CG Accident: कोरबा-चांपा हाईवे पर तेज रफ्तार वाहन का कहर, तीन मवेशियों की मौत; ग्रामीणों में आक्रोश
कोरबा-चांपा नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार अज्ञात भारी वाहन की टक्कर से तीन मवेशियों की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर घायल हुए। सड़क पर शव पड़े रहने से यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने आवारा मवेशियों की समस्या पर प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की।
कोरबा-चांपा नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार अज्ञात भारी वाहन की टक्कर से तीन मवेशियों की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर घायल हुए। सड़क पर शव पड़े रहने से यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने आवारा मवेशियों की समस्या पर प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की।
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उरगा थाना क्षेत्र में सोमवार को कोरबा-चांपा नेशनल हाईवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में तेज रफ्तार अज्ञात भारी वाहन की चपेट में आने से छह मवेशी घायल हुए, जिनमें तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सड़क पर मवेशियों के शव पड़े रहने से कई बाइक सवार और चार पहिया वाहन भी दुर्घटना की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।
जानकारी के अनुसार, घटना कोरबा-चांपा मुख्य मार्ग पर एक ढाबे के पास हुई। सड़क किनारे घास चर रहे मवेशियों का झुंड अचानक हाईवे पर आ गया। इसी दौरान कोरबा की ओर से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात भारी वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीन मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पते रहे। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
सड़क पर मवेशियों के शव और खून फैले होने से कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। पीछे से आ रहे कई बाइक सवार और कार चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ा। कुछ वाहन चालक समय रहते नहीं संभलते तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने सड़क पर पड़े मवेशियों के शवों को किनारे हटाकर यातायात सुचारु कराया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरबा-चांपा नेशनल हाईवे पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी के कारण आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं। खेती-किसानी के मौसम में कई पशुपालक मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे वे सड़क किनारे घास चरते-चरते अचानक हाईवे पर आ जाते हैं और तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाते हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। उनका आरोप है कि हाईवे पर मवेशियों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन और पशुपालन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने हाईवे किनारे बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर लगाने और मवेशियों को खुला छोड़ने वाले पशु मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर उरगा पुलिस मौके पर पहुंची और मृत मवेशियों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया। घायल मवेशियों का