CG: स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के इंटर्न और पीजी डॉक्टरों का विरोध, प्रदेश का कैसा हाल?
जगदलपुर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू किया। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम स्टाइपेंड मिलता है।
जगदलपुर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू किया। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम स्टाइपेंड मिलता है।
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मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में एमबीबीएस इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर गुरुवार से काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में इंटर्न और पीजी रेजिडेंट को सबसे कम स्टाइपेंड दिया जा रहा है।
इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने बताया कि वे अपने-अपने वार्डों में नियमित चिकित्सकीय सेवाएं देते हुए शांतिपूर्ण ढंग से काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो शुक्रवार से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि "सम्मानजनक स्टाइपेंड हमारा अधिकार है और समय पर स्टाइपेंड हमारी आवश्यकता है। इंटर्न व पीजी डॉक्टरों का शोषण बंद किया जाए।" उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में प्रथम वर्ष के पीजी रेजिडेंट को 67,500 रुपये और एमबीबीएस इंटर्न को केवल 15,900 रुपये मासिक स्टाइपेंड मिलता है, जो कई राज्यों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने सरकार से 5 अगस्त को प्रस्तावित बैठक में स्टाइपेंड बढ़ाने पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
अन्य राज्यों में इंटर्न स्टाइपेंड
डॉक्टरों के अनुसार, ओडिशा में एमबीबीएस इंटर्न को 40,953 से 44,319 रुपये, पश्चिम बंगाल में 43,099 रुपये, असम में 36,225 रुपये, कर्नाटक में 26,300 से 30,000 रुपये, बिहार में 20,000 से 27,000 रुपये, दिल्ली में 30,700 से 34,310 रुपये, झारखंड में 25,000 से 30,000 रुपये, तेलंगाना में 29,000 रुपये से अधिक तथा केरल में 26,000 से 27,000 रुपये तक स्टाइपेंड दिया जाता है। वहीं छत्तीसगढ़ में यह राशि केवल 15,900 रुपये है।
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IMA जूनियर डॉक्टर नेटवर्क ने दिया नैतिक समर्थन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) जूनियर डॉक्टर नेटवर्क (JDN) छत्तीसगढ़ ने एमबीबीएस इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों की स्टाइपेंड वृद्धि की मांग का नैतिक समर्थन किया है। संगठन का कहना है कि यह मुद्दा नया नहीं है और IMA पहले भी कई बार ज्ञापन एवं प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से राज्य सरकार के समक्ष इसे उठा चुका है। इसलिए यह लंबे समय से लंबित और पूरी तरह न्यायसंगत मांग है।
स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा जा चुका है ज्ञापन
IMA JDN ने बताया कि स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है। संगठन ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का समर्थन करते हुए कहा कि वे नियमित चिकित्सकीय सेवाएं जारी रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं। संगठन का मानना है कि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए।