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Korba News: कोरबा में गंदगी बनी दो बेजुबान बैलों की मौत की वजह, जहरीला कचरा खाने से गई जान
Sun, 26 Jul 2026 03:23 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2026 03:23 PM IST
सार
कोरबा जिले के हरदी बाजार ग्राम पंचायत क्षेत्र में लापरवाही और गंदगी के कारण दो बेजुबान बैलों की मौत का मामला सामने आया है।
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कोरबा में गंदगी बनी दो बेजुबान बैलों की मौत की वजह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरबा जिले के हरदी बाजार ग्राम पंचायत क्षेत्र में लापरवाही और गंदगी के कारण दो बेजुबान बैलों की मौत का मामला सामने आया है। रविवार सुबह जेपी सैलून के पीछे स्थित पुराने बिंझवार आश्रम परिसर में दोनों बैल मृत अवस्था में मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मवेशियों ने परिसर में फैले प्लास्टिक और जहरीले कचरे को खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
सुबह जब राहगीरों की नजर दोनों बैलों पर पड़ी तो उन्होंने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
ग्रामीणों के अनुसार, आश्रम परिसर के आसपास लंबे समय से दुकानदारों और कुछ अन्य लोगों द्वारा प्लास्टिक, थर्माकोल, पन्नी और घरेलू कचरा फेंका जा रहा है। समय पर सफाई नहीं होने के कारण यहां कचरे का बड़ा ढेर जमा हो गया है। भोजन की तलाश में आने वाले मवेशी इसी कचरे को खा लेते हैं, जिससे उनकी जान पर बन आती है।
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स्थानीय निवासियों ने यह भी आशंका जताई कि लगातार जमा हो रहे कचरे से क्षेत्र में संक्रमण और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। बदबू और मच्छरों की समस्या से आसपास रहने वाले लोग भी परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद ग्राम पंचायत ने सफाई और कचरा प्रबंधन की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मृत मवेशियों के शवों को तत्काल हटाने, पूरे परिसर की साफ-सफाई कराने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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सुबह जब राहगीरों की नजर दोनों बैलों पर पड़ी तो उन्होंने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
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ग्रामीणों के अनुसार, आश्रम परिसर के आसपास लंबे समय से दुकानदारों और कुछ अन्य लोगों द्वारा प्लास्टिक, थर्माकोल, पन्नी और घरेलू कचरा फेंका जा रहा है। समय पर सफाई नहीं होने के कारण यहां कचरे का बड़ा ढेर जमा हो गया है। भोजन की तलाश में आने वाले मवेशी इसी कचरे को खा लेते हैं, जिससे उनकी जान पर बन आती है।
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स्थानीय निवासियों ने यह भी आशंका जताई कि लगातार जमा हो रहे कचरे से क्षेत्र में संक्रमण और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। बदबू और मच्छरों की समस्या से आसपास रहने वाले लोग भी परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद ग्राम पंचायत ने सफाई और कचरा प्रबंधन की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मृत मवेशियों के शवों को तत्काल हटाने, पूरे परिसर की साफ-सफाई कराने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।