इंग्लैंड के खिलाफ पहले तीन टेस्ट मैचों के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है। युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। जिन्हें आईपीएल सहित घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन का फायदा मिला है।
वो 5 कारण जिसकी वजह से ऋषभ पंत को पहली बार मिला भारतीय टेस्ट टीम में मौका
ऋषभ को टीम में दिनेश कार्तिक के साथ विशेषज्ञ विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में जगह मिली है। ऋषभ को टीम में दिनेश कार्तिक के साथ विशेषज्ञ विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में जगह मिली है। आइए जानते हैं वो 5 कारण जिसके चलते 20 वर्षीय इस खिलाड़ी पर भारतीय चयनकर्ताओं ने दांव लगाया...
ऋषभ ने 22 प्रथम श्रेणी मैचों में एक तिहरे शतक की मदद से 54.16 की औसत के साथ रन बनाए हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज शतक जड़ने का रिकॉर्ड भी इसी बल्लेबाज के नाम है।
उन्होंने 2016-17 सत्र में मात्र 19 साल की उम्र में महाराष्ट्र के खिलाफ 308 रनों की पारी खेली थी।
21 वर्षीय यह खिलाड़ी वैसे तो पहली बार इंग्लैंड दौरे पर जा रहा है। मगर उन्हें इंग्लैंड के हालात से सामंजस्य बैठाने में परेशानी नहीं होगी, क्योंकि वह एक महीने से भारत-ए के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं।
उन्होंने टाउंटन में वेस्टइंडीज-ए के खिलाफ दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में 71 गेंद में नाबाद 67 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। भारत-ए ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से जीती थी।
मौजूदा दौर में ऋषभ पंत अच्छी लय में हैं। चार टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने वॉरसेस्टर में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ एकमात्र अनौपचारिक टेस्ट की पहली पारी में बुधवार को ही 58 रन की पारी खेली।
हालांकि टीम को हार का मुंह देखना पड़ा, लेकिन पंत ने जिस तरह एक योद्धा की तरह अकेले गेंदबाजों का सामना किया वह काबिल-ए-तारीफ है।
