😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
Hindi News
›
Columns
›
Opinion
›
india new zealand free trade agreement economic partnership trade investment opportunities
{"_id":"69f00ac1a5f737e9f803a716","slug":"india-new-zealand-free-trade-agreement-economic-partnership-trade-investment-opportunities-2026-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"संबंधों का नया दौर: भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से खुले नए अवसर, व्यापार-निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा","category":{"title":"Opinion","title_hn":"विचार","slug":"opinion"}}
संबंधों का नया दौर: भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से खुले नए अवसर, व्यापार-निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 28 Apr 2026 06:47 AM IST
भारत व न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता आवागमन, निवेश और पारस्परिक संबंधों को जोड़कर एक व्यापक साझेदारी की दिशा में मील का पत्थर है। इससे श्रम गहन क्षेत्रों को फायदा होगा और किसानों, पेशेवरों व छोटे व्यापारियों के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
भारत-न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता
- फोटो :
अमर उजाला प्रिंट
ऐसे समय में, जब पश्चिम एशिया में तनाव सहित वैश्विक अनिश्चितताएं व्यापार प्रवाह को बाधित कर रही हैं, भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से जहां भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है, वहीं द्विपक्षीय व्यापार तथा निवेश को बढ़ावा देने से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों की नई शुरुआत भी होगी। गौरतलब है कि न्यूजीलैंड में करीब तीन लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के लिए मजबूत कड़ी हैं। रिकॉर्ड नौ महीने के भीतर संपन्न हुए इस समझौते का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके पांच अरब डॉलर तक पहुंचाना है। यह विनिर्माण, अवसंरचना, सेवाओं, नवाचार और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से भारत में अनुमानित 20 अरब डॉलर के निवेश का भी रास्ता खोलेगा। इसके अलावा, भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजारों में बिना किसी शुल्क के प्रवेश का अवसर मिलेगा। इसी तरह बदले में भारत ने भी न्यूजीलैंड से आने वाले 95 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ में छूट दी है या उसे कम कर दिया है। इस समझौते में वस्तुओं का व्यापार, मूल नियम, सेवाएं, सीमा शुल्क एवं व्यापार सुगमता, एसपीएस, टीबीटी, व्यापार उपाय, विवाद निपटान और कानूनी प्रावधान शामिल हैं। सबसे बड़ी बात है कि किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के हितों की रक्षा के लिए भारत ने दुग्ध, पशु उत्पाद, सब्जियां, चीनी, तांबा और एल्युमीनियम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में कोई शुल्क रियायत नहीं दी है। समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने प्रतिवर्ष 5,000 भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है, जिससे उन्हें तीन साल तक वहां रहने की अनुमति मिलेगी। इसमें आईटी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और निर्माण सहित कई तरह के व्यवसाय शामिल होंगे। साथ ही, योग प्रशिक्षक, आयुष चिकित्सक, रसोइया और संगीत शिक्षक जैसे पारंपरिक पेशे भी शामिल होंगे। यह समझौता व्यापार, आवागमन, निवेश और पारस्परिक संबंधों को जोड़कर शुल्क से परे एक व्यापक साझेदारी की दिशा में मील का पत्थर है। इससे श्रम गहन क्षेत्रों को फायदा होगा और किसानों, पेशेवरों व छोटे व्यापारियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। इससे भारत को एक उच्च-आय और नियम-आधारित प्रशांत क्षेत्र के बाजार तक पहुंच मजबूत करने में मदद मिलेगी तथा उसकी हिंद-प्रशांत आर्थिक रणनीति को समर्थन भी। यह समझौता भारत के विकसित देशों के साथ प्रगाढ़ होते आर्थिक संबंधों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X