर खाद और बीज न मिलने से खेती प्रभावित हो रही है। गुरुवार को यह जल सत्याग्रह तीन घंटे से अधिक समय तक चला। प्रदर्शनकारी जल्द से जल्द खाद और बीज मुहैया कराने की मांग कर रहे थे। वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास भी जल्द दिए जाने की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
