कांकेर: होटल में रुके युवक ने फांसी लगाकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस, वहीं नदी में डूबने से मासूम की मौत
कांकेर के लेकव्यू होटल में रुके लोकेश कुमार नाग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है। एमजी वार्ड में एक दिल दहला देनी वाली घटना सामने आई है.जहा आंगनबाड़ी में पढ़ने वाला एक 3 वर्षीय मासूम की नदी में डूबने से मौत हो गई।
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कांकेर के लेकव्यू होटल में रुके लोकेश कुमार नाग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है। युवक गरियाबंद से कांकेर होलसेल कपड़ा का व्यापार करने के लिए पहुँचा था, जो पिछले 2 दिनों से अपने साथी महावीर जैन के साथ होटल में रह रहा था। आज सुबह 9 बजे साथी के बाहर जाते ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। पुलिस ने जानकारी मिलते दरवाजा तोड़कर युवक के शव को बाहर निकाला है।
कोतवाली थाना प्रभारी मनीष नागर ने बताया कि अब तक आत्महत्या का कारण स्पष्ठ नही हो पाया है। प्रथम दृष्टया पंचनामा तैयार किया गया है। शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच के बाद ही मामले का खुलाशा हो पाएगा, फिरहाल उनके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। युवक के साथी के अनुसार शहर के रामदेव भवन में लगाए गए सेव में होलसेल कपड़ा का व्यापार करने दुकान लगाए हुए है, आगे की जानकारी ली जा रही है।
पहले भी आकर रुक चुका है युवक
होटल संचालक बब्बू खटवानी के अनुसार युवक पहले भी कांकेर आ चुका है और इसी होटल में रुक चुका है। इस बार भी व्यापार के उद्देश्य से कांकेर पहुँचा था, उसके होटल में रुकने के दौरान रजिस्टर पूरी तरह मेंटेन किया गया था पर आत्महत्या करने के बारे में थोड़ा भी एहसास नही हो पाया। आत्महत्या के बाद परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
नदी में डूबने से मासूम की मौत
कांकेर शहर के एमजी वार्ड में एक दिल दहला देनी वाली घटना सामने आई है.जहा आंगनबाड़ी में पढ़ने वाला एक 3 वर्षीय मासूम की नदी में डूबने से मौत हो गई. बच्चा आंगनबाड़ी से पड़ोसी के साथ घर के लिए निकला था जहा उसकी नदी में बहते हुए लाश मिली.मोहल्ले वासियों की मदद से बच्चे के शव को नदी से बाहर निकाला गया. इस घटना के बाद से परिजनों में काफी आक्रोश है. गौरतलब हो कि आंगनबाड़ी से नदी की दूरी महज 100 मीटर दूर है फिर भी महिला और बाल विकास विभाग द्वारा किसी प्रकार का सुरक्षा का ध्यान नही रखा गया जिसके तहत आज ये बड़ा हादसा हो गया।
आंगनबाड़ी सहायिका का कहना है कि बच्चा दो दिन से आंगनबाड़ी आ रहा था. आज डेढ़ बजे, पड़ोसी के साथ घर जाने निकला था. लेकिन पड़ोसी ने उसे अपने घर के पास छोड़ दिया। वहीं बच्चे को लेकर जाने वाली पड़ोसी महिला का कहना है कि वह अपनी बच्ची को लेने आंगनबाड़ी गई थी। इस दौरान वह बच्चा भी पीछे पीछे निकल गया. अपने घर पहुंचने के बाद उसे घर जाने कहा. जिसके बाद वह कहा गया इसकी उसको जानकारी नहीं है। बच्चे की मौत के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है उनका कहना है कि इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और पड़ोसी महिला तीनो की गलती है। उनकी गलती की वजह से उनका 3 साल का मासूम नहीं रहा। उन्होंने कड़ी कार्रवाई की बात कही है।