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Raipur News: लोन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: 27.5 लाख की ठगी में फरार आरोपी गिरफ्तार, गिरोह का खुलासा
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Mon, 20 Apr 2026 06:25 PM IST
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सार
रायपुर में फर्जी लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायपुर में फर्जी लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
थाना पंडरी में दर्ज मामले के अनुसार, आरोपियों ने प्रार्थी के नाम पर अलग-अलग बैंकों से करीब 27 लाख 50 हजार रुपये का लोन निकालकर धोखाधड़ी की थी। इस मामले में पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि दूसरा आरोपी फरार चल रहा था।
पुलिस ने लगातार तलाश के बाद फरार आरोपी जितेश कुमार चंद्राकर (32 वर्ष), निवासी बलौदाबाजार, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने प्रार्थी के नाम पर फाइनेंस कराकर दो एसी और एक मोबाइल खरीदा और बाद में उन्हें बेच दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि पहले गिरफ्तार आरोपी होरीलाल पंकज ने अपनी कार में फर्जी पदनाम का बोर्ड लगाकर खुद को प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया था। पुलिस ने इसे भ्रामक और छलपूर्ण कृत्य मानते हुए संबंधित धाराएं भी जोड़ दी हैं। फिलहाल मामले में अन्य तथ्यों की जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
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थाना पंडरी में दर्ज मामले के अनुसार, आरोपियों ने प्रार्थी के नाम पर अलग-अलग बैंकों से करीब 27 लाख 50 हजार रुपये का लोन निकालकर धोखाधड़ी की थी। इस मामले में पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि दूसरा आरोपी फरार चल रहा था।
पुलिस ने लगातार तलाश के बाद फरार आरोपी जितेश कुमार चंद्राकर (32 वर्ष), निवासी बलौदाबाजार, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने प्रार्थी के नाम पर फाइनेंस कराकर दो एसी और एक मोबाइल खरीदा और बाद में उन्हें बेच दिया।
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जांच में यह भी सामने आया कि पहले गिरफ्तार आरोपी होरीलाल पंकज ने अपनी कार में फर्जी पदनाम का बोर्ड लगाकर खुद को प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया था। पुलिस ने इसे भ्रामक और छलपूर्ण कृत्य मानते हुए संबंधित धाराएं भी जोड़ दी हैं। फिलहाल मामले में अन्य तथ्यों की जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
