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Ben Stokes: क्रिकेट से संन्यास के फैसले पर क्या स्टोक्स को है पछतावा? इंग्लैंड के खिलाड़ी ने दिया स्पष्ट जवाब
Mon, 29 Jun 2026 10:23 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 29 Jun 2026 10:23 PM IST
सार
इंग्लैंड के दिग्गज क्रिकेटर बेन स्टोक्स ने कप्तानी के दबाव और हालिया विवादों के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। 15 साल के करियर को अलविदा कहते हुए स्टोक्स ने कहा कि उन्हें अपने इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है और वे पूरी तरह संतुष्ट हैं।
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बेन स्टोक्स
- फोटो : @englandcricket
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विस्तार
इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला रहा। इसके साथ ही स्टोक्स के 15 साल के लंबे करियर का अंत हो गया। स्टोक्स से जब यह पूछा गया कि क्या वह अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सकते हैं? इस पर इस बल्लेबाज ने स्पष्ट रूप से इनकार किया।
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अचानक संन्यास के फैसले ने चौंकाया
स्टोक्स अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले पर अडिग हैं और उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है। स्टोक्स ने स्पष्ट किया कि अब वह थक चुके हैं। स्टोक्स ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के बीच में ही अचानक संन्यास की घोषणा कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। सोमवार को इंग्लैंड की जर्सी में उनका आखिरी दिन था, जहां न्यूजीलैंड ने 160 रनों से जीत दर्ज कर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। स्टोक्स ने मैच के आखिरी कुछ घंटे इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम की बालकनी से बैठकर देखे।
स्टोक्स से पूछा गया कि क्या वह अगले साल घर पर होने वाली एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड को सोफे पर बैठकर खेलते देख खुश होंगे? इस पर स्टोक्स ने कहा, मैं इस समय हर चीज से बेहद संतुष्ट हूं। यह एक ऐसा फैसला है जिसे आप हल्के में नहीं लेते। इसमें काफी समय लगा है। मैंने अपने करीबी लोगों से बात की है। मैं अब आगे बढ़ चुका हूं और मैं बहुत खुश हूं।
स्टोक्स अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले पर अडिग हैं और उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है। स्टोक्स ने स्पष्ट किया कि अब वह थक चुके हैं। स्टोक्स ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के बीच में ही अचानक संन्यास की घोषणा कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। सोमवार को इंग्लैंड की जर्सी में उनका आखिरी दिन था, जहां न्यूजीलैंड ने 160 रनों से जीत दर्ज कर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। स्टोक्स ने मैच के आखिरी कुछ घंटे इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम की बालकनी से बैठकर देखे।
स्टोक्स से पूछा गया कि क्या वह अगले साल घर पर होने वाली एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड को सोफे पर बैठकर खेलते देख खुश होंगे? इस पर स्टोक्स ने कहा, मैं इस समय हर चीज से बेहद संतुष्ट हूं। यह एक ऐसा फैसला है जिसे आप हल्के में नहीं लेते। इसमें काफी समय लगा है। मैंने अपने करीबी लोगों से बात की है। मैं अब आगे बढ़ चुका हूं और मैं बहुत खुश हूं।
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विवादों के बीच आया संन्यास का फैसला
स्टोक्स का यह फैसला पिछले कुछ हफ्तों के घटनाक्रम के बाद आया। उन्होंने लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड को जीत दिलाई थी, लेकिन उसके बाद वे एक साथी खिलाड़ी के साथ नाइट-आउट पर गए। वहां एक नाइट क्लब में कथित तौर पर इंग्लैंड की सुरक्षा टीम के एक सदस्य को रग्बी क्लब के खिलाड़ी ने टक्कर मार दी थी। इस घटना के बाद, अनुबंध के नियमों के उल्लंघन के कारण स्टोक्स को दूसरे टेस्ट से ड्रॉप कर दिया गया था। जांच पूरी होने के बाद ही वे तीसरे टेस्ट के लिए टीम में लौटे। उन्होंने हालिया घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और स्वीकार किया कि शायद इन वजहों ने भी संन्यास के फैसले में भूमिका निभाई है।
