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दूसरा पहलू: अंतरिक्ष हर पल बदल रहा, आसमान में दिख रही शांति एक भ्रम के सिवा कुछ नहीं
वासिली बेलोकुरोव
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 16 Jun 2026 07:28 AM IST
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चाहे समय कोई भी हो या आप कहीं से भी देखें, नवपाषाण काल की गुफाओं से लेकर आधुनिक शहरों की ऊंची इमारतों तक, रात का आसमान हमेशा से ही इन्सानों के लिए स्थिरता और भरोसे का प्रतीक रहा है। पर, आसमान में दिख रही यह शांति असल में एक भ्रम के सिवाय कुछ नहीं।हमारी आकाशगंगा मिल्की-वे वास्तव में उथल-पुथल, टक्करों व निरंतर परिवर्तन की उपज है। इसका इतिहास अनेक विलयों और टक्करों से भरा हुआ है। सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण वे प्रवासी तारे हैं, जिनका जन्म मिल्की वे में नहीं हुआ था। स्थानीय तारे सामान्यतः आकाशगंगा की डिस्क के साथ एक दिशा में घूमते हैं, जबकि ये प्रवासी तारे असामान्य कक्षाओं में चलते हुए भीतरी और बाहरी क्षेत्रों के बीच लगातार यात्रा करते रहते हैं। प्रवासी तारों के अध्ययन से एक विशाल प्राचीन टक्कर का पता चला, जिसे गैया-सॉसेज-एनसेलाडस कहा गया। लगभग आठ से 11 अरब वर्ष पहले हुई इस घटना में एक बौनी आकाशगंगा मिल्की वे से टकराई और उसमें विलीन हो गई। इस टक्कर ने केवल बाहरी संरचना ही नहीं बदली, बल्कि आकाशगंगा की डिस्क, उसके तारागुच्छों व उसके डार्क मैटर वाले हिस्से पर भी गहरा प्रभाव डाला। डार्क मैटर इस कहानी का केंद्रीय पात्र है। यह अदृश्य पदार्थ आकाशगंगाओं को गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से बांधे रखता है, फिर भी इसकी वास्तविक प्रकृति आज भी रहस्य बनी हुई है। मिल्की वे के चारों ओर फैला इसका विशाल क्षेत्र आकाशगंगा के दृश्य भाग से कहीं अधिक बड़ा है।
आधुनिक सर्वेक्षणों और विभिन्न अंतरिक्ष मिशनों के जरिये पता चला है कि यह डार्क मैटर पहले की कल्पना से कहीं अधिक जटिल और गतिशील है। अब हमारी पड़ोसी आकाशगंगा, लार्ज मैजेलैनिक क्लाउड, अपने गुरुत्वाकर्षण से मिल्की वे को प्रभावित कर रही है। उसका आकर्षण डार्क मैटर के क्षेत्र को विकृत कर रहा है और पूरी आकाशगंगा को धीरे-धीरे अपनी ओर खींच रहा है। यह प्रक्रिया हमें याद दिलाती है कि ब्रह्मांड में स्थिरता केवल एक भ्रम है, जबकि परिवर्तन ही वास्तविकता है। यह सब रात के आकाश की सुंदरता को कम करने के बजाय उसे और गहरा बना देता है। मिल्की वे पहले भी टूटी है, फिर से बनी है और अब एक बार फिर बाहरी प्रभावों से विचलित हो रही है। इसके तारे अतीत को संजोए हुए हैं और उनकी गतियां भविष्य की झलक देती हैं।
- द कन्वर्सेशन