कबीरधाम : डिप्टी सीएम ने अधिकारियों के साथ की बैठक, सावन में कांवड़ यात्रा समेत कई मुद्दों को लेकर चर्चा
पवित्र सावन मास 11 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। सावन मास का प्रथम सोमवार 14 जुलाई को होगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। आज शनिवार को कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
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पवित्र सावन मास 11 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। सावन मास का प्रथम सोमवार 14 जुलाई को होगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। आज शनिवार को कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सावन माह के अवसर पर जिले में होने वाले कांवड़ यात्रा, भोरमदेव पदयात्रा समेत श्रद्धालुओं के भोरमदेव दर्शन की तैयारी को लेकर भोरमदेव सनातन तीर्थ ट्रस्ट समेत विभिन्न विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। शर्मा ने सभी से विस्तृत चर्चा कर सावन माह में पूरे माह तक चलने वाली कांवड यात्रा की तैयारी संबंधी सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने कवर्धा से अमरकंटक तक, वापसी में अमरकंटक से हनुमंत खोल से होते हुए पोलमी, कुकदूर, पंडरिया, डोंगरिया, भोरमदेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मार्ग तक की साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, पेयजल व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, ठहराव स्थल की व्यवस्था, यातायात नियंत्रण आदि बिंदु पर विशेष ध्यान देने को कहा।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि है और शासन की मंशा है कि सभी श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और भावनात्मक अनुभव प्राप्त हो। इसके पूर्व विजय शर्मा ने बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर कवर्धा का निरीक्षण कर बोल बम समिति, मंदिर समिति के पदाधिकारी के साथ बैठक ली। बैठक में स्थानीय स्तर पर श्रद्धालुओं की सुविधा व मंदिर प्रबंधन की आवश्यकता पर विचार करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों को निर्देशित किया कि सावन माह में होने वाले सभी धार्मिक आयोजन को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए समुचित समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
एमपी सरकार ने अमरकंटक में 5 एकड़ भूमि प्रदान किया
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयास से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए मध्यप्रदेश के अमरकंटक में 5 एकड़ भूमि प्रदान किया गया है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए यहां सर्व सुविधा युक्त भवन समेत अन्य कार्य कराया जाएगा। सावन माह में श्रद्धा व आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है,जब प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कबीरधाम जिले के डोंगरियां, भोरमदेव और बूढ़ा महादेव जैसे पवित्र स्थलों तक कांवड़ यात्रा करते हुए पहुंचते हैं। यह धार्मिक यात्रा केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता व संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा व स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने मार्ग में ठहरने की व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, मेडिकल टीम की तैनाती, विद्युत व्यवस्था और विशेष रूप से यातायात प्रबंधन व सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने कहा।