फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Raj and Niti: Speculation about cabinet reshuffle ends, Riti Pathak also has to give clarification

राज और नीति: मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों पर विराम, रीति पाठक को भी देनी पड़ी सफाई

Fri, 03 Jul 2026 05:36 AM IST
Suresh Tiwari सुरेश तिवारी
Updated Fri, 03 Jul 2026 05:36 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल के संभावित फेरबदल की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। केंद्रीय स्तर की राजनीतिक गतिविधियों के बीच राज्य में जल्द बदलाव की संभावना नहीं दिख रही। भाजपा विधायक रीति पाठक ने मंत्री बनाए जाने संबंधी सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को भ्रामक और मनगढ़ंत बताया है।

विज्ञापन
Raj and Niti: Speculation about cabinet reshuffle ends, Riti Pathak also has to give clarification
राज और नीति : मप्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चल रही सियासी अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल की चर्चा और प्रदेश के राजनीतिक माहौल को देखते हुए मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल में शीघ्र कोई फेरबदल होगा ऐसा लगता नहीं है। इसी बीच पूर्व सांसद और सीधी की भाजपा विधायक रीति पाठक ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें मंत्री बनाए जाने संबंधी अटकलों को भ्रामक और मनगढंत बताकर खारिज कर दिया है। पाठक ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि ऐसी मनगढ़ंत अफवाहें फैलाने वालों से उनका कोई संबंध नहीं है।
विज्ञापन


क्या सुबुद्धि दूसरी बार बनेंगे सलाहकार?
जंगल महकमे में चर्चा है कि 1992 बैच के सेवानिवृत आईएफएस यूके सुबुद्धि दूसरी मर्तबा वन विकास निगम के वित्तीय सलाहकार बन सकते हैं। यह चर्चा निगम के अध्यक्ष राम निवास रावत के लिखे पत्र से जोर पकड़ने लगी है। रावत ने निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान को पत्र लिखकर यूके सुबुद्धि को पुन: निगम का सलाहकार बनाने की सिफारिश की है। बता दें कि वन विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के कार्यकाल के दौरान सुबुद्धि को पहली बार सलाहकार बनाया गया था। सुबुद्धि का 1 वर्ष का कार्यकाल गत 10 मार्च को पूर्ण हो चुका है। पता चला है कि पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत को वन विकास निगम का अध्यक्ष बनने के बाद एक बार फिर से सुबुद्धि को सलाहकार बनाने की कोशिश शुरू हो गई है। वन विभाग में चर्चा है कि पहले एक साल के कार्यकाल में बतौर सलाहकार उनकी कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं रही। बताया गया है कि वैसे भी इन दिनों निगम वित्तीय संक्रमण काल से गुजर रहा है। उस पर सरकार ने निगम के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खर्चो का बोझ डाल दिया है। ऐसे में सुबुद्धि को फिर से सलाहकार नियुक्त किया जाएगा, इसको लेकर संशय व्यक्त किया जा रहा है।
विज्ञापन


खरगोन की कलेक्टर भव्या मित्तल अध्ययन अवकाश पर
भारतीय प्रशासनिक सेवा में 2014 बैच की अधिकारी खरगोन की कलेक्टर भव्या मित्तल अध्ययन अवकाश पर 2 वर्ष के लिए विदेश जा रही हैं। लोक प्रशासन के अध्ययन हेतु अमेरिका की आईवी लीग यूनिवर्सिटी प्रिंसटन के स्कूल ऑफ पब्लिक एंड इंटरनेशनल अफेयर्स में मास्टर्स इन पब्लिक अफेयर्स के दो वर्षीय कोर्स के लिए उनका चयन हुआ है। इस यूनिवर्सिटी में विश्व के कई देशों के नौकरशाह अध्ययन के लिए जाते हैं। वे लोक प्रशासन के विशेषज्ञों से कुछ नया सीख कर वापस लौटते हैं। बताया गया है कि मास्टर्स इन पब्लिक अफेयर्स कोर्स में करीब 60 विद्यार्थी एक साथ अध्ययन करते हैं। इनमें भारत के अलावा अर्जेंटीना, फ्रांस, नेपाल, अमेरिका, इस्राइल आदि देशों के भी नौकरशाह एक दूसरे के अनुभव साझा करते हैं। भव्या मित्तल के बारे में यह कहा जा सकता है कि 12 वर्ष तक ग्रामीण और क्षेत्रीय अनुभव के बाद यह वैश्विक मंच उन्हें नया अनुभव देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मातृभक्त आईएएस संजय जाजू तेलंगाना के मुख्य सचिव
भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1992 बैच के आईएएस अधिकारी संजय जाजू हाल ही में तेलंगाना के मुख्य सचिव बनाए गए हैं। संजय जाजू मूलतः भोपाल के रहने वाले हैं और यहीं पले और बढ़े हैं। उनकी शिक्षा भी भोपाल में ही हुई है। उनके पिता तो नहीं रहे, लेकिन मां अभी भी भोपाल में ही रहती हैं। मातृभक्त संजय अपनी मां से मिलने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। हाल ही में तेलंगाना के मुख्य सचिव नियुक्त होने का आदेश जारी होने के बाद वे सबसे पहले अपनी मां का आशीर्वाद लेने दिल्ली से विशेष रूप से भोपाल आए। संजय के बारे में बताया गया है कि वे पिछले 14 साल से दिल्ली में थे और अपनी मां से मिलने के लिए दिल्ली से भोपाल लगातार आते रहते थे। कई बार तो महीने में दो बार तक भोपाल आते थे।

अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed