प्रदेश में बढ़ी हुई बिजली दरों, स्मार्ट मीटर और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने जिला प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता आयोजित कर सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। साथ ही स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूले जाने का भी आरोप लगाया।
स्मार्ट मीटर हटाने के लिए भरवाए जाएंगे आवेदन
जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर सभी जिलों में बिजली दर वृद्धि के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और स्मार्ट मीटर हटाने के लिए आवेदन भरवाएंगे। साथ ही बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में आम नागरिकों से हस्ताक्षरयुक्त आवेदन भी एकत्र किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह अभियान लगातार दो माह तक चलेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा जा सके।
बिजली विभाग कार्यालयों का होगा घेराव
अभियान के दौरान एकत्रित सभी आवेदन संबंधित जिलों के बिजली विभाग कार्यालयों में जमा किए जाएंगे। इस दौरान जिला स्तर पर बिजली कार्यालयों का घेराव भी किया जाएगा और अधिकारियों से आवेदन की विधिवत पावती ली जाएगी। इसके बाद प्रदेशभर से एकत्रित पावतियों के साथ मुख्यमंत्री एवं बिजली मंत्री के निवास का घेराव कर सरकार के समक्ष जनता की मांग रखी जाएगी।
'पांचवीं बार बढ़ीं बिजली दरें'
ओमप्रकाश बंका और अर्चना पोर्ते ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने जुलाई माह से घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तथा कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह पांचवीं बार बिजली दरें बढ़ाई गई हैं, जिससे आम जनता, छोटे व्यापारियों और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ा है।
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स्मार्ट मीटर पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर वास्तविक से अधिक बिजली खपत दर्ज कर रहे हैं। इससे अनुबंध भार बढ़ने के साथ-साथ अधिक खपत दिखाकर अर्थदंड भी जोड़ा जा रहा है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को अपेक्षा से अधिक बिजली बिल मिल रहे हैं। कांग्रेस ने सरकार से बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी तत्काल वापस लेने, स्मार्ट मीटर व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराने तथा आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।