विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: सू गिब्सन- क्लैपलोडर सिनेमाटोग्राफर
30 फिल्मों की सिनेमाटोग्राफर सू गिब्सन ने 4 पुरस्कार जीते, कैमरा के साथ इलेक्ट्रिकल विभाग भी संभाला। वे अपने काम में लॉन्ग लेंस, हाई स्पीड, मैक्रो, टाइम-लेप्स जैसी तकनीक का प्रयोग करतीं।
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सू गिब्सन ने प्रारंभ में क्लैपलोडर थीं। बाद में सिनेमाटोग्राफर बनीं, फीचर फिल्म, टीवी, ऑपेरा आदि के लिए फिल्मांकन किया। ब्रिटिश सोसायटी ऑफ सिनेमाटोग्राफर्स के अध्यक्ष पद तक जा पहुंची। हालांकि 8 नवम्बर 1952 को डर्बीशायर में जन्मी सू गिब्सन केलिए आसान नहीं था यह सफर।
फिल्म प्रोडक्शन में क्लैपलोडर कैमरा टीम का हिस्सा होता है, यह व्यक्ति एक तख्ती पकड़ पर शूटिंग के प्रारंभ में क्लैप करता है ताकि पोस्ट प्रोडक्शन यानि रिकॉर्डिंग एवं एडिटिंग के दौरान दृश्य और ध्वनि को साथ-साथ रख कर क्रमिक बनाया जा सके। यह क्लैप दृश्य-श्रव्य को समकालीन बनाता है।
14 साल की उम्र में ही उन्हें कैमरा मिल गया था। 18 साल में वे घर छोड़कर न्यूपोर्ट आर्ट कॉलेज में पढ़ने चली गईं। यहा उन्हें स्टिल फोटोग्राफी के लिए बढ़ावा मिल रहा था। वे इसी माध्यम द्वारा कहानियां कह रही थीं, उन्हें काम मिल रहा था। लेकिन शिक्षा पूरी करने के बाद चलती-फिरती तस्वीरों के आकर्षण ने उन्हें लगा मन लायक काम करना चाहिए।
वे फिल्म में जाने की सोचने लगीं अत: बीकनस्फील्ड के नेशनल फिल्म एवं टेलीविजन स्कूल में पहुंच गईं। वहां दो साल (1979-1981) के प्रशिक्षण पश्चात जब 29 साल की उम्र में सिनेमाटोग्राफर बनना चाहती थीं। उन दिनों कैमरा ऑपरेटर तो दूर की बात इस विभाग में मात्र गिनी-चुनी औरतें थीं। वे दो साल तक क्लैपलोडर रहीं।
‘प्राइवेट्स ऑन परेड’ फिल्म से जीवन को मिला नया मोड़
उन्होंने फोटोग्राफी डॉयरेक्टर इयान विल्सन के साथ क्लैपरलोडर का काम शुरू किया, फिल्म थी, ‘प्राइवेट्स ऑन परेड’। इसके बाद वे कमर्शियल्स की ओर मुड़ गईं। प्रशिक्षित होने की वजह से वे सारे स्टेजेज को भली-भांति समझती थीं। उस समय उपलब्ध सारे उपकरणों के साथ उन्होंने काम नहीं किया हुआ था अत: यहां सीखने केलिए काफी कुछ था। वे खुद को भाग्यशाली मानती थीं क्योंकि उन्हें कई अच्छे फोकस पुलर एवं कैमरा ओपरेटर का सानिध्य मिला, जिनसे उन्होंने काफ कुछ सीखा।
30 फिल्मों की सिनेमाटोग्राफर सू गिब्सन ने 4 पुरस्कार जीते, कैमरा के साथ इलेक्ट्रिकल विभाग भी संभाला। वे अपने काम में लॉन्ग लेंस, हाई स्पीड, मैक्रो, टाइम-लेप्स जैसी तकनीक का प्रयोग करतीं। फीचर फिल्म के अलावा अन्य प्लेटफॉर्म केलिए भी सिनेमाटोग्राफी की। वे जो भी करती मन से करती, उत्कृष्टता के साथ करतीं।
बचपन के शौक घुड़सवारी को जारी रखते हुए क्रॉसकंट्री प्रतियोगिता में भाग लिया, उन्होंने अपने घोड़े डेमी को प्रशिक्षित किया, उसके साथ ड्रेसेज प्रतियोगिता (इसमें पहले से सेट गति, सटीकता, सामंजस्य एवं एथलीट कुशलता की जांच होती है) में गईं। वे होर्स ब्रीडिंग में भी उतरीं उसी प्रक्रिया में उनके प्यारे बेला का जन्म हुआ। इतना ही नहीं उन्होंने पाइलेट लाइसेंस लिया, लेकिन उन्हें कहा गया वे सिंगल इंजिन प्लेन से चेनल पार नहीं कर सकती हैं तो उन्होंने आगे बढ़ कर डबल इंजिन का प्रशिक्षण लिया, नाइट फ्लाइट की। और-तो-और कैनडा जा कर समुद्री जहाज (सीप्लेन) उड़ाने की ट्रेनिंग भी ली।
