IPL 2025: अश्विनी कुमार की विकेट लेती गेदें देखकर टूट गया प्रीति जिंटा का दिल!
अश्विनी कुमार पंजाब किंग्स के ट्रायल का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें प्रीति जिंटा की टीम ने मौका नहीं दिया। आईपीएल के 18वें सीजन में अब कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस की जीत के हीरो रहे। अश्विनी कुमार ने अपने डेब्यू मैच में न केवल चार विकेट लिए, बल्कि ऐसा करने वाले आईपीएल खिलाड़ियों में वो पहले भारतीय भी बन गए।
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प्रीति जिंटा आज बहुत दुःखी होंगी। उनके दुःख का कारण उनकी पंजाब किंग्स का टीम प्रदर्शन नहीं, बल्कि वो एक गलती है, जिससे अश्विनी कुमार जैसा होनहार खिलाड़ी उनके हाथ ही निकल गया। दरअसल, अश्विनी कुमार पंजाब किंग्स के ट्रायल का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें प्रीति जिंटा की टीम ने मौका नहीं दिया।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 18वें सीजन में अब कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस की जीत के हीरो रहे अश्विनी कुमार ने अपने डेब्यू मैच में न केवल चार विकेट लिए, बल्कि ऐसा करने वाले आईपीएल खिलाड़ियों में वो पहले भारतीय भी बन गए। इससे पहले, सिर्फ विदेशी खिलाड़ियों ने अपने डेब्यू में चार या उससे अधिक विकेट लिए हैं।
अश्विनी कुमार को इस साल मुंबई इंडियंस ने 30 लाख रुपए में खरीदा। हालांकि, अश्विनी कुमार पर चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स की भी नजर थी। अपने होनहार होने का परिचय अश्विनी ने पहली फेंकी गेंद पर ही दे दिया, जिस पर उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अंजिक्य रहाणे का विकेट लिया।
अपना लगातार 18वां सीजन खेल रहे मनीष पांडे तो अश्विनी कुमार की गेंद की लेंथ को समझ नहीं पाए और उनके विकेट उखाड़ गए। कुछ ऐसा ही धुरंधर बल्लेबाज आंद्रे रसेल के साथ भी हुआ। कोलकाता के खतरनाक बल्लेबाज रिंकू सिंह भी अश्विनी का शिकार बने।
अश्विनी कुमार ने तीन ओवर में 24 रन देकर चार विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच बने।
मैच के बाद स्वयं अश्विनी कुमार ने यह खुलासा किया कि वो अपने डेब्यू मैच से पहले बहुत नर्वस थे और उनकी भूख तक मिट गई थी। प्रेशर इतना था कि उन्होंने मात्र एक केला खाकर मैदान में उतारने का फैसला लिया।
मोहाली के गांव झंजेरी के निवासी 23 वर्षीय अश्विनी कुमार ने छोटी उम्र में पिता सतनाम सिंह को खो दिया था। मां सरबजीत कौर ने उनका लालन-पालन किया और उनका क्रिकेटिंग करियर बनाने में मदद की। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया था, जब अश्विनी कुमार का क्रिकेट करियर खत्म होने पर आ गया था।
एक दुर्घटना ने उन्हें साल भर तक मैदान से दूर रखा, लेकिन अपनी लगन और साहस के बल पर अश्विनी कुमार ने दोबारा क्रिकेटर बनने की ठान ली।
छह साल में खेले हैं केवल दो फर्स्ट क्लास मैच
हालांकि, अश्विनी कुमार को अब तक अधिक क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला है। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना पहला मैच पंजाब के लिए राजस्थान के खिलाफ साल 2019 में खेला था। पिछले 6 साल में वो केवल 2 फर्स्ट क्लास मैच खेल पाए हैं। उन्होंने मात्र 4 ए-क्लास मैच खेले हैं। घरेलू टी-20 मुकाबले भी केवल 5 मैच खेले हैं, लेकिन पिछले साल शेर-ए-पंजाब टी-20 टूर्नामेंट में उनकी डेथ ओवर्स में गेंदबाजी ने सबको प्रभावित किया था।
अश्विनी कुमार 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंक सकते हैं। वो बाउंसर, यार्कर और स्लो गेंद फेंकने में माहिर हैं। मुंबई इंडियंस के सबसे काबिल गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इनदिनों स्वास्थ्य कारणों से नहीं खेल रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति में अश्विनी कुमार का यह रूप निश्चित रूप से मुंबई इंडियंस के बेहद काम आने वाला है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सेलेक्टर्स की नजर भी इस युवा गेंदबाज पर पड़ेगी। अश्विनी कुमार का प्रदर्शन यूं ही बना रहा तो जल्द वह नीली जर्सी में टीम इंडिया के लिए खेलते हुए नजर आएंगे।
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