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17वीं बटालियन से इंसास राइफल चोरी मामला: बटालियन का जवान ही निकला चोर, पुलिस ने किया गिरफ्तार
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 12 Dec 2024 04:24 PM IST
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सार
कबीरधाम जिले में इंसास राइफल चोरी मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बटालियन का जवान ही इंसास राइफल का चोर निकला। पुलिस ने आरोपी आरक्षक नरोत्तम रात्रे को गिरफ्तार किया गया है।
राइफल चोरी करने वाला आरक्षक गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कबीरधाम जिले के ग्राम सरेखा स्थित 17वीं बटालियन छग सशस्त्र बल (सीएएफ) में हुए इंसास राइफल चोरी मामले में गुरुवार को कवर्धा सिटी कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल ने बताया कि तीन नवंबर को बटालियन मुख्यालय कैंप से एक इंसास राइफल, 20 राउंड कारतूस व मैगजीन चोरी हुई थी। घटना में शामिल आरोपी आरक्षक नरोत्तम रात्रे को गिरफ्तार किया गया है।
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आरोपी नरोत्तम रात्रे 17वीं बटालियन का ही आरक्षक है, जो वर्तमान में चिकपाल कैंप, थाना कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा में पदस्थ है। उसका स्थायी निवास ग्राम धाबाडीह, थाना लवन, जिला बलौदाबाजार है। आरोपी ऑनलाइन जुआ सट्टा खेलने का आदि था व उसके ऊपर लभग चार लाख रुपये का कर्ज था। आरोपी ने अपना कर्जा पटाने के लिए इस घटना की योजना बनाई। आरोपी ने चोरी की घटना से पहले एक माह का अवकाश लिया था। अवकाश के दौरान 15 दिन वह सरेखा कैंप में ही अपने निवास पर रुका,जहां उसने कैंप में रेकी करके रायफल चोरी की पूरी प्लानिंग की। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ अपने गांव चला गया। घटना के दिन आरोपी अपने गांव से बाइक लेकर सरेखा कैंप पहुंचा।
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तीन नवंबर को आरोपी नरोत्तम रात्रे ने कैंप की बाउंड्री के बाहर बाइक खड़ी की व चोरी-छिपे कैंप के अंदर प्रवेश किया। आरोपी पूर्व में सरेखा कैंप में तैनात रह चुका था। यहां के व्यवस्था से परिचित था। इसलिए वह ऐसे जगह से कैंप के अंदर दाखिल हुआ,जहां कोई उसे देख न पाए। उसने गार्ड रूम में जाकर ड्यूटी पर तैनात जवानों के बीच ड्यूटी बदली के समय का लाभ उठाते हुए एक इंसास राइफल, 20 राउंड कारतूस व मैगजीन की चोरी कर ली। यह चोरी शाम 6:30 बजे से रात 10 बजे के बीच की गई। घटना के बारे में कैंप के जवानों को तब पता चला जब रात में जवानों ने गार्ड रूम में लौटकर अपने हथियारों की जांच की। इस मामले में थाना कवर्धा में चार नंबर को धारा 331(2), 305(ड) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राइफल वापस करने रुपये की डिमांड
चोरी के तीन हफ्ते बाद 6 दिसंबर से जिस जवान की राइफल चोरी हुई थी, उसे आरोपी द्वारा अलग-अलग नंबर से मैसेज किया जा रहा था। राइफल वापस करने के बदले रुपए की मांग की गई। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने फर्जी नाम से नया सिम, मोबाइल खरीदा व अलग-अलग समय पर मैसेज भेजे। उसने पीड़ित को बार-बार मैसेज कर रुपए की मांग की। रुपए नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोपी ने राइफल देने के एवज में 10 लाख रुपए की मांग की थी। रुपए को बिलासपुर-जांजगीर चांपा रोड के एक सुनसान जगह में रखकर जाने के बाद राइफल मिल जाएगा ऐसा बताया।
पुलिस ने आरोपी को फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले उसके साथी सुकित केसरवानी पिता सुशील केसरवानी, उम्र-40, निवासी वार्ड नंबर-11, गोधापारा, थाना शिवरीनारायण को भी गिरफ्तार कर लिया है। साथी ने पूछताछ में यह स्वीकार किया कि उसने आरोपी को फर्जी सिम उपलब्ध कराई थी। इस आधार पर थाना कवर्धा में धारा 308(2) बीएनएस दर्ज किया गया। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया और उसकी निशानदेही पर चोरी की गई इंसास राइफल, 20 राउंड कारतूस व मैगजीन को आरोपी द्वारा छुपाए गए स्थान से बरामद कर ली गई।