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CG: कबीरधाम में तेजी से गिर रहा वाटर लेवल, प्रशासन ने बोर खनन पर लगाई रोक
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: श्याम जी.
Updated Wed, 09 Apr 2025 09:56 PM IST
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सार
कबीरधाम जिले में तेजी से वाटर लेवल गिर रहा है। ऐसे में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बोर खनन पर रोक लगा दी है। जिला प्रशासन ने ठोस पहल करते हुए पूरे जिले को जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है।
कलेक्टर कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भीषण गर्मी की शुरुआत होते ही कबीरधाम जिले में तेजी से वाटर लेवल गिर रहा है। इसके बाद भी जिले में लगातार बोर खनन किया जा रहा था, ऐसे में बुधवार देर शाम को कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बोर खनन पर रोक लगा दी है। गर्मी के मौसम में पेयजल की संभावित कमी को ध्यान में रखते हुए कबीरधाम जिला प्रशासन ने ठोस पहल करते हुए पूरे जिले को जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है।
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कलेक्टर गोपाल वर्मा ने छत्तीसगढ़ पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 (कमांक-3) 1987 की धारा-3 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया, जो 10 अप्रैल से 30 जून 2025 तक प्रभावशील रहेगा। इस आदेश के तहत उक्त अवधि में सक्षम प्राधिकृत अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई भी व्यक्ति या संस्था नलकूप खनन नहीं कर सकेगी, चाहे वह पेयजल के लिए हो या किसी अन्य प्रयोजन के लिए।
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यह प्रतिबंध जिले के समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा।हालांकि, शासकीय एजेंसियों जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जिले के किसी भी हिस्से में पेयजल प्रयोजन के लिए नलकूप खनन के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। इसी तरह, नगर पालिका परिषद कवर्धा एवं जिले की समस्त नगर पंचायतों को अपने-अपने सीमा क्षेत्र में केवल पेयजल आपूर्ति हेतु नलकूप खनन की अनुमति से छूट दी गई है।
इन एजेंसियों को इस अवधि में कराए गए नलकूप खनन की जानकारी संबंधित प्राधिकृत अधिकारी को अनिवार्य रूप से देनी होगी।निजी व्यक्ति, संस्था या अन्य किसी एजेंसी द्वारा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति खनन करने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।