राज और नीति: नरेंद्र सिंह तोमर की सक्रियता के मायने क्या?
मध्य प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही में हलचल बढ़ी है। नरेंद्र सिंह तोमर की सक्रियता, दिल्ली में नेताओं की मुलाकातें, 1993 बैच के आईएएस अधिकारियों की तिकड़ी, कांता राव की नई जिम्मेदारी और नितिन नवीन की टीम में संभावित नेताओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
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मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इन दिनों फिर से सक्रिय नजर आ रहे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हुई। दो दिवसीय दिल्ली यात्रा के दौरान तोमर ने कई केंद्रीय मंत्रियों से भी भेंट की। इसी दौरान दिल्ली में कई नेताओं ने भी उनसे मुलाकात की, जिनमें मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वीडी शर्मा भी शामिल हैं।
देखा जाए तो दतिया उपचुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां दिल्ली में तेज हो गई हैं। सबसे पहले केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इसके बाद वीडी शर्मा की प्रधानमंत्री और अमित शाह से भेंट हुई, वहीं कैलाश विजयवर्गीय की अमित शाह के साथ लंबी चर्चा हुई। भोपाल में कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल की मुलाकात ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को हवा दी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अंदर ही अंदर कुछ बड़ा पक रहा है?
1993 बैच के आईएएस अधिकारियों की चर्चित तिकड़ी
मध्य प्रदेश की नौकरशाही में इस समय भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1993 बैच के तीन अधिकारियों की तिकड़ी काफी चर्चा में है। ये तीनों अधिकारी मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाते हैं। इनमें मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य एवं जनसंपर्क विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन शामिल हैं। नौकरशाही में चर्चा है कि मुख्यमंत्री इन तीनों अधिकारियों को सबसे अधिक महत्व देते हैं। वहीं, मध्य प्रदेश कैडर के 1993 बैच की एक अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी भी इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में उन्हें केंद्र सरकार में उच्च शिक्षा सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी मिली है, जिसकी चर्चा मध्य प्रदेश और दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों में हो रही है।
क्यों घटा कांता राव का कद?
मध्य प्रदेश कैडर के 1992 बैच के आईएएस अधिकारी वी.एल. कांता राव को केंद्र सरकार में हाल ही में हुए फेरबदल के दौरान गृह मंत्रालय के अंतर्गत अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण माने जाने वाले राजभाषा विभाग का सचिव बनाया गया है। डीओपीटी द्वारा जारी आदेश के अनुसार फिलहाल उन्हें ओएसडी नियुक्त किया गया है। वे 30 सितंबर को अंशुली आर्य के सेवानिवृत्त होने के बाद सचिव का कार्यभार संभालेंगे।
यानी अगले लगभग डेढ़ महीने तक उनके पास कोई विशेष प्रशासनिक दायित्व नहीं रहेगा। गौरतलब है कि कांता राव पहले इस्पात मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग के सचिव रह चुके हैं। वर्तमान में वे जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन विभाग जैसे सरकार की प्राथमिकता वाले महत्वपूर्ण विभाग में कार्यरत थे। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश कैडर की दो महिला आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी और पल्लवी जैन गोविल को केंद्र में अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। दोनों 1993 बैच की अधिकारी हैं।
नितिन नवीन की टीम में मध्य प्रदेश से कौन होगा?
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम जल्द गठित होने जा रही है। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। मध्य प्रदेश से जिन नेताओं के नाम इस टीम के लिए चर्चा में हैं, उनमें एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान सांसद का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके अलावा एक महिला नेता और अनुसूचित जाति वर्ग के एक वरिष्ठ नेता का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है। मध्य प्रदेश भाजपा की मीडिया टीम से जुड़े एक प्रमुख चेहरे की भी नई टीम में जगह मिलने की चर्चा है।
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