{"_id":"6a6b0190e121bc1d270c31f3","slug":"bulldozer-demolished-illegal-construction-on-religious-site-after-occupation-allegations-work-continued-despite-notice-officials-faced-protests-during-action-korba-news-c-1-1-noi1487-4557219-2026-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Korba News: धार्मिक आयोजन स्थल पर कब्जे का आरोप, अवैध निर्माण पर निगम का चला बुलडोजर, नोटिस के बाद कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Korba News: धार्मिक आयोजन स्थल पर कब्जे का आरोप, अवैध निर्माण पर निगम का चला बुलडोजर, नोटिस के बाद कार्रवाई
Thu, 30 Jul 2026 02:44 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 02:44 PM IST
सार
कोरबा के वार्ड-9 स्थित इमली डुग्गू पोखरी पारा में कथित अवैध निर्माण पर नगर निगम ने जेसीबी चलाकर कार्रवाई की।
विज्ञापन
korba
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरबा नगर निगम ने वार्ड क्रमांक-9 के इमली डुग्गू स्थित पोखरी पारा में सार्वजनिक भूमि पर किए जा रहे कथित अवैध निर्माण को गुरुवार को ध्वस्त कर दिया। निगम का कहना है कि संबंधित पक्ष को पहले नोटिस देकर निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्माण कार्य जारी रहने पर जेसीबी की मदद से कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।
नगर निगम के कोरबा जोन अंतर्गत हुई इस कार्रवाई के दौरान निर्माणाधीन हिस्से को हटाकर भूमि को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जांच के बाद शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
पूर्व वार्ड पार्षद सुफल दास ने बताया कि छठघाट के पास स्थित पोखरी क्षेत्र में अवैध कब्जे की शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी। उनका कहना है कि इस पोखरी में हर वर्ष छठ पूजा सहित अन्य धार्मिक आयोजन होते हैं। आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का हवाला देकर सार्वजनिक भूमि पर निर्माण किया जा रहा था।
विज्ञापन
नगर निगम के तोड़ू दस्ता प्रभारी विकास दुबे ने बताया कि शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि संबंधित महिला को पहले नोटिस जारी कर निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद जेसीबी से अवैध निर्माण हटाया गया। कार्रवाई के दौरान कोतवाली पुलिस भी मौजूद रही।
वहीं, कार्रवाई का सामना करने वाली महिला ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से उसी स्थान पर रह रही हैं। महिला के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका आवास स्वीकृत हुआ था और वह उसी के तहत मकान का निर्माण करा रही थीं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 12 फीट की जगह में एक कमरा बनाने की मौखिक अनुमति दी गई थी, बावजूद इसके निर्माण को तोड़ दिया गया।
नगर निगम और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
विज्ञापन
नगर निगम के कोरबा जोन अंतर्गत हुई इस कार्रवाई के दौरान निर्माणाधीन हिस्से को हटाकर भूमि को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जांच के बाद शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
पूर्व वार्ड पार्षद सुफल दास ने बताया कि छठघाट के पास स्थित पोखरी क्षेत्र में अवैध कब्जे की शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी। उनका कहना है कि इस पोखरी में हर वर्ष छठ पूजा सहित अन्य धार्मिक आयोजन होते हैं। आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का हवाला देकर सार्वजनिक भूमि पर निर्माण किया जा रहा था।
विज्ञापन
नगर निगम के तोड़ू दस्ता प्रभारी विकास दुबे ने बताया कि शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि संबंधित महिला को पहले नोटिस जारी कर निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद जेसीबी से अवैध निर्माण हटाया गया। कार्रवाई के दौरान कोतवाली पुलिस भी मौजूद रही।
वहीं, कार्रवाई का सामना करने वाली महिला ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से उसी स्थान पर रह रही हैं। महिला के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका आवास स्वीकृत हुआ था और वह उसी के तहत मकान का निर्माण करा रही थीं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 12 फीट की जगह में एक कमरा बनाने की मौखिक अनुमति दी गई थी, बावजूद इसके निर्माण को तोड़ दिया गया।
नगर निगम और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।