सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Politics and Policy: Mohan's cabinet reshuffle postponed again

राज और नीति : फिर टला मोहन मंत्रिमंडल का पुनर्गठन

Suresh Tiwari सुरेश तिवारी
Updated Fri, 03 Apr 2026 06:01 AM IST
विज्ञापन
सार

मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल फिलहाल टल गया है। सीएम मोहन यादव की चर्चा के बावजूद फैसला अब पांच राज्यों के चुनाव के बाद, संभवतः मई में लिया जाएगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि नए चेहरों को शामिल और कुछ मंत्रियों को हटाने की योजना है।

Politics and Policy: Mohan's cabinet reshuffle postponed again
राज और नीति: प्रदेश की सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से मंत्रिमंडल विस्तार और पुनर्गठन की चल रही चर्चा पर अब विराम सा लग गया है। सूत्रों के अनुसार अब इस पर पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। यानी, विस्तार अब मई महीने तक टल गया है। सियासी गलियारों में चल रही चर्चा पर भरोसा किया जाए तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल कर कुछ चेहरों को हटाना चाहते हैं और कुछ नए चेहरों को शामिल करना चाहते हैं। इस संबंध में अपनी दिल्ली यात्राओं के दौरान वे कई बार हाईकमान से चर्चा भी कर चुके हैं, लेकिन हर बार किसी ने किसी राजनीतिक कारण से मंत्रिमंडल में फेरबदल नहीं हो पा रहा है। पता चला है कि अब उन्हें कहा गया है कि पांच राज्यों के चुनाव के बाद इस पर विचार किया जाएगा।
Trending Videos


इसे कहते हैं समय का फेर 
कुछ साल पहले दतिया विधानसभा चुनाव को लेकर वहां के तत्कालीन विधायक और भाजपा के कद्दावर नेता, तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पेड न्यूज से जुड़े न्यायालयीन मामलों को लेकर परेशान थे। समय का फेर देखिए कि विधानसभा में उनके प्रतिद्वंद्वी यानी कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती अब न्यायालय के निर्णय से संकट में हैं। उनकी विधायकी खतरे में पड़ गई है। दिल्ली की एमएलए-एमपी कोर्ट ने 25 साल पुराने एफडी भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 3 साल की सजा सुनाई है। दो साल से ज्यादा सजा के निर्णय के बाद चुनाव आयोग विधायक की कुर्सी को खाली करने के आदेश दे सकता है। यदि चुनाव होते हैं तो निश्चित ही नरोत्तम प्रबल दावेदार होंगे, क्या पता किस्मत की चाबी का ताला अब इसी से खुलने वाला हो! राजेंद्र भारती हालांकि, इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे, लेकिन इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्यों अटकी है कलेक्टरों की तबादला सूची
प्रदेश में पिछले करीब डेढ़ माह से कलेक्टरों के तबादले को लेकर सियासी और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का दौर जारी है। कई बार तो यहां तक कहा गया कि आज या कल में ही सूची जारी हो जाएगी, लेकिन वह दिन पिछले डेढ़ माह में अभी तक तो नहीं आया है। अब कहा गया है कि लगातार त्योहारों और वित्त वर्ष के अंत के कारण यह सूची रोकी गई है। दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के चार महत्वपूर्ण बड़े जिलों ग्वालियर, भोपाल, सागर और इंदौर के कलेक्टरों के नाम पर सरकार में वरिष्ठ स्तर पर एक राय नहीं होने से सूची जारी नहीं हो पाई है। एक दो जिले में राजनीतिक कारण भी बताए जा रहे हैं, जिसके कारण सूची अभी तक मूर्त रूप नहीं ले सकी है। बहरहाल अब पता लगा है कि सूची लगभग फाइनल हो गई है और अगर अब कोई और अड़ंगा या नई बात नहीं हुई तो सूची शनिवार-रविवार को जारी हो सकती है।

हटाए गए उड्डयन मंत्रालय महानिदेशक
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय में महानिदेशक के पद पर पिछले सवा साल से कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्य प्रदेश कैडर के 1996 बैच के आईएएस अधिकारी फैज अहमद किदवई को सरकार ने अंततः हटा दिया। सरकार ने उन्हें अब कम महत्वपूर्ण पद डीओपीटी में एडिशनल सेक्रेटरी नियुक्त किया है। फैज अहमद की गिनती एक कार्यकुशल और परिणाम देने वाले अधिकारी की रही है। कहा जा रहा है कि देश में विमान सेवाओं को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही परेशानियों और समस्याओं को देखते हुए उन्हें हटाया गया। यह भी देखना दिलचस्प होगा कि अगले साल वे सचिव स्तर पर पदोन्नत होंगे तब सरकार उन्हें कहां पदस्थ करेगी।

अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed