रायगढ़ : दो चट्टानों के बीच फंसकर हाथी शावक की दर्दनाक मौत, जांच में जुटी वन विभाग की टीम
रायगढ़ जिले में एक दुखद घटना में, एक हाथी शावक की मौत हो गई। यह घटना जिले के घरघोड़ा रेंज के कमतरा बीट क्षेत्र में हुई, जहां एक मादा हाथी अपने दो शावकों के साथ विचरण कर रही थी।
विस्तार
रायगढ़ जिले में एक दुखद घटना में, एक हाथी शावक की मौत हो गई। यह घटना जिले के घरघोड़ा रेंज के कमतरा बीट क्षेत्र में हुई, जहां एक मादा हाथी अपने दो शावकों के साथ विचरण कर रही थी। बीती रात ग्राम कया के पास पहाड़ियों से गुजरते समय, एक शावक का संतुलन बिगड़ गया और वह एक गड्ढे में गिर गया। दुर्भाग्यवश, वह दो चट्टानों के बीच फंस गया, जिससे उसकी जान चली गई।
दुर्घटना का विवरण और बचाव कार्य
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, घटना के बाद से मौके पर मौजूद मादा हाथी काफी देर तक चिंघाड़ती रही, जो उसकी पीड़ा को दर्शा रहा था। आज सुबह घटना की जानकारी मिलते ही, वन विभाग की टीम हरकत में आ गई। घरघोड़ा और तमनार रेंज के अधिकारी तथा वरिष्ठ वन अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद, वन विभाग की टीम शव को बाहर निकालने में सफल रही। इसके बाद, मौके पर ही पोस्टमार्टम (पीएम) कराया गया और आगे की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों का मानना है कि यह शावक लगभग एक साल का था और संभवतः पहाड़ पर चढ़ते समय संतुलन बिगड़ने के कारण गड्ढे में गिर गया। अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
वन विभाग के आंकड़े और क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी
रायगढ़ वन मंडल के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में इस क्षेत्र में हाथियों के दो अलग-अलग दल विचरण कर रहे हैं। इन दलों में कुल 78 हाथी शामिल हैं, जिनमें 22 नर, 40 मादा और 16 शावक हैं। यह घटना इस बात पर प्रकाश डालती है कि वन क्षेत्रों में जंगली हाथियों के लिए जीवन कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, और शावकों के लिए यह खतरा और भी अधिक होता है। रायगढ़ वन मंडल के डीएफओ अरविंद पीएम ने बताया कि यह घटना घरघोड़ा के कमतरा गांव से लगभग 4 किलोमीटर दूर दो पहाड़ियों के बीच हुई। शव की स्थिति को देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शावक की मौत दो से तीन दिन पहले हुई होगी। वन विभाग इस मामले की पूरी जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।