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अब हर दिन आपका है: बोझ से मुक्त होकर जीने की असीमित आजादी देती है वृद्धावस्था
Fri, 26 Jun 2026 07:19 AM IST
Devesh Tripathi
आड्री हेपबर्न
आड्री हेपबर्न
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 26 Jun 2026 07:19 AM IST
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वृद्धावस्था एक खूबसूरत आजादी
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अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
जब लोग मुझसे पूछते हैं कि ग्लैमर की आलीशान दुनिया से दूर, उम्र के इस पड़ाव (वृद्धावस्था) पर आकर मुझे कैसा लगता है, तो मैं बस धीरे से मुस्कुरा देती हूं। सच तो यह है कि आज आईने में अपना चेहरा देखकर मुझे युवावस्था की चकाचौंध से कहीं अधिक सुकून और गर्व महसूस होता है। मैंने देखा कि लोग उम्र थामने व चेहरे की झुर्रियां खत्म करने के लिए न जाने कितने जतन करते हैं। पर, मेरे लिए झुर्रियां ढलती हुई उम्र की नहीं, बल्कि उन आंसुओं, जागी रातों और बेबाक मुस्कुराहटों के खूबसूरत निशान हैं, जिन्होंने मुझे एक मुकम्मल इन्सान बनाया। इन्हें छिपाना भला अपनी ही आलीशान कहानी को मिटाने जैसा नहीं है?कैमरों और रेड कार्पेट को छोड़कर जब मैं यूनिसेफ के साथ अफ्रीका व एशिया के धूल भरे रास्तों पर निकली और भूखे, बेसहारा बच्चों को अपनी बांहों में समेटा, तब मुझे जिंदगी का असली फलसफा समझ आया। मुझे समझ आया कि युवावस्था अक्सर खुद को साबित करने, नाम कमाने और दुनिया की उम्मीदों पर खरा उतरने की अंधी दौड़ में गुजर जाती है। पर, वृद्धावस्था आपको किसी भी बोझ से मुक्त होकर पूरी दुनिया के लिए जीने की असीमित आजादी देती है।
मैंने जिंदगी के इस लंबे, खूबसूरत सफर से एक अनमोल सबक सीखा है। इस पड़ाव पर आकर आपको एहसास होता है कि ऊपर वाले ने आपको दो हाथ क्यों दिए थे-एक हाथ खुद को संभालने और दूसरा किसी बेसहारा, मजलूम का हाथ थामने या किसी रोते हुए को हंसाने के लिए। यकीन मानिए, जब आप अपनी उम्रदराज उंगलियों को किसी मजबूर की मदद के लिए आगे बढ़ाते हैं, तो आपकी हथेलियों की लकीरें ब्रह्मांड की सबसे खूबसूरत कलाकृति बन जाती हैं। सच्ची सुंदरता वह नहीं है, जिसे महंगे कॉस्मेटिक्स या सर्जरी से जबरन रोककर रखा जाए; बल्कि उम्र के आखिरी पड़ाव पर किसी को नि:स्वार्थ प्यार देने से आंखों में दीये की तरह जगमगाता नूर है।
वृद्धावस्था आपके जीवन का वह सुनहरा और परिपक्व अध्याय है, जहां आपकी रूह अपने सबसे खूबसूरत, शांत और चमकदार शिखर पर होती है। यह कोई अभिशाप नहीं, बल्कि ईश्वर का दिया हुआ सबसे हसीन तोहफा है।