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Exclusive: संत रविदास की जयंती पर सियासत; छत्तीसगढ़ में बड़े कार्यक्रम के पीछे क्या है बीजेपी का प्लान? पढ़ें
Thu, 30 Jul 2026 10:39 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Thu, 30 Jul 2026 10:39 PM IST
सार
Politics on Sant Ravidas Jayanti : छत्तीसगढ़ में संत शिरोमणि रविदास की 650जयंती को लेकर बीजेपी पूरे प्रदेशभर में कई कार्यक्रम कर रही है। समरसता संकल्प अभियान के तहत रविदास समाज पर पूरी तरह से फोकस कर रही है। समाज के लोगों को साधने के लिये एक रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। इस रणनीति को विधानसभा चुनाव 2028 के रोडमैप से जोड़कर देखा जा रहा है।
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विस्तार
Politics on Sant Ravidas Jayanti : छत्तीसगढ़ में संत शिरोमणि रविदास की 650जयंती को लेकर बीजेपी पूरे प्रदेशभर में कई कार्यक्रम कर रही है। देशभर के 51 हजार जगहों पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस क्रम में प्रदेश में भी कार्यक्रम हो रहे हैं। बीजेपी समरसता संकल्प अभियान के तहत रविदास समाज पर पूरी तरह से फोकस कर रही है। समाज के लोगों को साधने के लिये एक रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। इस रणनीति को विधानसभा चुनाव 2028 के रोडमैप से जोड़कर देखा जा रहा है। बीजेपी रविदास समाज और आदिवासी समाज को साधने के लिये इस तरह के कार्यक्रम देश और प्रदेश में कर रही है। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी देश-प्रदेश के महापुरुषों के नाम पर राजनीति कर रही है।
मामले में राजनीतिक पंडितों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में रविदास समाज के लोग रहते हैं। ऐसे में इनके वोट बैंक पर बीजेपी की नजर है। जिसे अमलीजामा पहनाने के लिये अभी से कवायद तेज हो गई है, जो फरवरी 2027 तक चलेगी। अगले साल 2028 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव होना है, जिसका लाभ चुनावी रणनीति के तहत पार्टी को मिलने की उम्मीद है। क्योंकि प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के लोग बड़ी संख्या में है। वहीं प्रदेश के आदिवासी महापुरुषों के नाम पर भी पार्टी समय-समय पर कार्यक्रम करती रही है। कुल मिलाकर भाजपा एससी, एसटी वर्ग को साधने के लिये अभी से जुट गई है।
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इसके पहले भी छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के महापुरुषों पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये थे। बस्तर और सरगुजा संभाग जो कि एससी, एसटी और आदिवासी बहुल हैं, वहां पर बड़े पैमाने पर इस तरह के कार्यक्रम कर आदिवासियों को साधा गया था। इसके लिये केंद्रीय नेताओं को बस्तर में बुलाया गया था। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने बस्तर संभाग का दौरा किया था। जिसका फल विधानसभा चुनाव 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 में मिला। बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाकर सत्ता पर काबिज है। इसी रोडमैप को फिर आगे बढ़ाते हुए विधानसभा चुनाव 2028 की चुनावी रणनीति पर फोकस किया जा रहा है। पार्टी ने रायपुर में बड़ी बैठक कर सीनियर नेताओं को इसके लिये जिम्मेदारी सौंपी है।
जानिये बीजेपी नेताओं ने क्या कहा
संत रविदास की 650जयंती को लेकर क्या तैयारी है? किस तरह के कार्यक्रम होंगे? क्या रणनीति है? इन सब मुद्दों को लेकर अमर उजाला ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से खास बातचीत की। इस संबंध में रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि पार्टी समय-समय पर देश के महापुरुषों को आगे करने का कार्य कर रही है। ताकि देश की संस्कार और संस्कृति को लेकर युवाओं को प्रेरणा मिल सके। उनकी जयंती पर फरवरी 2027 तक कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने समाज को जागरूक किया। रुढ़िवादी परंपराओं, जाति-पाति और भेदभाव को खत्म किया। देश में गुरु के रूप में अपना स्थान बनाया, जिसका अनुकरण सभी समाज ने किया है। 650 साल पहले प्रचार का जब कोई संसाधन नहीं था, तब उनके ज्ञान की बातें और वाणी समाज सुधार का परिचायक बनी। सभी ने उसे आत्मसात भी किया। एक सर्वमान्य गुरु के रूप में जात-पात से ऊपर उठकर अपना स्थान बनाया। आयोजन की कड़ी में प्रदेश में जितने भी संत रविदास के मंदिर हैं, वहां पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश के संत, महात्मा, गुरुओं सबसे भेंट मुलाकात की जाएगी। छात्रावासों में संपर्क कार्यक्रम कर कलश वंदन यात्रा निकाली जायेगी। 31 जुलाई को बनारस से कलश के आने पर रायपुर में भव्य स्वागत किया जाएगा। उनकी जन्मस्थली से पवित्र मिट्टी छत्तीसगढ़ में आएगी। यह आमजन के लिए प्रेरणा का आदर्श बनेगा।
विधायक मोतीलाल साहू ने बताया क्या है संकल्प?
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास के दिखाया गया मार्ग ही हमारे 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के संकल्प का मूल आधार है। उनके 650वें जयंती वर्ष पर चलने वाला समरसता संकल्प अभियान सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण का जन आंदोलन बनेगा। इस अभियान का उद्देश्य गुरु रविदास महाराज के समता, सामाजिक न्याय, मानवता, सेवा और सामाजिक समरसता के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाना है। विकसित भारत के निर्माण में समाज के हर वर्ग की सहभागिता पर जोर देना है।
रविदास मंदिरों में जलेंगे 650 दिये: रमेश सिंह ठाकुर
रायपुर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने कहा कि संत रविदास की जयंती पर उनके आदर्शों को आत्मसात करेंगे। रायपुर में जितने मंडल हैं, सभी मंडलों में जहां-जहां संत रविदास के मंदिर हैं, वहां जाकर 650 दिए जलाए जाएंगे। 31 जुलाई को बनारस से आने वाली कलश यात्रा का रायपुर के रावांभाठा में भव्य स्वागत किया जाएगा। फिर बिरगांव चौक, भानपुरी चौक, फाफाडीह चौक, तेलीबांधा चौक होते हुए राम मंदिर तक कलश यात्रा पहुंचेगी। यहां पर नियमित पूजा अर्चना के बाद इस कलश को वितरण करने की व्यवस्था की जाएगी। सीएम विष्णु देव साय चार अगस्त को रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में कलश का वितरण करेंगे। इसके बाद कलश यात्रा को कार्यकर्ता अपने जिलों में ले जाएंगे। फिर मंडल और बूथ तक कार्यकर्ता जाएंगे। संत रविदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
छत्तीसगढ़ संतों का प्रदेश: गौरी शंकर श्रीवास
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता गौरी शंकर श्रीवास ने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों का प्रदेश है। ऋषियों का प्रदेश है। ऐसे में संत रविदास के जो प्रेरक संदेश हैं और जो समरसता का भाव है। उसका सम्मान करते हुए आत्मसात करेंगे। सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी नेता उसमें अपनी भागीदारी देंगे। समाज में नई उर्जा का संचार करेंगे।
26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक के आयोजन
उन्होंने कहा कि 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक गुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसमें देशभर के सभी छात्रावासों में संत शिरोमणि महाराज पर समरसता संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वर्मा ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जूनागढ़ (गुजरात), सागर (मध्य प्रदेश), चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) और खुरालगढ़ साहिब (पंजाब), दिल्ली स्थित गुरु रविदास मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों के विकास का संकल्प लिया गया है।
टोलियों का गठन
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने बताया कि अभियान को लेकर प्रदेश टोली (1+4), जिला टोली (1+4), मंडल टोली (1+3) और आयोजन टोलियों का गठन किया गया है। व्यापक जनसम्पर्क के लिए संचार, मीडिया और सोशल मीडिया टोलियां भी बनाई जाएंगी। प्रदेशस्तरीय कार्यशालाएं 20 से 23 जुलाई , जिला स्तरीय कार्यशालाएं 25 से 27 जुलाई 2026 तक होंगी।
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मामले में राजनीतिक पंडितों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में रविदास समाज के लोग रहते हैं। ऐसे में इनके वोट बैंक पर बीजेपी की नजर है। जिसे अमलीजामा पहनाने के लिये अभी से कवायद तेज हो गई है, जो फरवरी 2027 तक चलेगी। अगले साल 2028 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव होना है, जिसका लाभ चुनावी रणनीति के तहत पार्टी को मिलने की उम्मीद है। क्योंकि प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के लोग बड़ी संख्या में है। वहीं प्रदेश के आदिवासी महापुरुषों के नाम पर भी पार्टी समय-समय पर कार्यक्रम करती रही है। कुल मिलाकर भाजपा एससी, एसटी वर्ग को साधने के लिये अभी से जुट गई है।
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इसके पहले भी छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के महापुरुषों पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये थे। बस्तर और सरगुजा संभाग जो कि एससी, एसटी और आदिवासी बहुल हैं, वहां पर बड़े पैमाने पर इस तरह के कार्यक्रम कर आदिवासियों को साधा गया था। इसके लिये केंद्रीय नेताओं को बस्तर में बुलाया गया था। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने बस्तर संभाग का दौरा किया था। जिसका फल विधानसभा चुनाव 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 में मिला। बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाकर सत्ता पर काबिज है। इसी रोडमैप को फिर आगे बढ़ाते हुए विधानसभा चुनाव 2028 की चुनावी रणनीति पर फोकस किया जा रहा है। पार्टी ने रायपुर में बड़ी बैठक कर सीनियर नेताओं को इसके लिये जिम्मेदारी सौंपी है।
