अदिति गार्डन: शहरीकरण के बीच प्रकृति और सुकून का संगम
पुणे के मगरपट्टा सिटी स्थित अदिति गार्डन शहरीकरण के बीच हरियाली, जैव विविधता और सुकून का अनूठा संगम है। जानिए इस खूबसूरत उद्यान की प्राकृतिक सुंदरता, पक्षियों, तितलियों और शांत वातावरण के बारे में।
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तेजी से फैलते शहरीकरण के बीच अक्सर हरियाली कहीं खो जाती है। पुणे भी तेजी से विकसित होता एक स्मार्ट शहर है, जहां हर तरफ़ कंस्ट्रक्शन कार्य नज़र आते हैं। ऐसे वातावरण में मगरपट्टा सिटी का “अदिति गार्डन” हरियाली और सुकून देता है। पुणे का मगरपट्टा सिटी लगभग 450 एकड़ में फैला एक आधुनिक और हाईटेक टाउनशिप है, जिसका निर्माण लगभग 25 वर्ष पहले हुआ। इसकी विशेषता यह है कि यहां प्रकृति संरक्षण के लिए लगभग 30 प्रतिशत हरित क्षेत्र सुरक्षित रखा गया है। जब अधिकांश शहरों में हरियाली कम होती जा रही है, तब मगरपट्टा में प्रकृति को विशेष महत्व दिया गया है।
सुंदर जैव विविधता
मगरपट्टा सिटी के बीचों-बीच लगभग 25 एकड़ भूमि पर बना “अदिति गार्डन” जैव विविधता का सुंदर उदाहरण है। यहां पुराने वृक्षों को संरक्षित करने के साथ कई प्रकार के नए वृक्ष और बाँस के झुरमुट लगाए गए हैं। गार्डन में नीम, बरगद, पीपल, गुलमोहर, रेन ट्री, अशोक, कनेर, अमलतास, नागलिंगम, कदंब, जामुन, गुड़हल और बोगनवेलिया जैसे अनेक वृक्ष और पौधे दिखाई देते हैं। जिनमें कई वृक्ष आयुर्वेदिक महत्व के हैं। यहां विभिन्न प्रकार के पक्षी भी नज़र आते हैं, जिनमें तोता, बुलबुल, सनबर्ड, किंगफिशर, कोयल, इंडियन रॉबिन, गौरैया, ब्लैक ड्रॉन्गो और ग्रे हॉर्नबिल प्रमुख हैं। जलाशय के आसपास इंडियन पॉन्ड हेरोन, लिटिल एग्रेट और व्हाइट-ब्रेस्टेड वाटरहेन जैसे जल पक्षी भी देखे जा सकते हैं।
फूलों के आसपास उड़ती रंग-बिरंगी तितलियां इस गार्डन की सुंदरता बढ़ाती हैं। यहां प्लेन टाइगर, लाइम बटरफ्लाई, ब्लू टाइगर और ग्रास येलो जैसी तितलियां दिखाई देती हैं। जलाशय के आसपास ड्रैगनफ्लाई, मधुमक्खियां, लेडीबग, प्रेइंग मैन्टिस और अन्य छोटे कीट-पतंगे भी देखे जा सकते हैं। बरसात की शामों में जुगनू वातावरण को और आकर्षक बना देते हैं। रात के समय गार्डन की लाइट्स के आसपास कई प्रकार के मौथ दिखाई देते हैं, जिनमें लेपर्ड मौथ, टाइगर मौथ और एटलस मौथ प्रमुख हैं। कनेर के वृक्षों के कारण यहां दुर्लभ “ओलिएंडर हॉक मौथ” भी देखने को मिलते है।
हरित क्षेत्र और सुकून भरा वातावरण
गार्डन के विशाल हरे-भरे मैदान लोगों को आकर्षित करते हैं। यहां सुबह और शाम लोग जॉगिंग, वॉक, योग और मेडिटेशन करते दिखाई देते हैं। गार्डन के मध्य में तिरंगे वाला गोलाकार चबूतरा इसकी सुंदरता बढ़ाता है। यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोग आते हैं। अदिति गार्डन में ओपन जिम में साइकलिंग मशीन, क्रॉस ट्रेनर और अन्य फिटनेस उपकरण उपलब्ध हैं। अदिति गार्डन में एक छोटा लेकिन सुंदर गणपति मंदिर भी स्थित है, जहां सुबह-शाम पूजा होती है। यहां बना “लोटस पॉन्ड” सफेद-गुलाबी कमल के फूलों से भरा रहता है।
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अदिति गार्डन का शांत वातावरण और शुद्ध हवा तन और मन दोनों को सुकून पहुंचाती हैं। यह स्थान शहरी जीवन के बीच किसी वन व प्राकृतिक आरोग्यशाला जैसा अनुभव देता है। इस उद्यान की एक विशेषता इसकी साफ-सफाई और सुनियोजित रखरखाव भी है। यहाँ पेड़-पौधों और घास की नियमित कटाई-छंटाई की जाती है। अदिति गार्डन यह संदेश देता है कि आधुनिक शहरी जीवन के बीच भी प्रकृति और हरियाली को सहेजकर रखा जा सकता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।