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CG: ढाई लाख कोयला श्रमिकों के वेतन पर संकट? 12वें JBCI गठन की मांग को लेकर एचएमएस का प्रदर्शन
Mon, 10 Aug 2026 04:11 PM IST
कोरबा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 04:11 PM IST
सार
कोरबा के गेवरा-दीपका क्षेत्रीय मुख्यालय पर HMS से संबद्ध कोयला मजदूर पंचायत ने 12वें जेबीसीआई के तत्काल गठन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यूनियन ने 2.50 लाख श्रमिकों के वेतन और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे पर देरी होने पर आंदोलन तेज करने और जरूरत पड़ने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।
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12वें जेबीसीआई के गठन की मांग को लेकर प्रदर्शन
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
कोरबा गेवरा कोयला उद्योग में कार्यरत लगभग 2.50 लाख श्रमिकों के वेतन और सेवा शर्तों से जुड़े भविष्य को लेकर सोमवार को कोयला मजदूर पंचायत संबद्ध हिंद मजदूर सभा (HMS) ने गेवरा-दीपका क्षेत्रीय मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे सैकड़ों की संख्या में जुटे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यालय के सामने एकत्र होकर कोल इंडिया प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 12वें जेबीसीआई के तत्काल गठन की मांग की।
प्रदर्शन के बाद यूनियन प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि कोयला श्रमिकों का 12वां वेतन समझौता 1 जुलाई 2026 से लागू होना प्रस्तावित है। नियमानुसार वेतन निर्धारण, भत्तों और अन्य सेवा शर्तों पर चर्चा के लिए जेबीसीसीआई यानी जॉइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर द कोल इंडस्ट्री का गठन समय पर होना अनिवार्य है। देरी होने पर न केवल समझौते के लागू होने में अड़चन आएगी, बल्कि पूरे देश के कोयला मजदूरों में असंतोष बढ़ेगा।
वेतन, भत्ते और सुविधाओं पर कमेटी लेती है निर्णय
यूनियन नेताओं ने कहा कि जेबीसीआई की भूमिका कोल इंडिया और उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों में श्रमिकों के लिए एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। वेतनमान, भत्ते, आवास, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं को लेकर कमेटी ही अंतिम निर्णय लेती है। इसलिए प्रक्रिया को लंबित न रखकर तुरंत शुरू किया जाए। यह प्रदर्शन चार प्रमुख केंद्रीय श्रम संगठनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आयोजित किया गया। इसी कड़ी में 10 अगस्त 2026 को देशभर के सभी कोयला क्षेत्रों के महाप्रबंधक कार्यालयों पर ध्यानाकर्षण कार्यक्रम और प्रदर्शन किए गए। गेवरा-दीपका में भी कार्यकर्ताओं ने बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी करते हुए प्रबंधन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर खींचा।
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ये भी पढ़ें- रायपुर में शर्मनाक करतूत, महिला को शराब पिलाकर सामूहिक दुष्कर्म, नाबालिग समेत चार आरोपी गिरफ्तार
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ज्ञापन सौंपते समय कोयला मजदूर पंचायत के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि 2.50 लाख कोयला श्रमिकों के हक से जुड़ा यह विषय अति महत्वपूर्ण है। यदि 12वें जेबीसीआई के गठन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू नहीं की गई तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। जरूरत पड़ने पर कार्य बहिष्कार सहित राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा भी की जा सकती है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
प्रदर्शन में कोयला मजदूर पंचायत HMS के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख रूप से रेशम लाल यादव, अनिरुद्ध सिंह, शिव शंकर पटेल, एस. सी. मंसूरी, मोहम्मद कलीम, एस. डी. मानिकपुरी, ओम प्रकाश, तरुण राहा, सृष्टिधर तिवारी, अमृतलाल चंद्र, एस. पी. तांती, रमेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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प्रदर्शन के बाद यूनियन प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि कोयला श्रमिकों का 12वां वेतन समझौता 1 जुलाई 2026 से लागू होना प्रस्तावित है। नियमानुसार वेतन निर्धारण, भत्तों और अन्य सेवा शर्तों पर चर्चा के लिए जेबीसीसीआई यानी जॉइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर द कोल इंडस्ट्री का गठन समय पर होना अनिवार्य है। देरी होने पर न केवल समझौते के लागू होने में अड़चन आएगी, बल्कि पूरे देश के कोयला मजदूरों में असंतोष बढ़ेगा।
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वेतन, भत्ते और सुविधाओं पर कमेटी लेती है निर्णय
यूनियन नेताओं ने कहा कि जेबीसीआई की भूमिका कोल इंडिया और उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों में श्रमिकों के लिए एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। वेतनमान, भत्ते, आवास, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं को लेकर कमेटी ही अंतिम निर्णय लेती है। इसलिए प्रक्रिया को लंबित न रखकर तुरंत शुरू किया जाए। यह प्रदर्शन चार प्रमुख केंद्रीय श्रम संगठनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आयोजित किया गया। इसी कड़ी में 10 अगस्त 2026 को देशभर के सभी कोयला क्षेत्रों के महाप्रबंधक कार्यालयों पर ध्यानाकर्षण कार्यक्रम और प्रदर्शन किए गए। गेवरा-दीपका में भी कार्यकर्ताओं ने बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी करते हुए प्रबंधन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर खींचा।
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आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ज्ञापन सौंपते समय कोयला मजदूर पंचायत के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि 2.50 लाख कोयला श्रमिकों के हक से जुड़ा यह विषय अति महत्वपूर्ण है। यदि 12वें जेबीसीआई के गठन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू नहीं की गई तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। जरूरत पड़ने पर कार्य बहिष्कार सहित राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा भी की जा सकती है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
प्रदर्शन में कोयला मजदूर पंचायत HMS के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख रूप से रेशम लाल यादव, अनिरुद्ध सिंह, शिव शंकर पटेल, एस. सी. मंसूरी, मोहम्मद कलीम, एस. डी. मानिकपुरी, ओम प्रकाश, तरुण राहा, सृष्टिधर तिवारी, अमृतलाल चंद्र, एस. पी. तांती, रमेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।