स्टोक्स ने कहा, सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि पिछले छह से 12 महीनों में मुझे लगता है कि जो कुछ भी मैंने लंबे समय से किया है, उसका मुझ पर गहरा असर पड़ा है। कप्तान के रूप में इस भूमिका में रहने के जितने फायदे हैं, यह जितना रोमांचक और सम्मानजनक है इसके कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं। मुझे लगता है कि यह वो दुर्भाग्यपूर्ण पक्ष है जिसे लोग हमेशा नहीं देख पाते।
स्टोक्स का यह फैसला पिछले कुछ हफ्तों के घटनाक्रम के बाद आया। उन्होंने लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड को जीत दिलाई थी, लेकिन उसके बाद वे एक साथी खिलाड़ी के साथ नाइट-आउट पर गए। वहां एक नाइट क्लब में कथित तौर पर इंग्लैंड की सुरक्षा टीम के एक सदस्य को रग्बी क्लब के खिलाड़ी ने टक्कर मार दी थी। इस घटना के बाद, अनुबंध के नियमों के उल्लंघन के कारण स्टोक्स को दूसरे टेस्ट से ड्रॉप कर दिया गया था। जांच पूरी होने के बाद ही वे तीसरे टेस्ट के लिए टीम में लौटे। उन्होंने हालिया घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और स्वीकार किया कि शायद इन वजहों ने भी संन्यास के फैसले में भूमिका निभाई है।
स्टोक्स ने कहा, सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि पिछले छह से 12 महीनों में मुझे लगता है कि जो कुछ भी मैंने लंबे समय से किया है, उसका मुझ पर गहरा असर पड़ा है। कप्तान के रूप में इस भूमिका में रहने के जितने फायदे हैं, यह जितना रोमांचक और सम्मानजनक है इसके कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं। मुझे लगता है कि यह वो दुर्भाग्यपूर्ण पक्ष है जिसे लोग हमेशा नहीं देख पाते।
विवादों से रहा है पुराना नाता
बेन स्टोक्स पिछले 15 वर्षों से इंग्लैंड के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उन्होंने इंग्लैंड को 50 ओवर और टी20 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। साल 2022 से उन्होंने टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली और बैजबॉल युग की शुरुआत की, जिसने टेस्ट क्रिकेट खेलने का तरीका ही बदल दिया। मैदान के बाहर भी वे अक्सर सुर्खियों में रहे, चाहे वह मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उनका रुख रहा हो या 2018 में ब्रिस्टल में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के बाद सड़क पर हुई मारपीट का मामला (जिसमें वे बाद में बेकसूर साबित हुए थे)।
अपने विदाई मैच पर बात करते हुए स्टोक्स ने कहा, मैं इस हफ्ते को मुड़कर देख सकता हूं और थोड़ा खुश हो सकता हूं कि इंग्लैंड के लिए मेरे आखिरी मैच के आसपास भी थोड़ा विवाद था। लेकिन मुझे लगता है कि आप इसे एक खिलाड़ी के रूप में मेरे पूरे सफर से जोड़कर देख सकते हैं। मैं थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा खिलाड़ी रहा हूं।
इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकुलम ने बताया कि उन्होंने स्टोक्स को संन्यास न लेने के लिए मनाने की कोशिश की थी। हालांकि, मैकुलम खुद कोच पद पर बने रहना चाहते हैं। टेस्ट टीम के कोच के रूप में चार साल बिताने के बाद, अब वे इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के भी कोच हैं।
बेन स्टोक्स पिछले 15 वर्षों से इंग्लैंड के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उन्होंने इंग्लैंड को 50 ओवर और टी20 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। साल 2022 से उन्होंने टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली और बैजबॉल युग की शुरुआत की, जिसने टेस्ट क्रिकेट खेलने का तरीका ही बदल दिया। मैदान के बाहर भी वे अक्सर सुर्खियों में रहे, चाहे वह मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उनका रुख रहा हो या 2018 में ब्रिस्टल में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के बाद सड़क पर हुई मारपीट का मामला (जिसमें वे बाद में बेकसूर साबित हुए थे)।
अपने विदाई मैच पर बात करते हुए स्टोक्स ने कहा, मैं इस हफ्ते को मुड़कर देख सकता हूं और थोड़ा खुश हो सकता हूं कि इंग्लैंड के लिए मेरे आखिरी मैच के आसपास भी थोड़ा विवाद था। लेकिन मुझे लगता है कि आप इसे एक खिलाड़ी के रूप में मेरे पूरे सफर से जोड़कर देख सकते हैं। मैं थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा खिलाड़ी रहा हूं।
इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकुलम ने बताया कि उन्होंने स्टोक्स को संन्यास न लेने के लिए मनाने की कोशिश की थी। हालांकि, मैकुलम खुद कोच पद पर बने रहना चाहते हैं। टेस्ट टीम के कोच के रूप में चार साल बिताने के बाद, अब वे इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के भी कोच हैं।