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T20 World Cup: बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने भारत में खेलने की इच्छा जताई थी, पर BCB-सरकार का फैसला पहले से था तय!
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 23 Jan 2026 01:51 PM IST
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सार
बांग्लादेश क्रिकेट में टी20 विश्व कप 2026 को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खिलाड़ियों को भारत नहीं भेजने का फैसला बिना सहमति के सुनाया गया। लिटन दास और शांतो भारत जाने के पक्ष में थे, मगर बीसीबी ने सुरक्षा कारण बताए। कई खिलाड़ियों का आरोप है कि यह निर्णय राजनीतिक था और आईसीसी के साथ संबंध बिगड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। अब आईसीसी स्कॉटलैंड को विकल्प के रूप में देखने की तैयारी में है।
बांग्लादेश की टीम
- फोटो : instagram
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विस्तार
बांग्लादेश क्रिकेट में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस विवाद में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश सरकार एक तरफ और बांग्लादेश के खिलाड़ी दूसरी तरफ हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारत न जाने का फैसला खिलाड़ियों की सहमति से नहीं, बल्कि एकतरफा तरीके से सुनाया गया।
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों को पूछा नहीं बल्कि सूचित किया गया कि बांग्लादेश भारत नहीं जाएगा और विश्व कप में भाग नहीं लेगा। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय में भी सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि यह आईसीसी के एक बड़े टूर्नामेंट से सीधे हटने जैसा है। फैंस ने इसे शर्मनाक बताया है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश सरकार ने अपने स्वार्थ के आगे खिलाड़ियों की एक न चलने दी।
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क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों को पूछा नहीं बल्कि सूचित किया गया कि बांग्लादेश भारत नहीं जाएगा और विश्व कप में भाग नहीं लेगा। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय में भी सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि यह आईसीसी के एक बड़े टूर्नामेंट से सीधे हटने जैसा है। फैंस ने इसे शर्मनाक बताया है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश सरकार ने अपने स्वार्थ के आगे खिलाड़ियों की एक न चलने दी।
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बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल और बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम
- फोटो : Twitter
लिटन दास और शांतो ने जताई थी भारत जाने की इच्छा
बैठक में बांग्लादेश टी20 कप्तान लिटन दास और टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने कथित तौर पर भारत जाने के पक्ष में बात रखी। मगर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा का हवाला देकर अपने रुख से पीछे हटने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट में दावा है कि खिलाड़ियों को पिछली घटनाओं और संभावित खतरों का हवाला दिया गया। रिपोर्ट में एक खिलाड़ी के हवाले से कहा गया, 'बैठक हमें सहमति के लिए नहीं बल्कि जानकारी देने के लिए बुलाई गई थी… उन्होंने पहले ही फैसला कर लिया था।'
बैठक में बांग्लादेश टी20 कप्तान लिटन दास और टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने कथित तौर पर भारत जाने के पक्ष में बात रखी। मगर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा का हवाला देकर अपने रुख से पीछे हटने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट में दावा है कि खिलाड़ियों को पिछली घटनाओं और संभावित खतरों का हवाला दिया गया। रिपोर्ट में एक खिलाड़ी के हवाले से कहा गया, 'बैठक हमें सहमति के लिए नहीं बल्कि जानकारी देने के लिए बुलाई गई थी… उन्होंने पहले ही फैसला कर लिया था।'
बांग्लादेश टीम
- फोटो : ANI
खिलाड़ियों की नाराजगी: फैसला पहले से तय था
खिलाड़ियों के मुताबिक, बैठक से पहले ही फैसला हो चुका था और उनकी राय सिर्फ औपचारिकता के तौर पर सुनी गई। रिपोर्ट में एक खिलाड़ी ने कहा, 'उन्होंने पूछा नहीं। प्लान पहले ही बना लिया था और कहा कि हम नहीं जा रहे। असली बात यह है कि यह सरकार का सीधा आदेश था।' कुछ खिलाड़ियों का यह भी कहना है कि पहले ऐसे फैसलों से पहले उनसे बात होती थी, लेकिन इस बार प्रक्रिया पूरी तरह बदली हुई दिखी।
खिलाड़ियों के मुताबिक, बैठक से पहले ही फैसला हो चुका था और उनकी राय सिर्फ औपचारिकता के तौर पर सुनी गई। रिपोर्ट में एक खिलाड़ी ने कहा, 'उन्होंने पूछा नहीं। प्लान पहले ही बना लिया था और कहा कि हम नहीं जा रहे। असली बात यह है कि यह सरकार का सीधा आदेश था।' कुछ खिलाड़ियों का यह भी कहना है कि पहले ऐसे फैसलों से पहले उनसे बात होती थी, लेकिन इस बार प्रक्रिया पूरी तरह बदली हुई दिखी।
नजमुल शांतो
- फोटो : PTI
भारत-बांग्लादेश के रिश्तों पर भी असर?
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि यह निर्णय सरकार की नीति से जुड़ा हुआ है। दोनों देशों के संबंध बीते समय में उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं और कई विश्लेषक इसे उस संदर्भ में भी देख रहे हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इस बीच आईसीसी से नाइंसाफी की शिकायत की है, जबकि आईसीसी कथित तौर पर स्कॉटलैंड को बांग्लादेश की जगह शामिल करने की तैयारी में है।
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि यह निर्णय सरकार की नीति से जुड़ा हुआ है। दोनों देशों के संबंध बीते समय में उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं और कई विश्लेषक इसे उस संदर्भ में भी देख रहे हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इस बीच आईसीसी से नाइंसाफी की शिकायत की है, जबकि आईसीसी कथित तौर पर स्कॉटलैंड को बांग्लादेश की जगह शामिल करने की तैयारी में है।
लिटन दास
- फोटो : ANI
बीसीबी की दलील और बीसीसीआई से संपर्क का सवाल
खिलाड़ियों को बताया गया कि बीसीसीआई की तरफ से सीधे कोई संवाद नहीं आया है, जो इस फैसले का एक और आधार बताया गया। हालांकि, खिलाड़ियों का तर्क था कि तभी तो संपर्क होना चाहिए था क्योंकि वर्ल्ड कप बिलकुल सामने है। बीसीबी प्रमुख अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाने की कोशिश की, लेकिन खिलाड़ियों के मुताबिक फैसला पहले से तैयार था।
खिलाड़ियों को बताया गया कि बीसीसीआई की तरफ से सीधे कोई संवाद नहीं आया है, जो इस फैसले का एक और आधार बताया गया। हालांकि, खिलाड़ियों का तर्क था कि तभी तो संपर्क होना चाहिए था क्योंकि वर्ल्ड कप बिलकुल सामने है। बीसीबी प्रमुख अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाने की कोशिश की, लेकिन खिलाड़ियों के मुताबिक फैसला पहले से तैयार था।