वे कैमरे द्वारा दृश्यों के माध्यम से कहानी कहतीं, भावनाएं जगातीं। उनके काम की गुणवत्ता को देखते हुए ब्रिटिश सोसायटी ऑफ सिनेमाटोग्राफर्स ने उन्हें सदस्या केलिए आमंत्रित किया, सोसायटी के 43 साल के इतिहास में वे सदस्य बनने वाली पहली महिला थीं।
‘एलियन वर्सेस प्रिडेटर’, ‘रेजीडेंट इविल’, ‘द होलीडे’ फिल्मों की सिनेमाटोग्राफर ने 2004 में इस संस्था के बोर्ड ऑफ गवर्न्स के पद को सुशोभित किया और 2008 से 2010 तक इसकी चुनी हुई अध्यक्ष रहीं। वे नेशनल फिल्म एंड टेलिविजन स्कूल एवं लंदन कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन भविष्य तैयार करने हेतु छात्रों को पढ़ा रहीं थीं, इतना नहीं उन्हें मॉनीटर भी कर रही थीं।
सू ने कई निर्देशकों के साथ काम किया, उन्हें डेनिस पोटर के साथ फिल्म ‘सीक्रेट फ्रैंड्स’ में काम करते हुए काफी अच्छा लगा। उनके लिए डेनिस पोटर की क्षमता के योग्य व्यक्ति के साथ काम करना गर्व की बात थी। यह पोटर की अंतिम फिल्म थी, फिल्म आइडेंटिटी क्राइसिस के इर्द-गिर्द घूमती है, फिल्म को एक पुरस्कार मिला।
एविनिंग स्टैंडर्ड ब्रिटिश फिल्म अवॉर्ड
1993 का एविनिंग स्टैंडर्ड ब्रिटिश फिल्म अवॉर्ड सू गिब्सन के नाम रहा यह उन्हें बेस्ट टेक्निकल/आर्टिस्टिक अचीवमेंट हेतु प्राप्त हुआ, यह पुरस्कार उन्हें उनकी पहली फिल्म ‘हियर माई सॉन्ग’ के लिए संयुक्त रूप से मिला था।
वे याद करती हैं, उन्हें पीटर चेलसोम के साथ फिल्म ‘हियर माई सॉन्ग’ (1991) केलिए काम करना भी अच्छा लगा। यह उनकी पहली फिल्म थी, मजे की बात है यह पीटर की भी पहली फिल्म थी। जिस साल उन्होंने डेनिस पीटर के साथ काम किया उसी साल उन्होंने अपनी पहली फिल्म की सिनेमाटोग्राफी की थी और दोनों फिल्मों केलिए उन्हें पुरस्कृत किया गया।
इसी साल उन्हें सोसायटी की सदस्यता के लिए आमंत्रित किया गया था। वे इन निर्देशकों की प्रशंसक हैं। टीवी निर्देशकों में वे एंडी विल्सन की प्रशंसक थीं।
एविनिंग स्टैंडर्ड ब्रिटिश फिल्म अवॉर्ड के अलावा सू गिब्सन को 1999 में आइरिश फिल्म एंड टेलिविजन का बेस्ट क्राफ्ट कॉन्ट्रिब्यूशन हेतु ‘अमंगस्ट वीमेन’ के लिए, ‘डेथ इन पैराडाइज’ (लाइटिंग डिजाइन टेलिविजन ड्रामा केलिए) 2016 का नाइट ऑफ इलुमिनेशन प्राप्त हुआ।
‘अमंगस्ट वीमेन’ केलिए फिल्मांकन करते हुए उन्हें बहुत मजा आया। इसके पूर्व 2010 में उन्हें द ड्ब्ल्यूआईएफटीएस फाउंडेशन इंटरनेशनल विजनरी का द सिनेमाटोग्राफर अवॉर्ड मिला था। उसके भी पहले 2005 में उन्हें वीमेन इन फिल्म कॉन्ट्रिब्यूशन टू द मीडियम केलिए भी पुरस्कृत किया गया था। उन्होंने कई कमर्शियल केलिए भी फोटोग्राफी की। यहां भी उन्हें तत्काल सफलता मिली।
उन्होंने अक्मर्शियल दुनिया के कई दिग्गजों के साथ काम किया, इनमें डेविड बैली एवं मैंडी फ्लेचर शामिल हैं, यहां भी उन्हें लॉयन डी’ओर जैसा पुरस्कार मिला। 27 जुलाई को वे कैंसर से गुजर गईं।
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