रमजान में इंसानियत की मिसाल: पीएम आवास योजना का नहीं मिला लाभ, समाज के सहयोग से धन जुटाकर बना नया पक्का घर
जिले में दिव्यांग और उनकी मां को भूमि दस्तावेजों के अभाव में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका, लेकिन अंजुमन इस्लामिया कमेटी एवं बस्तर संभाग मुस्लिम समाज ने समाज के सहयोग से धन जुटाकर उनका नया पक्का मकान बनवाया।
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नारायणपुर जिले में एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है। सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने के बावजूद समाज की पहल से एक जरूरतमंद परिवार को नया घर मिला है। अंजुमन इस्लामिया कमेटी नारायणपुर और बस्तर संभाग मुस्लिम समाज ने यह सहयोग किया।
आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग आबिद भाई तथा उनकी बेवा माता फातिमा बेगम को नया पक्का आशियाना प्रदान किया गया। आबिद भाई लंबे समय से कच्चे और जर्जर मकान में जीवन यापन कर रहे थे। उन्होंने कई बार कलेक्टर जनदर्शन और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी। भूमि के दस्तावेजों के अभाव में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका। तत्कालीन कलेक्टर विपिन मांझी ने स्वयं उनके मकान का निरीक्षण किया था।
उन्होंने सहायता का आश्वासन भी दिया था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद मामला आगे नहीं बढ़ सका। परिवार की समस्या जस की तस बनी रही। इस बीच अंजुमन इस्लामिया कमेटी नारायणपुर की अगुवाई में मुस्लिम समाज के लोगों ने पहल की। उन्होंने आपसी सहयोग से धनराशि एकत्रित की और आबिद खान के लिए नया घर बनवाया।
18 मार्च को नारायणपुर के इमाम साहब द्वारा फातेहा के साथ मकान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बस्तर संभाग मुस्लिम समाज के पदाधिकारी तथा जगदलपुर, कोंडागांव, केशकाल और नारायणपुर के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आबिद भाई को नए घर की चाबी सौंपी गई। नए मकान का उद्घाटन सनातन धर्म के जिला अध्यक्ष नारायणपुर साहू ने फीता काटकर किया। विभिन्न समाजों के लोगों की उपस्थिति ने सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
कार्यक्रम में बस्तर संभाग मुस्लिम समाज के अध्यक्ष हाजी वसीम अहमद सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंजुमन इस्लामिया कमेटी, नारायणपुर के सदर मोहम्मद इमरान खान ने बताया कि मुस्लिम समाज के लोगों के सहयोग से मकान बना। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी टीम समाज की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। ऐसे प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान जिले में अमन-चैन, शांति और भाईचारे की मजबूती के लिए दुआ की गई।