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CG: लोकसभा में उठा कबीरधाम जिले के डाकघर का मुद्दा, सांसद संतोष पांडेय ने सरकार से की ये मांग
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 03 Apr 2025 08:26 PM IST
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सार
लोकसभा में स्थानीय राजनांदगांव-कबीरधाम सांसद ने आज कवर्धा डाकघर के नए भवन निर्माण के लिए सदन में आवाज उठाई। डाकघर को नव्य-दिव्य स्वरुप देने की मांग करते हुए लोकसभा पटल पर रखा।
लोकसभा में राजनांदगांव-कबीरधाम सांसद संतोष पांडेय
- फोटो : संसद टीवी
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विस्तार
आज गुरुवार को लोकसभा में स्थानीय राजनांदगांव-कबीरधाम सांसद संतोष पांडेय ने कवर्धा डाकघर के नए भवन निर्माण के लिए सदन के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने कबीरधाम जिलावासियों की आकांक्षाओं अनुरूप डाकघर को नव्य-दिव्य स्वरुप देने की मांग लोकसभा पटल पर रखा।
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उन्होंने कहा कि विगत 137 वर्षों से संचालित यह डाकघर लाखों परिवारों के बीच संवाद और प्रमुख दस्तावेजों के आदान-प्रदान का प्रमुख स्तंभ रहा है, इसलिए इसे नया स्वरुप एवं यहां के कर्मचारियों व क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए डाकघर के नए भवन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा यह मांग जल्द ही पूरी होगी।
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बता दें कि भारतीय डाक विभाग की स्थापना एक अक्तूबर 1854 को हुई थी, लेकिन कवर्धा में डाक सेवा इससे भी पुरानी मानी जाती है। जिले के पुरातत्व विशेषज्ञ आदित्य श्रीवास्तव के अनुसार, कवर्धा राज्य के अष्टराज अंभोज (1925) में डाक व्यवस्था का उल्लेख मिलता है। साथ ही 1888 के बजट में डाक तार की व्यवस्था के लिए राशि रखी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि 137 वर्षों से डाक सेवाएं जारी हैं।
पुराने दस्तावेजों के अनुसार, पहले दशरंगपुर और कवर्धा में डाकघर संचालित होते थे। बाद में रबेली, पिपरिया और बोड़ला में भी डाकघर खोले गए। समय के साथ डाक सेवाओं का विस्तार हुआ। लेकिन मुख्य डाकघर की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।
किराए के भवन में संचालित हो रहा डाकघर
कवर्धा का मुख्य डाकघर बीते 137 वर्षों से किराए के अलग-अलग भवनों में संचालित होता रहा है। शहर के गुरु नानक गेट के पास स्थित भवन में वर्षों तक संचालन के बाद, इसे छीरपानी कॉलोनी स्थित आरटीओ कार्यालय के ऊपर एक हॉल और तीन कमरों में स्थानांतरित कर दिया गया। जिसे किराए के रूप में हर माह 8130 रुपए भुगतान किया जाता है। यह डाकघर जिले के सबसे बड़ा डाकघर है। इस कारण पूरे जिले के लोग इस पर आश्रित हैं।