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GPM: बारिश ने बढ़ाई NH-45 की मुश्किलें, कीचड़ में धंसे वाहन तो लगा लंबा जाम; 24 घंटे में तीसरी बार थमा यातायात
Sat, 08 Aug 2026 02:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 02:42 PM IST
सार
राष्ट्रीय राजमार्ग-45 इन दिनों राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। निर्माणाधीन सड़क की बदहाल स्थिति और बारिश के बाद जगह-जगह बने कीचड़ के कारण इस मार्ग पर आए दिन जाम लग रहा है। शनिवार को एक बार फिर एनएच-45 पर जाम लग गया।
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निर्माणधीन NH 45 बदहाल यातायात बुरी तरह प्रभावित।
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विस्तार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मध्यप्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-45 इन दिनों निर्माण कार्य और बारिश के चलते बदहाल हो गया है। केंदा से दारसागर, मझवानी और बासाझाल के बीच सड़क पर कीचड़ जमा होने से भारी वाहन फंस रहे हैं। शनिवार को एक बार फिर मार्ग पर लंबा जाम लग गया। बताया जा रहा है कि 24 घंटे के भीतर यह तीसरा मौका है, जब NH-45 पर यातायात बाधित हुआ है।
NH-45 के निर्माणाधीन हिस्से में सड़क के निचले और खराब स्थानों पर ठेका कंपनी द्वारा मिट्टी डालकर फिलिंग की गई थी। बारिश होने के बाद यही मिट्टी दलदल और कीचड़ में तब्दील हो गई। भारी मालवाहक वाहनों के पहिए कीचड़ में धंसने लगे, जिससे वाहन बीच सड़क पर ही फंस गए। वाहनों के फंसने के बाद देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। जाम में यात्री बसों के साथ कार, ट्रक और अन्य छोटे-बड़े वाहन भी फंस गए। कई यात्रियों और वाहन चालकों को काफी देर तक रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ा।
इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के बीच आवागमन करते हैं। जाम के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। वहीं, जरूरी काम से सफर कर रहे लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन सड़क पर बारिश के दौरान पहले से ही आवागमन मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद सड़क को यातायात योग्य बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। खराब हिस्सों में उचित सामग्री का इस्तेमाल नहीं होने से बारिश के बाद समस्या और गंभीर हो जाती है।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में NH-45 पर तीसरी बार जाम की स्थिति बनी है। लगातार यातायात बाधित होने से क्षेत्रवासियों में ठेका कंपनी और संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। लोगों ने मांग की है कि सड़क के खराब हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। कीचड़ वाले स्थानों पर मजबूत और उपयुक्त मटेरियल डाला जाए, ताकि भारी वाहनों के पहिए न धंसें और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। NH-45 मध्यप्रदेश के जबलपुर से अमरकंटक और केंवची होते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को रतनपुर और बिलासपुर से जोड़ता है। ऐसे में यह मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आवागमन और परिवहन का माध्यम है। लगातार जाम की स्थिति ने सड़क निर्माण और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान बारिश को ध्यान में रखते हुए पहले से बेहतर वैकल्पिक और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि निर्माण की वजह से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।
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NH-45 के निर्माणाधीन हिस्से में सड़क के निचले और खराब स्थानों पर ठेका कंपनी द्वारा मिट्टी डालकर फिलिंग की गई थी। बारिश होने के बाद यही मिट्टी दलदल और कीचड़ में तब्दील हो गई। भारी मालवाहक वाहनों के पहिए कीचड़ में धंसने लगे, जिससे वाहन बीच सड़क पर ही फंस गए। वाहनों के फंसने के बाद देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। जाम में यात्री बसों के साथ कार, ट्रक और अन्य छोटे-बड़े वाहन भी फंस गए। कई यात्रियों और वाहन चालकों को काफी देर तक रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ा।
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इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के बीच आवागमन करते हैं। जाम के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। वहीं, जरूरी काम से सफर कर रहे लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन सड़क पर बारिश के दौरान पहले से ही आवागमन मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद सड़क को यातायात योग्य बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। खराब हिस्सों में उचित सामग्री का इस्तेमाल नहीं होने से बारिश के बाद समस्या और गंभीर हो जाती है।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में NH-45 पर तीसरी बार जाम की स्थिति बनी है। लगातार यातायात बाधित होने से क्षेत्रवासियों में ठेका कंपनी और संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। लोगों ने मांग की है कि सड़क के खराब हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। कीचड़ वाले स्थानों पर मजबूत और उपयुक्त मटेरियल डाला जाए, ताकि भारी वाहनों के पहिए न धंसें और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। NH-45 मध्यप्रदेश के जबलपुर से अमरकंटक और केंवची होते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को रतनपुर और बिलासपुर से जोड़ता है। ऐसे में यह मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आवागमन और परिवहन का माध्यम है। लगातार जाम की स्थिति ने सड़क निर्माण और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान बारिश को ध्यान में रखते हुए पहले से बेहतर वैकल्पिक और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि निर्माण की वजह से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।