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ओंकारेश्वर झूला पुल: दो दिन बाद भक्तों के लिए फिर खुला झूला पुल, भीड़ का एक जगह रुकना अब भी खतरनाक

Fri, 26 Jun 2026 05:31 PM IST
Dinesh Sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर Published by: Dinesh Sharma Updated Fri, 26 Jun 2026 05:31 PM IST
सार

दो दिन बंद रहने के बाद ओंकारेश्वर-ममलेश्वर झूला पुल शुक्रवार से श्रद्धालुओं के लिए फिर खोल दिया गया। क्षतिग्रस्त सस्पेंशन हुक बदलने के बाद मरम्मत पूरी हुई। हालांकि विशेषज्ञों ने भीड़ नियंत्रण और नियमित तकनीकी जांच पर जोर दिया। प्रशासन ने पुल पर सेल्फी, अनावश्यक भीड़ और अधिक भार से बचने की अपील की है।

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MP News Omkareshwar Jhula Bridge Reopens for Devotees Two Days After Repair Work
ओंकारेश्वर का झूला पुल भक्तों के लिए फिर से खोल दिया गया है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर को ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से जोड़ने वाले ऐतिहासिक झूला पुल पर दो दिन बाद शुक्रवार से पुनः पैदल आवागमन शुरू कर दिया गया। पुल का एक सस्पेंशन हुक क्षतिग्रस्त होने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से बुधवार को इसे बंद कर दिया गया था। इसके बाद एनएचडीसी एवं तकनीकी एजेंसी ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य करते हुए क्षतिग्रस्त हुक को बदलकर आवश्यक तकनीकी सुधार किए। गुरुवार को ही पुल खोलने की तैयारी थी, लेकिन लगातार बारिश और फिसलन के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एक दिन और प्रतीक्षा करना उचित समझा। मौसम सामान्य होने तथा तकनीकी परीक्षण संतोषजनक पाए जाने के बाद शुक्रवार से पुल पर पैदल आवागमन पुनः प्रारंभ कर दिया गया।
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पुल खुलने से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों तथा प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों के साथ हजारों श्रद्धालुओं को राहत मिली। दो दिनों तक पुल बंद रहने से लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा, जिससे समय और दूरी दोनों बढ़ गए थे। हालांकि पुल चालू होने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर प्रश्न उठने लगे हैं।
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ये भी पढ़ें- ओंकारेश्वर झूला पुल: आखिर क्यों टूट रहे पुल की रॉड-सस्पेंशन हुक? कितने दिन में होगी मरम्मत और कब होगा पुल शुरू
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ओंकारेश्वर के झूला पुल पर सेल्फी लेते दिखे लोग - फोटो : अमर उजाला
भीड़ को एक जगह रुकने से रोकना जरूरी
एनएचडीसी ओंकारेश्वर बांध परियोजना के प्रमुख धीरेंद्र द्विवेदी ने पूर्व में सुझाव दिया था कि पुल पर एक समय में सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाए तथा किसी भी व्यक्ति को सेल्फी लेने या समूह बनाकर अधिक देर तक पुल पर रुकने से रोका जाए, ताकि अनावश्यक भार न बढ़े। लेकिन पुल खुलने के बाद दोनों ओर पर्याप्त सुरक्षा कर्मी अथवा भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था दिखाई नहीं दी। श्रद्धालुओं को सुरक्षा संबंधी निर्देश देने और नियमों का पालन कराने के लिए भी कोई विशेष व्यवस्था नजर नहीं आई।

गौरतलब है कि वर्ष 2023 और अब 2026 में सस्पेंशन प्रणाली से जुड़े हुक क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो गया है कि केवल मरम्मत तक ही सीमित न रहकर पुल का नियमित तकनीकी निरीक्षण, समय-समय पर संरचनात्मक परीक्षण तथा भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, विशेषकर सावन, महाशिवरात्रि और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान, जब प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु इस पुल से आवागमन करते हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे पुल पर अनावश्यक भीड़ , नहीं लगा एक साथ एकत्रित होकर पुल पर खड़े नहीं हो  तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

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ओंकारेश्वर का झूला पुल पर फोटो के लिए लोग एक जगह रुक रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं
ओंकारेश्वर नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष माया भाई चौहान ने प्रशासन से मांग की है कि पुल को पूरी तरह सुरक्षित रखना है तो मंदिर ट्रस्ट स्थानीय प्रशासन दोनों कोनों पर सुरक्षाकर्मी तैनात करें। बीच में भी लोग रहें ताकी जनहित की सूचना दी जाए।

ओंकारेश्वर नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष नाथू सिंह दरबार ने कहा कि एनएचडीसी ओंकारेश्वर बांध परियोजना के प्रमुख धीरेंद्र द्विवेदी ने जो प्रशासन को सुझाव दिए, उस पर अमल होना चाहिए नहीं तो किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना घटेगी। पुल के चालू होते ही कई लोग सेल्फी एवं फोटो लेते हुए नजर आए, इस प्रकार से एकत्रित भीड़ को रोकना होगा तभी पुल लंबे समय तक सुरक्षित रह पाएगा। 

इंदौर के विशेषज्ञ करेंगे जांच
सबसे बड़ी बात यह है कि 2023 में इसी प्रकार टूटा था तब उसकी मरम्मत एवं संपूर्ण जांच करवाने में प्रशासन को चार महीने का समय लगा था। अब इतने कम समय में जल्दबाजी में पुल को शुरू तो करवा दिया है, लेकिन इंदौर से इंजीनियरों की विशेषज्ञ द्वारा जांच करना अभी बाकी है। 
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