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CG News: छोटे किसान ने रोजाना 10 रुपये बचाए, बेटी को दिलाई स्कूटी, पिता की मेहनत बनी दिवाली पर सबसे बड़ा तोहफा
अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 23 Oct 2025 04:48 PM IST
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सार
दरअसल, बजरंग राम भगत ने पिछले छह से सात महीनों तक हर दिन 10 रुपए बचाकर रकम इकट्ठा की। जब सिक्कों में लगभग 40 हजार रुपए जमा हो गए, तो उन्होंने इसमें 60 हजार रुपए नकद जोड़कर दीपावली के दिन अपनी बेटी स्कूटी के लिए खरीदी।
पिता की मेहनत बनी दिवाली पर सबसे बड़ा तोहफा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के केसरापाठ गांव के छोटे किसान और अंडा-चना की दुकान चलाने वाले बजरंग राम भगत ने अपनी मेहनत और बचत से इस दीपावली पर अपने परिवार को खुशी से भर दिया। उनकी यह सादगी और समर्पण की कहानी अब सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रही है।
दरअसल, बजरंग राम भगत ने पिछले छह से सात महीनों तक हर दिन 10 रुपए बचाकर रकम इकट्ठा की। जब सिक्कों में लगभग 40 हजार रुपए जमा हो गए, तो उन्होंने इसमें 60 हजार रुपए नकद जोड़कर दीपावली के दिन अपनी बेटी चम्पा भगत के साथ शहर के देवनारायण होंडा शोरूम पहुंचकर होंडा एक्टिवा स्कूटी (98 हजार 700 ऑन रोड) खरीदी। चम्पा ने बताया कि पिताजी रोज 10 रुपए बचाते थे ताकि घर के लिए कुछ बड़ा खरीद सकें। हमने मिलकर सोचा कि स्कूटी लेने से 18 किलोमीटर दूर शहर से सामान लाने-ले जाने में आसानी होगी और परिवार के सभी सदस्य इसका उपयोग कर सकेंगे।
शोरूम मालिक आनंद गुप्ता ने बताया कि बजरंग राम की ईमानदार मेहनत और लगन देखकर स्टाफ ने पूरे सम्मान के साथ सिक्के गिने और उन्हें स्कूटी की चाबी सौंपी। कंपनी की स्कीम के तहत उन्हें लॉटरी स्क्रैच में मिक्सर ग्राइंडर भी उपहार में मिला। बजरंग राम ने कहा कि मुझे कर्ज लेना पसंद नहीं। मैं जो कमाता हूं, उसी में बचत करता हूं। यही सोचकर मैंने नकद में स्कूटी खरीदी। यह हमारे परिवार के लिए दीपावली का सबसे बड़ा तोहफा है।
चम्पा ने बताया कि उनके परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि और महतारी वंदन योजना का लाभ मिला है। घर में पहले से बुआ द्वारा दी गई एक मोटरसाइकिल थी, लेकिन स्कूटी से उसकी पढ़ाई और घर-परिवार के कामकाज में अब काफी सुविधा होगी।
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दरअसल, बजरंग राम भगत ने पिछले छह से सात महीनों तक हर दिन 10 रुपए बचाकर रकम इकट्ठा की। जब सिक्कों में लगभग 40 हजार रुपए जमा हो गए, तो उन्होंने इसमें 60 हजार रुपए नकद जोड़कर दीपावली के दिन अपनी बेटी चम्पा भगत के साथ शहर के देवनारायण होंडा शोरूम पहुंचकर होंडा एक्टिवा स्कूटी (98 हजार 700 ऑन रोड) खरीदी। चम्पा ने बताया कि पिताजी रोज 10 रुपए बचाते थे ताकि घर के लिए कुछ बड़ा खरीद सकें। हमने मिलकर सोचा कि स्कूटी लेने से 18 किलोमीटर दूर शहर से सामान लाने-ले जाने में आसानी होगी और परिवार के सभी सदस्य इसका उपयोग कर सकेंगे।
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शोरूम मालिक आनंद गुप्ता ने बताया कि बजरंग राम की ईमानदार मेहनत और लगन देखकर स्टाफ ने पूरे सम्मान के साथ सिक्के गिने और उन्हें स्कूटी की चाबी सौंपी। कंपनी की स्कीम के तहत उन्हें लॉटरी स्क्रैच में मिक्सर ग्राइंडर भी उपहार में मिला। बजरंग राम ने कहा कि मुझे कर्ज लेना पसंद नहीं। मैं जो कमाता हूं, उसी में बचत करता हूं। यही सोचकर मैंने नकद में स्कूटी खरीदी। यह हमारे परिवार के लिए दीपावली का सबसे बड़ा तोहफा है।
चम्पा ने बताया कि उनके परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि और महतारी वंदन योजना का लाभ मिला है। घर में पहले से बुआ द्वारा दी गई एक मोटरसाइकिल थी, लेकिन स्कूटी से उसकी पढ़ाई और घर-परिवार के कामकाज में अब काफी सुविधा होगी।