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रास्ते का हर पल अनमोल है: जीवन की यात्रा में खूबसूरती देखें, सूरज, चांद, पक्षी और पेड़ों से भी सीखें
थिक न्हात हान
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 06 Feb 2026 07:36 AM IST
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सार
जीवन की यात्रा में सूरज की गर्मी को महसूस करें, सूर्यास्त की लालिमा को देखें, चांद की रोशनी में कुछ पल ठहरें, पक्षियों की आवाज सुनें और पेड़ों की स्थिरता से सीखें। मंजिल तक पहुंचना तय है, लेकिन रास्ते का हर पल अनमोल है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जब हम जवान होते हैं, तो हम एक छोटी नदी की तरह होते हैं। रास्ते में कई चट्टानें आती हैं, कई रुकावटें और कठिनाइयां मिलती हैं। उस समय हमें लगता है कि बस किसी तरह इन्हें पार कर लें और जल्दी से समुद्र तक पहुंच जाएं। हम जल्दबाजी में रहते हैं, आगे ही आगे देखने लगते हैं, और सोचते हैं कि सुख शायद मंजिल पर मिलेगा।
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लेकिन जैसे-जैसे नदी खेतों और मैदानों से होकर आगे बढ़ती है, वह धीरे-धीरे बड़ी होने लगती है। उसका बहाव शांत हो जाता है। अब वह आकाश की परछाईं अपने भीतर देख सकती है। उसे समझ आ जाता है कि समुद्र तक पहुंचना तो तय है, इसलिए अब भागने की जरूरत नहीं है। अब वह सूर्यास्त की सुंदरता देखती है, चांदनी में ठहरती है और पक्षियों की आवाज सुनती है।
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यात्रा ही आनंद बन जाती है। जीवन भी ऐसा ही है। युवावस्था में हम भविष्य के पीछे दौड़ते हैं, और वृद्धावस्था हमें वर्तमान में जीना सिखाती है। वृद्धावस्था जीवन की स्वाभाविक अवस्था है, जिसे डर के साथ नहीं, बल्कि समझ और प्रेम के साथ अपनाना चाहिए। एक दिन हम सभी वृद्ध होंगे। कभी न कभी शरीर बीमार भी हो सकता है। मृत्यु भी जीवन का हिस्सा है।
ये सच्चाइयां हमें दुखी करने के लिए नहीं हैं, बल्कि हमें जगाने के लिए हैं। जब हम इन्हें शांति से स्वीकार कर लेते हैं, तो हम हर दिन को पूरी तरह जीना सीख जाते हैं। जैसे शांत नदी आकाश को साफ-साफ प्रतिबिंबित करती है, वैसे ही शांत मन जीवन की सच्चाइयों को स्पष्ट देख पाता है। वृद्धावस्था में हमें हर समय कुछ साबित करने की जरूरत नहीं होती।
बस सांस लेना, चलना, देखना और महसूस करना ही पर्याप्त होता है। जीवन की यात्रा में सूरज की गर्मी को महसूस करें, सूर्यास्त की लालिमा को देखें, चांद की रोशनी में कुछ पल ठहरें, पक्षियों की आवाज सुनें और पेड़ों की स्थिरता से सीखें। समुद्र तक पहुंचना तय है, लेकिन रास्ते का हर पल अनमोल है। जब हम सजग होकर जीते हैं, तब जीवन की हर अवस्था एक सुंदर उपहार बन जाती है।
