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IPL चेयरमैन राजीव शुक्ला के करीबी पर सनसनीखेज आरोप, टीम में चयन के लिए कॉल गर्ल की होती थी मांग
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 19 Jul 2018 10:47 PM IST
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बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) ने कहा कि वे उस कथित रिश्वत प्रकरण की जांच करेंगे जिसका खुलासा एक स्टिंग ऑपरेशन में हुआ। बीसीसीई के निलंबित किए जाने के बाद स्टाफकर्मी ने इस्तीफा भी दे दिया है। इस स्टिंग में आरोप लगाया गया था कि आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला के निजी स्टाफ के एक सदस्य ने उत्तर प्रदेश टीम में खिलाड़ियों के चयन के लिए रिश्वत की मांग की।
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एक न्यूज चैनल ने शुक्ला के कार्यकारी सहायक अकरम सैफी और क्रिकेटर राहुल शर्मा की फोन पर हुई कथित बातचीत का प्रसारण किया था, जिसमें एक शख्स जिसे सैफी बताया गया है राज्य टीम में राहुल के चयन को सुनिश्चित करने के लिए 'नगदी और दूसरी चीजों' की मांग कर रहा है।
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शुक्ला फिलहाल उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के सचिव भी हैं। राहुल शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य की टीम में शामिल करने के लिए सैफी ने उनसे घूस की मांग की थी। उन्होंने सैफी पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी जारी करने का आरोप लगाया।
बीसीसीआई ने कहा है कि इस दिशा में एक कमिश्नर की नियुक्ति की जाएगी। कमिश्नर की नियुक्ति के बाद आरोपी सैफी की प्रतिक्रिया की जांच की जाएगी। बीसीसीआई के नियम 32 के अनुसार किसी भी दुर्व्यवहार की जांच कमिश्नर के द्वारा की जाती है। जहां तक बात यूपीसीए की है तो राज्य संघ अपने नियमों के अनुसार फैसला लेगा।
बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना 48 घंटे के अंदर कमिश्नर नियुक्त कर देंगे जो 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट दे देंगे। उसके बाद यह रिपोर्ट बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति के पास जाएगी। सैफी ने सभी आरोपों को खारिज किया है।
अधिकारियों के निजी स्टाफ का पैसा बोर्ड के कोष से
बीसीसीआई ने सैफी से किसी भी तरह से जुड़े होने से इनकार कर दिया। बोर्ड ने हालांकि माना कि सैफी को वेतन उनकी तरफ से दिया जाता है। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'बीसीसीआई सिर्फ अपने प्राधिकारियों के निजी सहायकों के लिए राशि मुहैया करता है। अधिकारी अपने पसंद के कार्यकारी सहयोगी रखने को स्वतंत्र हैं और उनका वेतन हमारे कोष से दिया जाता है। बोर्ड का निजी स्टाफ से कोई लेना देना नहीं है।'
48 : घंटे के अंदर बोर्ड करेगा जांच आयुक्त की नियुक्ति
15 : दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट दे देंगे जांच आयुक्त
'हम इस स्टिंग से जुडे़ सारे मामले की जांच करेंगे। हम चैनल से ऑडियो की मांग करेंगे और इससे जुड़े खिलाड़ी से भी बात करेंगे। जब तब हम इससे जुड़े लोगों से बात नहीं कर लेते, कुछ भी कहना मुश्किल है।' राहुल शर्मा ने कभी भारतीय या राज्य की टीम का प्रतिनिधित्व नहीं किया है।-अजीत सिंह, बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के प्रमुख
'हम किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। यूपीसीए में हम चयन को लेकर काफी पारदर्शिता बरतते हैं। मैं किसी की निजी बातचीत पर प्रतिक्त्रिस्या नहीं दे सकता हूं क्योंकि यह दो लोगों के बीच का मामला है। मैंने राहुल शर्मा की जांच की है और यह पाया कि वह कभी भी राज्य की टीम में शामिल होने का दावेदार नहीं रहा है। उसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।' युद्धवीर सिंह, संयुक्त सचिव यूपीसीए
आरोपों से स्तब्ध हैं कैफ
भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी और उत्तर प्रदेश के कप्तान रहे मोहम्मद कैफ ने कहा कि वह ऐसे आरोपों से स्तब्ध हैं। उन्होंने इसकी जांच की मांग की। उन्होंने ट्वीट किया, 'उत्तर प्रदेश क्रिकेट में भ्रष्टाचार के स्तर से स्तब्ध हूं। युवा खिलाड़ियों से घूस मांग कर उनके कौशल को प्रभावित किया जा रहा है। उम्मीद है कि इसकी निष्पक्ष जांच होगी और युवा खिलाड़ियों को न्याय मिलने के अलावा उत्तर प्रदेश क्रिकेट की प्रतिष्ठा बहाल होगी।' हाल ही में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने वाले कैफ की कप्तानी में उत्तर प्रदेश ने 2005-06 में अपना पहला रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था।

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