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जीपीएम: गीतराम सारथी की करंट से मौत का मामला, आरोपी स्वरूप सिंह धुर्वे को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा
Thu, 25 Jun 2026 07:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2026 07:15 PM IST
सार
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में मरवाही थाना क्षेत्र के करगीकला गांव में छह वर्षीय बालक गीतराम सारथी की करंट लगने से हुई मौत के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी खेत मालिक स्वरूप सिंह धुर्वे को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
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6 साल के बच्चें की मौत मामले में बड़ा फैसला
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विस्तार
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में मरवाही थाना क्षेत्र के करगीकला गांव में छह वर्षीय बालक गीतराम सारथी की करंट लगने से हुई मौत के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी खेत मालिक स्वरूप सिंह धुर्वे को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में उसे तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मामला 28 अगस्त 2025 का है। अभियोजन के अनुसार करगीकला के नदिया टोला में दोपहर करीब 2:30 बजे छह वर्षीय गीतराम सारथी अपने साथियों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह गांव में स्थित स्वरूप सिंह धुर्वे के खेत के पास पहुंच गया। खेत की सुरक्षा के लिए आरोपी ने विद्युत विभाग की अनुमति के बिना अपने घर से सीधे बिजली कनेक्शन लेकर खेत के चारों ओर लगाए गए तारों में करंट प्रवाहित कर रखा था। बालक जैसे ही तार की चपेट में आया, उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मरवाही पुलिस ने मर्ग जांच शुरू की। जांच के दौरान गवाहों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और विद्युत तारों की स्थिति का परीक्षण किया गया। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने जानबूझकर खेत की रखवाली के लिए अवैध रूप से करंट प्रवाहित किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
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सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल ने माना कि आरोपी को इस बात का पूरा ज्ञान था कि खुले विद्युत तार में करंट प्रवाहित करने से किसी व्यक्ति या जीव-जंतु की मृत्यु हो सकती है। इसके बावजूद उसने लापरवाही और गैरकानूनी तरीके से खेत में करंट दौड़ाया, जिसके कारण मासूम बालक की जान चली गई। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप को संदेह से परे प्रमाणित करने में सफल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यूनतम दंड देना उचित नहीं माना गया। इसके बाद न्यायालय ने स्वरूप सिंह धुर्वे को भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (भाग-2) के तहत दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई तथा उसे अभिरक्षा में लेकर जिला जेल पेण्ड्रारोड भेजने का आदेश दिया।
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मामला 28 अगस्त 2025 का है। अभियोजन के अनुसार करगीकला के नदिया टोला में दोपहर करीब 2:30 बजे छह वर्षीय गीतराम सारथी अपने साथियों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह गांव में स्थित स्वरूप सिंह धुर्वे के खेत के पास पहुंच गया। खेत की सुरक्षा के लिए आरोपी ने विद्युत विभाग की अनुमति के बिना अपने घर से सीधे बिजली कनेक्शन लेकर खेत के चारों ओर लगाए गए तारों में करंट प्रवाहित कर रखा था। बालक जैसे ही तार की चपेट में आया, उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना के बाद मरवाही पुलिस ने मर्ग जांच शुरू की। जांच के दौरान गवाहों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और विद्युत तारों की स्थिति का परीक्षण किया गया। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने जानबूझकर खेत की रखवाली के लिए अवैध रूप से करंट प्रवाहित किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
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सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल ने माना कि आरोपी को इस बात का पूरा ज्ञान था कि खुले विद्युत तार में करंट प्रवाहित करने से किसी व्यक्ति या जीव-जंतु की मृत्यु हो सकती है। इसके बावजूद उसने लापरवाही और गैरकानूनी तरीके से खेत में करंट दौड़ाया, जिसके कारण मासूम बालक की जान चली गई। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप को संदेह से परे प्रमाणित करने में सफल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यूनतम दंड देना उचित नहीं माना गया। इसके बाद न्यायालय ने स्वरूप सिंह धुर्वे को भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (भाग-2) के तहत दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई तथा उसे अभिरक्षा में लेकर जिला जेल पेण्ड्रारोड भेजने का आदेश दिया।

6 साल के बच्चें की मौत मामले में बड़ा फैसला।।।