जानिये बीजेपी नेताओं ने क्या कहा
संत रविदास की 650जयंती को लेकर क्या तैयारी है? किस तरह के कार्यक्रम होंगे? क्या रणनीति है? इन सब मुद्दों को लेकर अमर उजाला ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से खास बातचीत की। इस संबंध में रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि पार्टी समय-समय पर देश के महापुरुषों को आगे करने का कार्य कर रही है। ताकि देश की संस्कार और संस्कृति को लेकर युवाओं को प्रेरणा मिल सके। उनकी जयंती पर फरवरी 2027 तक कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने समाज को जागरूक किया। रुढ़िवादी परंपराओं, जाति-पाति और भेदभाव को खत्म किया। देश में गुरु के रूप में अपना स्थान बनाया, जिसका अनुकरण सभी समाज ने किया है। 650 साल पहले प्रचार का जब कोई संसाधन नहीं था, तब उनके ज्ञान की बातें और वाणी समाज सुधार का परिचायक बनी। सभी ने उसे आत्मसात भी किया। एक सर्वमान्य गुरु के रूप में जात-पात से ऊपर उठकर अपना स्थान बनाया। आयोजन की कड़ी में प्रदेश में जितने भी संत रविदास के मंदिर हैं, वहां पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश के संत, महात्मा, गुरुओं सबसे भेंट मुलाकात की जाएगी। छात्रावासों में संपर्क कार्यक्रम कर कलश वंदन यात्रा निकाली जायेगी। 31 जुलाई को बनारस से कलश के आने पर रायपुर में भव्य स्वागत किया जाएगा। उनकी जन्मस्थली से पवित्र मिट्टी छत्तीसगढ़ में आएगी। यह आमजन के लिए प्रेरणा का आदर्श बनेगा।
विधायक मोतीलाल साहू ने बताया क्या है संकल्प?
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास के दिखाया गया मार्ग ही हमारे 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के संकल्प का मूल आधार है। उनके 650वें जयंती वर्ष पर चलने वाला समरसता संकल्प अभियान सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण का जन आंदोलन बनेगा। इस अभियान का उद्देश्य गुरु रविदास महाराज के समता, सामाजिक न्याय, मानवता, सेवा और सामाजिक समरसता के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाना है। विकसित भारत के निर्माण में समाज के हर वर्ग की सहभागिता पर जोर देना है।
रविदास मंदिरों में जलेंगे 650 दिये: रमेश सिंह ठाकुर
रायपुर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने कहा कि संत रविदास की जयंती पर उनके आदर्शों को आत्मसात करेंगे। रायपुर में जितने मंडल हैं, सभी मंडलों में जहां-जहां संत रविदास के मंदिर हैं, वहां जाकर 650 दिए जलाए जाएंगे। 31 जुलाई को बनारस से आने वाली कलश यात्रा का रायपुर के रावांभाठा में भव्य स्वागत किया जाएगा। फिर बिरगांव चौक, भानपुरी चौक, फाफाडीह चौक, तेलीबांधा चौक होते हुए राम मंदिर तक कलश यात्रा पहुंचेगी। यहां पर नियमित पूजा अर्चना के बाद इस कलश को वितरण करने की व्यवस्था की जाएगी। सीएम विष्णु देव साय चार अगस्त को रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में कलश का वितरण करेंगे। इसके बाद कलश यात्रा को कार्यकर्ता अपने जिलों में ले जाएंगे। फिर मंडल और बूथ तक कार्यकर्ता जाएंगे। संत रविदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
छत्तीसगढ़ संतों का प्रदेश: गौरी शंकर श्रीवास
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता गौरी शंकर श्रीवास ने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों का प्रदेश है। ऋषियों का प्रदेश है। ऐसे में संत रविदास के जो प्रेरक संदेश हैं और जो समरसता का भाव है। उसका सम्मान करते हुए आत्मसात करेंगे। सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी नेता उसमें अपनी भागीदारी देंगे। समाज में नई उर्जा का संचार करेंगे।
26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक के आयोजन
उन्होंने कहा कि 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक गुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसमें देशभर के सभी छात्रावासों में संत शिरोमणि महाराज पर समरसता संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वर्मा ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जूनागढ़ (गुजरात), सागर (मध्य प्रदेश), चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) और खुरालगढ़ साहिब (पंजाब), दिल्ली स्थित गुरु रविदास मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों के विकास का संकल्प लिया गया है।
टोलियों का गठन
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने बताया कि अभियान को लेकर प्रदेश टोली (1+4), जिला टोली (1+4), मंडल टोली (1+3) और आयोजन टोलियों का गठन किया गया है। व्यापक जनसम्पर्क के लिए संचार, मीडिया और सोशल मीडिया टोलियां भी बनाई जाएंगी। प्रदेशस्तरीय कार्यशालाएं 20 से 23 जुलाई , जिला स्तरीय कार्यशालाएं 25 से 27 जुलाई 2026 तक होंगी।