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छत्तीसगढ़ में सेल्फ डिक्लेरेशन सिस्टम लागू: अब 24 घंटे में मिलेगा पंजीयन प्रमाण पत्र,ऑनलाइन हुई पूरी प्रक्रिया
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Wed, 10 Jun 2026 11:00 PM IST
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सार
Self declaration system implement in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) नियम 2021 में अहम संशोधन किया है।
ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल
- फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार
Self declaration system implement in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) नियम 2021 में अहम संशोधन किया है। अब इसे व्यापारियों, दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के लिए पंजीयन प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बना दिया गया है। श्रम विभाग की ओर से तीन जून 2026 को राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, नियम 4, नियम 5 और प्रपत्र-2 को पूरी तरह प्रतिस्थापित कर नए प्रावधान लागू किए गए हैं।
नए संशोधनों का उद्देश्य व्यवसायों को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना, मानवीय हस्तक्षेप कम करना और ऑनलाइन शासन व्यवस्था को मजबूत करना है। संशोधित नियम 4 के तहत अब नियोक्ता की ओर से ऑनलाइन आवेदन, आवश्यक दस्तावेज तथा ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने के बाद 24 घंटे के भीतर वेब पोर्टल से श्रम पहचान संख्या का पंजीयन प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। पहले पंजीयन प्रक्रिया में विभागीय स्तर पर अधिक समय लगता था, जबकि अब समयबद्ध सेवा का स्पष्ट प्रावधान कर दिया गया है।
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कागजी कार्रवाई में आएगी कमी
संशोधन के अनुसार, दुकानों और प्रतिष्ठानों का रिकॉर्ड श्रम विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर शो किया जाएगा। इससे कागजी कार्रवाई में कमी आएगी। विभागीय अभिलेखों का डिजिटलीकरण होगा। नए नियमों के तहत वेब पोर्टल के माध्यम से जारी श्रम पहचान संख्या प्रमाणपत्र अधिनियम एवं नियमों के अंतर्गत पूरी तरह से वैध माना जाएगा। यदि आवेदन में दी गई जानकारी, तथ्य या दस्तावेज भ्रामक, त्रुटिपूर्ण या असत्य पाए जाते हैं, तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी। इससे स्व-घोषणा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। अब प्रत्येक दुकान एवं स्थापना संचालक को प्रतिष्ठान के प्रमुख एवं स्पष्ट दिखाई देने वाले स्थान पर पंजीयन प्रमाण पत्र दिखाना होगा।
संशोधन के लिए देने होंगे 100 रुपये
यदि नियोक्ता या भागीदार का नाम, पता, कर्मचारियों की संख्या, प्रतिष्ठान का पता अथवा व्यवसाय की प्रकृति में परिवर्तन होता है,तो अब इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। प्रमाणपत्र में किसी प्रकार के परिवर्तन या संशोधन के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसका भुगतान ई-चालान के माध्यम से करना होगा। संशोधन आवेदन प्राप्त होने के बाद नया या संशोधित पंजीयन प्रमाणपत्र भी 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन जारी करने का प्रावधान किया गया है।
अब नया प्रपत्र लागू
राज्य सरकार ने पुराने प्रपत्र-2 को पूरी तरह हटाकर नया प्रपत्र लागू किया है। इसमें पहले की तुलना में अधिक विस्तृत जानकारियां शामिल की गई हैं। नई जानकारी जो दर्ज करनी होगी, उसमें श्रम पहचान संख्या एवं दिनांक, प्रतिष्ठान का पूरा पता, ई-मेल एवं मोबाइल नंबर, व्यवसाय, व्यापार का स्वरूप, निजी अथवा सार्वजनिक स्थापना का विवरण, संगठन का प्रकार (प्रोपराइटर, पार्टनरशिप, एलएलपी, कंपनी, ट्रस्ट, सहकारी संस्था आदि), ईएसआई एवं ईपीएफ पंजीयन की जानकारी, नियोक्ता एवं प्रबंधक का विवरण, मुख्यालय की जानकारी, कर्मचारियों का वर्गवार विवरण, साप्ताहिक अवकाश का उल्लेख, कर्मचारियों का विवरण शामिल है। राजपत्र के अनुसार पुराने नियम 4, नियम 5 और प्रपत्र-2 को यथावत संशोधित नहीं किया गया, बल्कि उन्हें पूर्णतः प्रतिस्थापित कर दिया गया है। अर्थात पुराने प्रावधान अब प्रभावी नहीं रहेंगे और उनकी जगह नए नियम लागू होंगे।
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस‘ को बढ़ावा: श्रमायुक्त हिम शिखर
श्रमायुक्त हिम शिखर गुप्ता का कहना है कि यह संशोधन राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस‘ को बढ़ावा देगा। ऑनलाइन पंजीयन, 24 घंटे की समय-सीमा, स्व-घोषणा आधारित प्रमाणपत्र और संशोधन की डिजिटल व्यवस्था से छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और सेवा प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिलेगी। विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।